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03 February 2017

पतंजलि त्रिफला चूर्ण के फ़ायदे | त्रिफला से कायाकल्प कैसे करें? | Patanjali Triphala Churna Benefits in Hindi


तीन तरह के फलों के मिश्रण से बना चूर्ण त्रिफला चूर्ण कहलाता है  इसमें बड़ी हर्रे, बहेड़ा और आँवला का मिश्रण होता है

आम तौर पर तीनो फलों को समान मात्रा में लेकर इसका चूर्ण बनाया जाता है और यही चूर्ण पतंजलि का और दूसरी कंपनी का मार्केट में मिलता है

आज के इस लेख में आप जानेंगे त्रिफला के सामान्य फ़ायदे के बारे और इसके विशेष प्रयोग से कायाकल्प के बारे में भी

त्रिफला चूर्ण के सामान्य फ़ायदे-

त्रिफला चूर्ण को सौम्य विरेचक के रूप में प्रयोग किया जाता है, साधारण कब्ज़ या Constipation की प्रॉब्लम होने पर इसे गुनगुने पानी से सोने से पहले लेने पर फ़ायदा होता है

त्रिफला के इस्तेमाल से पेट की गैस में भी फ़ायदा होता है और पाचन शक्ति ठीक होती है

इसके इस्तेमाल से स्वप्नदोष में भी फ़ायदा होता है, पेट साफ नहीं होने पर कई लोगों को कब्ज़ के कारण स्वप्नदोष होता है तो ऐसी कंडीशन में त्रिफला चूर्ण को सोने से पहले गुनगुने पानी से लेना चाहिए

गर्म पानी के साथ इसे लेने से मोटापा कम होता है और शरीर से एक्स्ट्रा फैट को कम करने में मदद करता है

त्रिफला के पानी से मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ होते हैं

इसके इस्तेमाल से असमय बाल सफ़ेद नहीं होते, त्रिफला के पानी से बालों को धोने से बालों का गिरना बंद होता है और बाल काले होते हैं

आँखों के लिए भी त्रिफला का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद है, एक चम्मच त्रिफला को एक कप पानी में भिगोकर रख दें और सुबह छान कर इस से आँखों को धोने से आँखों की जलन, आँखों की लाली जैसी तकलीफें दूर होती हैं और आँखों रौशनी बढ़ती है

आखों के लिए त्रिफला चूर्ण बहुत ही फायदेमंद है, इसके लिए एक चम्मच त्रिफला चूर्ण में आधा चम्मच घी और एक चम्मच शहद मिलाकर खाने से आँखों की सारी प्रॉब्लम दूर होकर रौशनी बढ़ती है

मूत्र सम्बन्धी विकारों और मधुमेह में भी त्रिफला चूर्ण फ़ायदेमंद है


यह सब तो हो गए त्रिफला चूर्ण के सामान्य फ़ायदे, अब जानते हैं त्रिफला चूर्ण से कायाकल्प करने का तरीका -

त्रिफला चूर्ण साधारण होते हुवे भी रसायन की तरह काम करता है और इसके इस्तेमाल से शरीर का कायाकल्प कर जीवन भर स्वस्थ रह सकते हैं

कायाकल्प करने के लिए इसका इस्तेमाल लगातार करना होता है, शास्त्रों में लिखा है कि एक साल तक इस्तेमाल करने से शरीर की सुस्ती दूर होगी, दो साल के इस्तेमाल से शरीर के सारे रोग दूर हो जायेंगे, तीन साल के इस्तेमाल से आँखों की रौशनी बढ़ जाएगी और दिन में तारे में दिखने लगेंगे, चार साल में चेहरे का सौन्दर्य निखरेगा, पांच साल में बुद्धि बहुत ज़्यादा बढ़ जाएगी और यादाश्त तेज़ हो जाएगी, छह साल में बल बढ़ेगा, सात साल में सफ़ेद बाल काले होने लगेंगे और आठ साल में शरीर बिल्कुल युवा हो जायेगा और आप फिर से जवान हो जायेंगे

शरीर का कायाकल्प करने के लिए इसे ख़ुद से घर पर बनाकर इस्तेमाल करेंगे तो सही लाभ मिलेगा

इसे 1,2,3 के अनुपात में लेकर बनाना चाहिए, मतलब बड़ी हर्रे एक भाग, बहेड़ा 2 भाग और आँवला 3 भाग

इन तीनों का छिल्का इस्तेमाल करना है गुठली नहीं, कूट-पीस कर इसका चूर्ण बनाकर रख लें और इस्तेमाल करें

कायाकल्प के लिए त्रिफला का प्रयोग कैसे करें?


शास्त्रों के अनुसार हमारे देश में साल भर में छह ऋतू होती हैं, हर एक ऋतू 2-2 महिना की और हर ऋतू में अलग-अलग अनुपान के साथ त्रिफला का सेवन करना चाहिए

आईये यहाँ मैं डिटेल में बता देता हूँ कि किस ऋतू में किस चीज़ के साथ त्रिफला खाना चाहिए

(1) ग्रीष्म ऋतू में - चौथाई भाग गुड़ मिलकर त्रिफला का इस्तेमाल करें, ग्रीष्म ऋतू 14 मई से 13 जुलाई तक होती है

(2) वर्षा ऋतू में - चौथाई भाग सेंधा नमक मिलाकर लेना चाहिए, वर्षा ऋतू  14 जुलाई से 13 सितम्बर तक मानी जाती है

(3) शरद ऋतू में - चौथाई भाग देसी खांड या मिश्री मिलाकर प्रयोग करें, शरद ऋतू 14 सितम्बर से 13 नवम्बर तक होती है

(4) हेमंत ऋतू में - चौथाई भाग सोंठ का चूर्ण मिलाकर यूज़ करें, हेमंत ऋतू  14 नवम्बर से 13 जनवरी तक होती है

(5) शिशिर ऋतू में- चौथाई भाग छोटी पीपल का चूर्ण मिलाकर इस्तेमाल करें, शिशिर ऋतू 14 जनवरी से 13 मार्च तक होती है

(6) बसंत ऋतू में - शहद मिलाकर लेना चाहिए, बसंत ऋतू 14 मार्च से 13 मई तक होती है

तो इस तरह से त्रिफला का सालों साल तक सेवन कर आप शरीर का कायाकल्प कर जवान बन सकते हैं. त्रिफला चूर्ण ऑनलाइन ख़रीदें, निचे दिए लिंक से-





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