आयुर्वेदिक दवाओं और जड़ी बूटी की जानकारी और बिमारियों को दूर करने के आयुर्वेदिक फ़ार्मूले और घरेलु नुस्खे की जानकारी हम यहाँ आपके लिए प्रस्तुत करते हैं

17 July 2016

मोटापा कम करने का उपाय | How to reduce weight | Motapa kam karne ki dawa



आज आप जानेंगे मोटापा या ओबेसिटी दूर करने का शत प्रतिशत सफल आयुर्वेदिक योग, जिस से आप पेट कम कर मोटापा दूर कर सकते हैं और पतले और छरहरे बन सकते हैं.

मोटापा एक विश्वव्यापी समस्या है जिस से लगभग हर उम्र के लोग परेशान होते हैं. शरीर में फैट या चर्बी बढ़ने की वजह से मोटापा होता है.

आज की लाइफ स्टाइल और खान-पान मोटापा को बढ़ाने का मुख्य कारण है. शारीरिक कार्य कम करना, फ़ास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड का इस्तेमाल मोटापा को बढाता है. ज़्यादा मोटा होना मतलब, बिमारियों को बुलावा देना.
शरीर में चर्बी बढ़ने से सबसे पहले तो पेट निकलता है और कमर का साइज़ बढ़ जाता है. बॉडी सुन्दर नहीं दिखती और देखने में भद्दा लगता है. मोटे लोगों को चलने फिरने के साथ रोज़मर्रा के काम में भी परेशानी होती है.

पत्थरी का घरेलू ईलाज 

मोटे लोगों को कुछ लोग कई तरह के उप नामों से भी पुकारते हैं, जो की ग़लत बात है.
अगर आप एक्सरसाइज करते हैं, योगा करते है तो मोटापे से बच सकते हैं. साथ ही साथ खान-पान पर नियंत्रण रखना चाहिए.

आईये अब जानते हैं मोटापा दूर करने का कारगर घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय-

आपने यू ट्यूब और इन्टरनेट पर मोटापा दूर करने, पेट कम करने के तरह तरह के उपाय देखे होंगे. लोग तरह - तरह के दावे करते हैं कि पांच दिन में इतना kg वज़न कम होगा, पंद्रह दिन में इतना kg वज़न कम होगा वगैरह-वगैरह.

 पर सच्चाई कुछ और होती है. सच तो ये है कि मोतापा दूर करना सबसे मुश्किल काम है. अगर सही उपाय और आयुर्वेदिक शास्त्रीय औषधियों का प्रयोग किया जाये तो कुछ दिनों में मोटापा दूर किया जा सकता है .

साइटिका का ईलाज 

  आज जो मैं यहाँ आयुर्वेदिक योग बताऊंगा वो बड़ा ही कारगर है और परीक्षित है. आपने अजवाइन के बारे में सुना ही होगा. अजवाइन का पानी मोटापा दूर करने में मदद करता है.

रोज़ सुबह ख़ाली पेट अजवाइन का पानी एक ग्लास और इसमें एक चम्मच शहद मिलकर पिने से लाभ होता है. पचास ग्राम अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगो दें और सुबह छान कर शहद मिला कर पी जाएँ. ये तो अजवाइन का पानी इस्तेमाल करने का नार्मल तरीका है.


पर मैं जो लोगों को सलाह देता हूँ वो इस प्रकार है - 

एक बाड़ा जार लीजिये जिसमे कम से कम तीन लीटर पानी आ जाये या इतना पानी आ जाये जितना की आप एक दिन में पीते हैं. इसमें एक सौ ग्राम साफ़ की हुयी अजवाइन डाल दीजिये और रात भर पड़ा रहने दें, अगले दिन सुबह से इसी पानी को पीना है. मतलब जब भी प्यास लगे और जब भी पानी पीने की ज़रूरत हो इस पानी को ही पियें.



रात भर भीगा रहने पर अजवाइन ख़ुद जार के तले में बैठी रहती है, छानने की ज़रूरत नहीं होती. सौ ग्राम अजवाइन का इस्तेमाल दो दिन तक ही करें. अगले दिन फिर नया अजवाइन डालना चाहिए. ये तो हो गया साधारण प्रयोग और आसान सा घरेलू उपाय.

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अब जानते हैं आयुर्वेदिक योग या फार्मूला जिसे थोड़ी मेहनत से बनाया जा सकता है -

इसके लिए आपको चाहिए -

गिलोय, वायविडंग, मुलहठी, बहेड़ा छिल्का और आमला 25-25 ग्राम
बड़ी इलायची और इन्द्र जौ - 10-10 ग्राम

बड़ी हर्रे छिल्का - 50 ग्राम और शुद्ध गुगुल - 200 ग्राम



इन सभी को कूट पिस कर चूर्ण बना लीजिये और एक से डेढ़ ग्राम की मात्रा में सुबह शाम शहद में मिलाकर चाट लें और ऊपर से गर्म पानी पियें.

इसके इस्तेमाल से मोटापा दूर होता है, पेट कम होता है और शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी घट जाती है. किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता. बड़ा ही कारगर फार्मूला है.

(शुद्ध गुगुल या शोधित गुगुल मार्केट में मिल सकता है, जड़ी-बूटी विक्रेता के यहाँ साधारणतः जो गुगुल मिलता है वो शोधित नहीं होता. खाने के लिए शुद्ध गुगुल का ही प्रयोग होता है, अशोधित गुगुल जलाने या हवन करने के काम अत है. गुगुल शुद्ध करने की एक आयुर्वेदिक प्रक्रिया होती है. त्रिफला और गिलोय के क्वाथ में गुगुल को उबाल कर शुद्ध किया जाता है, इसकी पूरी जानकारी के लिए हम से पूछ सकते हैं. बहेड़ा छिल्का और हर्रे छिल्का जो बताया है इसका मतलब बहेड़ा और हर्रे को तोड़ कर इसकी गुठली निकल देना है और फल का मांसल भाग ही इस्तेमाल करना है )

अगर इसे आप नहीं बना सकते तो दुसरे शास्त्रीय योग का इस्तेमाल कीजिये जो मैं आगे बताने जा रहा हूँ .

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अब मैं आपको बताने जा रहा हूँ शास्त्रीय आयुर्वेदिक योग. शास्त्रीय योग वो होते हैं जिनका वर्णन आयुर्वेद की महान किताबों जैसे चरक संहिता, शुश्रुत संहिता, शारंगधर संहिता इत्यादि में ऋषि, महर्षियों ने कीया है. शास्त्रीय योग या फार्मूले कभी फ़ेल नहीं होते, टेस्टेड होते हैं. हज़ारों साल पहले तब भी काम करते थे और और आज भी काम करते हैं.

तो आईये जानते हैं -

इसके लिए आपको इन तीन दवाओं को लेना है.

योगराज गुग्गुल  

त्रिफला गुग्गुल 

और मेदोहर गुग्गुल 

तीनों दो-दो गोली सुबह, दोपहर और शाम गर्म पानी से लेना है. ये जो तीनों गोली है इसे दांत से थोड़ा दबाकर निगलना चाहिए. इसका इस्तेमाल आप लगातार लम्बे समय तक भी कर सकते हैं.

इसका इस्तेमाल तब तक कीजिये जब तक की आपका वज़न नार्मल न हो जाये. बिलकुल सेफ और हानिरहित योग है, कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता और शत-प्रतिशत कारगर है. इसके साथ अगर अजवाइन का पानी भी पियें जल्दी फायदा दिखेगा.

इस आयुर्वेदिक योग के इस्तेमाल से मोटापा तो दूर होता ही है और साथ में शरीर के दुसरे रोग भी दूर हो जाते हैं. ये तीनों गुग्गुल बने बनाये मार्केट में मिल जाते हैं, आयुर्वेदिक कंपनियां इसे बनाती हैं.

तो दोस्तों, अब चिंता न करें. अगर आपको, आपके फॅमिली में किसी को या दोस्तों रिश्तेदारों में किसी को मोटापे की समस्या है तो इसका इस्तेमाल कीजिये.

इसके बारे में कोई भी सवाल हो तो कमेंट से पूछिये.

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आज के लिए इतना ही, दूसरी नयी जानकारी के साथ फिर मिलूँगा. तब तक के लिए बाय - बाय.



परहेज़ :-

दवा के साथ-साथ परहेज़ भी करना चाहिए, तब ही मोटापे की समस्या से जल्दी मुक्ति मिलती है. इन बातों का ख्याल रखें -

 चावल, आलू, आलू चिप्स, शक्कर, फ़ास्ट फ़ूड, जंक फ़ूड, और ऑइली फ़ूड न खाए. रोटी का ही इस्तेमाल करें, और भूक से कम खाएं. खाने के तुरंत बाद पानी न पियें. आधा-एक घंटा बाद पानी पी सकते हैं. सॉफ्ट ड्रिंक्स का भी इस्तेमाल न करें.



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