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14 March 2017

Maha Triphala Ghrit Review in Hindi | महात्रिफला घृत आँखों के लिए वरदान - Lakhaipurtv


आज आप जानेंगे आँखों की हर तरह की प्रॉब्लम की बेजोड़ आयुर्वेदिक औषधि महात्रिफला घृत के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में

जी हाँ दोस्तों, महात्रिफला घृत आँखों की लगभग सभी बीमारियों के लिए एक बहुत ही असरदार दवा है जिसके इस्तेमाल से न सिर्फ आँखों की प्रॉब्लम दूर होती है बल्कि यह आँखों की रौशनी को भी तेज़ करती है

महात्रिफला घृत का मुख्य घटक त्रिफला और घी है और इसके अलावा इसमें कई सारी जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं

महात्रिफला घृत ऐसी दवा है जिसे दूध के साथ खाया जाता है और आँखों में लगाया भी जाता है, यह आँखों की छोटी-मोटी प्रॉब्लम से लेकर मोतियाबिंद जैसी प्रॉब्लम में भी फायदेमंद है

महात्रिफला घृत शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवा है जो घी बेस बनाई जाती है, आईये सबसे पहले जान लेते हैं इसके घटक या कम्पोजीशन को- 

इसका मुख्य घटक त्रिफला है, इसमें त्रिफला के काढ़ा के अलावा भृंगराज का रस, वासा का रस, शतावर का रस, बकरी का दूध, गिलोय का रस, आंवला का रस, पिप्पली, मिसरी, द्राक्षा, हर्रे, बहेड़ा, आंवला का चूर्ण, नीलोत्पल, यष्टिमधु, क्षीरकाकोली, गिलोय और कंटकारी को देसी गाय के घी में घृत पाक विधि से बनाया जाता है 



महात्रिफला घृत के फ़ायदे-

महात्रिफला घृत Digestion ठीक करने वाली, भूख बढ़ाने वाली और नज़र को ठीक करने वाली एक बेहतरीन दवा है 

इसके इस्तेमाल से आँखों के छोटे-बड़े सभी रोग दूर होते हैं 

आँखों के रोग जैसे - आँख में दर्द, पलकों के रोग, ग्लूकोमा, आँखों का सूखापन, आँखों की जलन, आँखें लाल होना, कंजंक्टिवाइटिस, रात में दिखाई न देना, दिन में दिखाई न देना, नज़र की कमजोरी, दूर की चीजें दिखाई नहीं देना, पास की चीजें दिखाई नहीं देना, आँखों से पानी आना, आँखों में खुजली होना, आँखों की सुजन और कंप्यूटर के सामने ज्यादा देर तक काम करने से होने वाली आँखों की प्रॉब्लम दूर होती है 

लॉन्ग स्टोरी को अगर शार्ट में कहा जाये तो आँखों की कोई प्रॉब्लम हो तो महात्रिफला घृत का इस्तेमाल कर फ़ायदा लिया जा सकता है 

महात्रिफला घृत का डोज़ और इस्तेमाल करने का तरीका- 



1 चम्मच ( 6 से 12 ग्राम तक) दिन में 2 बार एक कप गर्म दूध के साथ लेना चाहिए, बच्चे, बूढ़े और जवान सभी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, बस एज के मुताबिक़ डोज़ होनी चाहिए 

इसे आँखों में काजल की तरह लगाया भी जाता है और, आँखों के पास  कनपटी में इसकी मालिश भी की जाती है 

महात्रिफला घृत के साथ अगर 'सप्तामृत लौह' भी लिया जाये तो अच्छा लाभ मिलता है

पूरी तरह से सुरक्षित आयुर्वेदिक दवा है, लम्बे समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं 

बैद्यनाथ, डाबर और पतंजलि जैसी कई सारी कंपनियों का यह बना बनाया मिल जाता है, इसे ऑनलाइन भी ख़रीदा जा सकता है, निचे दिए लिंक से ऑनलाइन ख़रीदें





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