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15 March 2017

वृद्धिवाधिका वटी के गुण और उपयोग | Vridhivadhika Vati Health Benefits & Review - Lakhaipurtv


वृद्धिवाधिका वटी हर्निया, हाइड्रोसिल और  फ़ाइलेरिया की जानी-मानी शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि है

शरीर में कहीं भी किसी भी सेल की अबनोर्मल ग्रोथ होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है. जैसा कि इसका नाम है 'वृद्धिवाधिका' यानी शरीर में होने वाली किसी भी असमान्य वृद्धि को बाधा पहुंचाती है या रोकती है

वृद्धिवाधिका वटी में कई सारी जड़ी-बूटियों के अलावा खनिज लवण और भस्मों को मिश्रण होता है

वृद्धिवाधिका वटी के कम्पोजीशन की बात करें तो इसमें शुद्ध पारा, शुद्ध गंधक, लौह भस्म, ताम्र भस्म, कांस्य भस्म, वंग भस्म, शुद्ध हरताल, शुद्ध तुतीया, शंख भस्म, कपर्दक भस्म, सोंठ, मिर्च, पीपल, आंवला, चव्य, वायविडंग, पिप्लामुल, पाठा, बच, इलायची का बीज, देवदार, हाउबेर, कचूर, काला नमक, समुद्र नमक, सांभर नमक, विड नमक में हरीतकी के क्वाथ की भावना देकर 250mg गोली बनाई जाती है 

वृद्धिवाधिका वटी आयुर्वेदिक ग्रन्थ 'भैषज्यरत्नावली' का योग है जिसे कई सारी आयुर्वेदिक कंपनियां बनती हैं 



वृद्धिवाधिका वटी के फ़ायदे-

वृद्धिवाधिका वटी Digestion को इम्प्रूव करती है और बॉडी की इम्युनिटी पॉवर को बढ़ाकर हर तरह के इन्फेक्शन से लड़ती है 

हर्निया चाहे कैसा भी हो, इसके इस्तेमाल से दूर होता है, हर्निया में इसे आरोग्यवर्धिनी वटी के साथ लेना चाहिए 

हाइड्रोसिल या पुरुषों के अंडकोष वृद्धि में इसके इस्तेमाल से अच्छा फ़ायदा होता है, हाइड्रोसिल के लिए इसे चंद्रप्रभा वटी के साथ लिया जा सकता है 

फ़ाइलेरिया या हाथीपाँव के लिए भी यह असरदार दवा है, फ़ाइलेरिया में इसके साथ नित्यानंद रस लेना चाहिए 

शरीर में होने वाली किसी भी तरह की वृद्धि को दूर करती है, बॉडी के इंटरनल या एक्सटर्नल पार्ट में कहीं भी अबनोर्मल ग्रोथ हो तो इसका इस्तेमाल करना चाहिए 

किसी भी तरह का ग्रंथि, ग्लैंड, ट्यूमर हो तो वृद्धिवाधिका वटी के इस्तेमाल से लाभ मिलता है, हर तरह के ट्यूमर में इसके साथ कांचनार गुगुल लेना चाहिए 

किडनी, ब्लैडर में होने वाली सिस्ट, महिलाओं के गर्भाशय की सिस्ट, PCOS इत्यादि में भी इसके इस्तेमाल से फ़ायदा होता है 



वृद्धिवाधिका वटी का डोज़ और इस्तेमाल करने का तरीका-

1 से 2 गोली या 250 से 500 mg तक भोजन के 2 घंटा के बाद लेना चाहिए दिन में 2 बार 
इसमें ताम्र भस्म, कांस्य भस्म और नीला थोथा या तूतिया जैसी दवा मिली हुयी है तो इसका इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करना चाहिए 

अधीक डोज़ लेने पर उल्टी और बेचैनी जैसी हो सकती है. इसे ख़ाली पेट नहीं लेना चाहिए, इसे लेने से उल्टी या बेचैनी हो तो नमक मिला छाछ या निम्बू पानी लिया जा सकता है
ख़ूनी बवासीर, पेट का अल्सर, एनल प्रॉब्लम, अल्सरेटिव कोलाइटिस और पेट दर्द वाले रोगी को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए 

पतंजलि, डाबर, बैद्यनाथ जैसी कई सारी कंपनियों की यह दवा हर जगह मिल जाती है, इसे आयुर्वेदिक मेडिकल से या ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है. ऑनलाइन यहाँ से खरीदिये - यहाँ क्लिक करें




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1 comments:

  1. सर आपने बताया कि
    Hyocele में चन्द्रप्रभा वटी और वृद्धिवाधिका वटी
    को साथ लेना चाहिए
    तो सर वृद्धिवाधिका वटी और चन्द्रप्रभा​ वटी की कितनी कितनी
    गोलीयाँ एक दिन और रात में लेनी है
    और इन गोलियों को लेने से पहले Doctor की सलाह जरूरी है
    धन्यवाद

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