आयुर्वेदिक दवाओं और जड़ी बूटी की जानकारी और बिमारियों को दूर करने के आयुर्वेदिक फ़ार्मूले और घरेलु नुस्खे की जानकारी हम यहाँ आपके लिए प्रस्तुत करते हैं

05 April 2017

फाइलेरिया या हाथी पाँव की आयुर्वेदिक दवा | Herbal Medicine for Filariasis- Lakhaipurtv


फाइलेरिया को आयुर्वेद में फीलपाँव, श्लीपद और हाथी पाँव के नाम से जाना जाता है जो की वात-कफ़ जनित रोग होता है, इसमें रोगी का पैर फूलकर मोटा हो जाता है और हाथी के पैर के जैसा दीखता है इसीलिए इसे हाथी पाँव भी कहा जाता है. इस रोग को दूर करने के लिए नित्यानन्द  रस एक असरदार शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि है

आईये अब जानते हैं नित्यानन्द रस के कम्पोजीशन को- 

इसे कई सारी जड़ी-बूटियों, खनिज लवण और भस्मों के मिश्रण से बनाया जाता है, इसके घटक के नाम  कुछ इस तरह से हैं- शुद्ध हिंगुल, शुद्ध गंधक, ताम्र भस्म, काँस्य भस्म, वंग भस्म, शुद्ध हरताल, शुद्ध तूतिया, शंख भस्म, लौह भस्म, विदारीकन्द, सोंठ,मिर्च, पीपल, हर्रे, बहेड़ा, आंवला, विडंग,विड नमक, समुद्र नमक, सेंधा नमक, सौवर्च लवण, चव्य, पिपरामुल, हपुषा, बच, पाठा, देवदार, इलायची, विधारा, त्रिवृत, चित्रक, दन्ती मूल और शठी में हरीतकी के क्वाथ की भावना देकर गोलियाँ बनायीं जाती हैं

नित्यानन्द  रस के गुणों की बात करें तो यह पित्त स्राव को बढ़ाकर भूख बढ़ाने वाली, वात-कफ़ नाशक, मेदनाशक, कीटाणुनाशक, दीपक और योगवाही रसायन है


नित्यानन्द रस के फ़ायदे- 

यह फाइलेरिया या हाथी पाँव के जानी-मानी आयुर्वेदिक दवा है जिसे सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है

हल्का बुखार, सुजन दर्द वाले फाइलेरिया को दूर करती है, कफ़ और वात दोष को बैलेंस करने का काम करती है

यह एंटी बायोटिक और एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर है, बॉडी के एक्स्ट्रा वाटर को सुखाती है

कफ़ दोष को दूर करने वाली यह दवा मोटापा को भी कम करती है

नित्यानन्द रस के इस्तेमाल से हर तरह के ट्यूमर, गण्डमाला, गिल्टी, फाईब्राइड जैसे रोगों में भी फ़ायदा होता है

यह गठिया और वात रोगों में भी असरदार है, इसके इस्तेमाल से पाचन शक्ति ठीक होती है

कुल मिलाकर देखा जाये तो फाइलेरिया और इस से रिलेटेड रोगों को दूर करने के लिए यह एक अच्छी दवा है


नित्यानन्द रस की मात्रा और सेवन विधि - 

1 से 2 गोली दिन में दो बार भोजन के बाद पानी या गौमूत्र से लेना चाहिए, इसे डॉक्टर की सलाह से लेना ठीक रहता है. पुराना और भयंकर फाइलेरिया में इसके साथ अग्नि दग्ध चिकित्सा या जलौकावचारण जैसी आयुर्वेदिक विधि अपनाने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है. बैद्यनाथ कंपनी की यह दवा आयुर्वेदिक मेडिकल से या फिर ऑनलाइन ख़रीदने के लिए यहाँ क्लिक करें



(लखैपुर वेबसाइट के ऍनड्राइड ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें)
Share This Info इस जानकारी को शेयर कीजिए
loading...
Loading...

0 comments:

Post a Comment

 
Blog Widget by LinkWithin