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07 December 2016

पुष्यानुग चूर्ण ल्यूकोरिया की आयुर्वेदिक दवा | Pushyanug Churna Herbal Remedy for Leucorrhea


पुष्यानुग चूर्ण स्त्री रोगों के लिए बेहतरीन दवा है, प्रदर या ल्यूकोरिया, योनी रोग और पीरियड्स से रिलेटेड रोगों के लिए असरदार है 

पुष्यानुग चूर्ण नम्बर वन और पुष्यानुग चूर्ण नम्बर दो यह दो तरह का बना बनाया मार्केट मिलता है 

पुष्यानुग चूर्ण नम्बर वन में केशर या ज़ाफ़रान मिला होता है जबकि पुष्यानुग चूर्ण नम्बर 2 में  में केशर की जगह नागकेशर डाला जाता है 

केशर मिला होने से पुष्यानुग चूर्ण नम्बर वन थोड़ा महंगा है पर नम्बर दो से ज़्यादा असरदार होता है 

25 से ज़्यादा तरह की जड़ी बूटियों के मिश्रण से बना पुष्यानुग चूर्ण डाबर, बैद्यनाथ जैसी आयुर्वेदिक कंपनियों का मिल जाता है 


पुष्यानुग चूर्ण के फ़ायदे - 

यह महिलाओं के लिए टॉनिक की तरह भी काम करता है 

स्त्रियों की बहुत ही कॉमन बीमारी ल्यूकोरिया के लिए फ़ायदे मंद है, दोनों तरह के प्रदर में असरदार है 

सफ़ेद पानी आने की प्रॉब्लम में इसके इस्तेमाल से तो फ़ायदा होता ही है, रक्त प्रदर या पीरियड्स में ज़्यादा ब्लीडिंग होने में भी असरदार है 

पीरियड्स की प्रॉब्लम को दूर कर गर्भाशय को स्वस्थ बनाता है, गर्भाशय बाहर आने की प्रॉब्लम में भी असरदार है 

इसके अलावा रक्तपित्त, खुनी दस्त और दस्त के साथ आँव या म्यूकस आने पर भी इसका इस्तेमाल किया जाता है 


पुष्यानुग चूर्ण का डोज़-

1 से 3 ग्राम तक सुबह शाम शहद में मिलाकर खाने के बाद चावल का धोवन पीना चाहिए. इसे ख़ाली पेट भी लिया जा सकता है 

यह पूरी तरह से आयुर्वेदिक सुरक्षित दवा है लम्बे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. ऑनलाइन ख़रीदें निचे दिए लिंक से - 





तो दोस्तों, ये थी आज की जानकारी पुष्यानुग चूर्ण के बारे में 






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