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09 February 2017

हीरक भस्म के फ़ायदे | शीघ्रपतन और नपुंसकता को जड़ से दूर करे | Heerak Bhasma for PE, ED & Infertility


हीरक भस्म हीरा या डायमंड से बनने वाली आयुर्वेदिक दवा है, इसे वज्र भस्म और हीरा भस्म भी कहा जाता है

जानकारी की कमी की वजह से कुछ लोग समझते हैं कि हीरा चाटने या खाने से इन्सान की मौत हो जाती है, पर यह सच नहीं है

सच तो यह है कि हीरा को आयुर्वेदिक प्रोसेस से भस्म बनाकर मारक रोगों से लोगों की जान बचाई जाती है

हीरक भस्म बेजोड़ गुणों से भरपूर दवा है इसके इस्तेमाल से कई सारे रोग ठीक होते हैं

जैसे नपुंसकता, शीघ्रपतन, शुक्राणुओं की संख्या जीरो होना जैसे समस्त पुरुष रोग, अस्थमा, डायबिटीज, हार्ट डिजीज, टीबी, मोटापा एड्स और कैंसर जैसे रोग भी ठीक होते देखा गया है

आम आदमी के लिए हीरक भस्म को  बनाना आसान काम नहीं है इसलिए इसके बनाने के प्रोसेस पर चर्चा न कर इसके इस्तेमाल से होने वाले फ़ायदे की बात करते हैं

डाबर, बैद्यनाथ, पतंजलि जैसी आयुर्वेदिक कंपनियों का यह बना बनाया मार्केट में मिल जाता है


वैसे तो यह कई तरह के रोगों को दूर करता है पर यहाँ मैं बता रहा हूँ  हीरक भस्म के इस्तेमाल से पुरुष रोगों में होने वाले फ़ायदे के बारे में -

हीरक भस्म को किसी न किसी दूसरी सहायक औषधियों के साथ मिलाकर ही प्रयोग किया जाता है

हीरक भस्म की एक क्वालिटी यह है कि आप जिस भी दवा में इसे मिलाकर यूज़ करेंगे या उस दवा की पॉवर को कई गुना बढ़ा देता है

शीघ्रपतन के लिए अगर आप कौंच बीज, असगंध और सफ़ेद मुसली का चूर्ण लेना चाहते हैं तो उसमे हीरक भस्म मिला सकते हैं

अब यहाँ शीघ्रपतन के लिए एक अच्छा सा योग बता रहा हूँ-

इसके लिए आपको लेना है

कामदेव चूर्ण 100 ग्राम

त्रिवंग भस्म 5 ग्राम

और हीरक भस्म - 300 मिलीग्राम, सभी को अच्छी तरह मिक्स कर 40 खुराक बना लें, इसे 1-1 खुराक सुबह शाम शहद में मिलाकर खाएं और ऊपर से मिश्री मिला दूध पियें

 इसके इस्तेमाल से वीर्य विकार दूर होते हैं, वीर्य गाढ़ा होता है, शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाता है, शीघ्रपतन दूर होता है, यौनेक्षा को बढ़ाता है और अन्दर से स्टैमिना देता है

शास्त्रों के अनुसार हीरक भस्म के इस्तेमाल लिंग जो है वज्र या हीरे के समान कठोर हो जाता है

संक्षेप में यह समझ लीजिये कि पुरुषों की सेक्सुअल प्रॉब्लम के लिए यह सबसे हाई क्लास की दवा है जिसका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है


हीरक भस्म का डोज़ - 

2 मिलीग्राम से 10 मिलीग्राम तक रोगानुसार उचित अनुपान के साथ

हीरक भस्म को लॉन्ग टाइम तक भी यूज़ कर सकते हैं, सही मात्रा में यूज़ करने पर कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है

इसे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही यूज़ करना चाहिए. ऑनलाइन ख़रीदें निचे दिए लिंक से -

डाबर हीरक भस्म(100mg), पतंजलि हीरक भस्म(300mg)





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