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07 November 2016

गुलाब के फ़ायदे और घरेलु प्रयोग, गुलाब जल, गुलकन्द कैसे बनायें? Gulab Ke Fayde


गुलाब का फूल अपनी खुशबू , कोमलता और अपने रूप के लिए जाना जाता है 

गुलाब तो अपनी खुशबू फैलाता ही है पर इसके साथ ही इसके कई औषधिये गुण भी हैं 

अक्सर लोग गमले या घर के गार्डन में गुलाब का पौधा लगाते हैं पर सभी लोग नहीं जानते की इसके फूलों को दवाई के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जाये 

इसके फुल की खुशबू लीजिये और जब फूल मुर्झाने लगे तो इसका गुलकन्द बनाकर फ़ायदा लीजिये 

जानकारी के आभाव में इसके फूल मुर्झाने के बाद फेक दिए जाते हैं, जबकि बहुत आसानी से इसका गुलकन्द बनाया जा सकता है 


आईये जानते हैं गुलाब के कुछ घरेलु प्रयोग, गुलकन्द बनाने की विधि और इसके फ़ायदे, गुलाब जल बनाने की विधि और इसके फ़ायदे और अर्क गुलाब बनाने के बारे में 

प्रसिद्ध यूनानी चिकित्सक जालीनुस के अनुसार गुलाब के फूल क्षय रोग में बहुत लाभदायक हैं 

क्षय-रोगी को रोज़ जितने ज़्यादा यह फूल खिलाये जाएँ उतनी जल्दी उसका बुखार, खांसी और कमज़ोरी दूर होती है 

गुलाब के फूलों का लेप करने से सुजन मिटता है 

गुलाब के फूल को डोडी समेत खाने से दांत और मसूड़े मज़बूत होते हैं, मसूड़ों से खून निकालना और पायरिया जैसी प्रॉब्लम दूर होती है 

गुलाब के फूलों को पानी के साथ पीसकर पेट पर लेप करने से लीवर की सुजन और बढ़े हुवे लीवर में फ़ायदा होता है 

गुलाब के फूलों को पीसकर योनी-मार्ग में रखने से ल्यूकोरिया में फ़ायदा होता है, गर्भाशय का दर्द मिटता है और योनी का ढीलापन दूर होता है 

शीघ्रपतन के लिए -

शुद्ध गुलाब के इत्र में कपूर मिलाकर लिंग पर मालिश करें सम्भोग से एक घंटा पहले, इस से स्तम्भन शक्ति बढ़ती है 

खाज खुजली होने पर अर्क गुलाब में निम्बू का रस और चमेली का तेल मिलाकर लगाने से फ़ायदा होता है 

शरीर से ज़्यादा पसीना आता हो तो गुलाब के फूलों को पीसकर शरीर पर मलना चाहिए 

कान दर्द होने पर गुलाब के फूलों का रस कान में डालने से फ़ायदा होता है 

चेहरे की सुन्दरता बढ़ाने और दाग धब्बे दूर करने के लिए - 

गुलाब जल में दही, बेसन, हल्दी पाउडर और संतरे के छिलकों का पाउडर मिलाकर चेहरे पर लगायें 

सुख जाने पर पानी से धो लें, दो महीने तक इस प्रयोग को करने से सारे दाग धब्बे, कील-मुहांसे दूर होकर चेहरे का रंग निखार जाता है 


गुलाब जल में सफ़ेद चन्दन का बुरादा और बादाम पीसकर चेहरे पर लगाने से भी रंग निखरता है और कील मुहांसे दूर होते हैं 

अर्क गुलाब को अर्क गावज़बां में मिलाकर पिने से ह्रदय रोगों में फ़ायदा होता है 

आईये जानते हैं गुलाब से गुलकन्द बनाने इसके फ़ायदे के बारे में -

गुलाब के फूलों से गुलकन्द बनाना बहुत ही आसान है 

इसके लिए गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों को चीनी के साथ मसलकर काँच के जार में डालकर धुप में रखना चाहिए, कुछ ही दिन धुप में रखने से चीनी पिघल जाती है और गुलकन्द तैयार हो जाता है 

अगर आपके घर में ज़्यादा गुलाब के फूल न हों तो रोज़ जितने भी फूल या 2-4 फूल खिलते हों उसे रोज़ चीनी के साथ मसलकर मिलाते जाईये, इस तरह से आप ख़ुद गुलकन्द तैयार कर सकते हैं 

 गुलकन्द के कई सारे फ़ायदे हैं, यह कब्ज़ को दूर करता है, सीने की जलन, एसिडिटी, पेट की जलन, दाह, हार्ट की प्रॉब्लम और हर तरह के पित्त विकारों के लिए लाभकारी है 

गुलकन्द में प्रवाल पिष्टी या प्रवाल भस्म मिलाने से यह बहुत ज़्यादा असरदार बन जाता है 

गुलकन्द के इस्तेमाल से दिमाग को शांति मिलती है और दिल को ठंडक पहुँचती है 

गुलकन्द को 15 से 30 ग्राम तक सुबह शाम पानी या दूध के साथ लेना चाहिए 

अगर आप गुलकन्द नहीं बना सकते तो इसे आयुर्वेदिक मेडिकल से ले सकते हैं, कई सारी कंपनियां इसे बनाती हैं 

गुलाब जल या अर्क गुलाब का इस्तेमाल भी कई तरह से किया जाता है
दवाओं के साथ साथ सौन्दर्य बढ़ाने और मिठाइयों में भी गुलाब जल इस्तेमाल किया जाता है 

यहाँ मैं बताना चाहूँगा की गुलाब जल या अर्क गुलाब दोनों एक ही चीज़ है 

अर्क गुलाब या गुलाब जल बनाने के लिए ताज़े खुशबुदार गुलाब की कलियों को चार गुना पानी में मिलाकर नलिका यंत्र से अर्क खींचना चाहिए 
प्रेशर कुकर के इस्तेमाल से भी अर्क निकाला जा सकता है इसके लिए  पानी और गुलाब कुकर में डालकर आँच पर रखें और कुकर की सिटी निकाल कर उसमे पतला प्लास्टिक का पाइप फिक्स करें और पाइप को एक बर्तन में रखे ठन्डे पानी से गुजारें 

कुकर की सिटी की लाइन से निकलने वाली भाप पाइप में ठन्डे पानी के बीच से गुजरने से पानी की तरह हो जाएगी और वही गुलाब जल है 

गुलाब का इत्र या अतर परफ्यूम की तरह इस्तेमाल किया जाता है इसे बनाने का तरीका कुछ इस तरह से है 

गुलाब की पंखुड़ियों को लेकर एक शीशी में डालकर उसमे साफ़ पानी भर दें और आठ दिनों तक इसे धुप में रखें तब पानी पर तरवरे उठ आएंगे, यही गुलाब का इत्र है, इसे रुई से उतार कर शीशी में डाल कर रख लें 

गुलाब का शरबत - 

100 ML गुलाब जल में 250 ग्राम चीनी और एक चुटकी निम्बू का सत्व मिलाकर रखे लें. इसमें खाने का गुलाबी रंग भी मिला सकते हैं 

2 चम्मच इस मिश्रण को एक ग्लास पानी में मिलाकर शरबत की तरह पियें 
यह शरबत बहुत की टेस्टी है और इसके इस्तेमाल से अधिक प्यास लगना, शरीर के अन्दर की जलन, थकावट, अवसाद, पेशाब की जलन, आँखों की जलन जैसे प्रॉब्लम में फ़ायदा करता है 

इसका इस्तेमाल गर्मी के दिनों में ज़्यादा किया जाता है, गुलाब से बना हमदर्द कंपनी का शरबत रूह आफज़ा बहुत ही पोपुलर है जिसका इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में किया जाता है 

गुलाब का तेल या रोगन गुलाब दिमाग के रोगों के लिए बहुत ही असरदार तेल होता है 

यह दिमाग को ताक़त देता है, सर दर्द और दिमाग में अंधाधुन्द विचारों का उठना, जीवन से जी घबराना, किसी भी काम में मन नहीं लगना, सर चकराना जैसे प्रॉब्लम दूर होते हैं 

इस तेल को सर पर, माथे पर, सर के पीछे गर्दन पर और कानों पर रोज़ मालिश करना चाहिए, कान में 2-2 बून्द डालना भी चाहिए 


इस तरह से गुलाब के सैंकड़ों प्रयोग हैं जिनके इस्तेमाल से कई रोगों में फ़ायदा होता है. ऑनलाइन गुलकंद ख़रीदें निचे दिए लिंक से- 


    
तो दोस्तों, ये थी आज की जानकारी गुलाब के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में 



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