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12 April 2017

लाक्षादी गुग्गुल के चमत्कारी गुण एवम् प्रयोग | Lakshadi Guggulu Benefits and Use Review By Lakhaipur.com


लाक्षादी गुग्गुल शास्त्रीय आयुवेदिक औषधि है जिसे न सिर्फ बोन फ्रैक्चर या टूटी हड्डियों को जोड़ने में इस्तेमाल किया जाता है बल्कि इसके इसके इस्तेमाल से हड्डियों के दुसरे रोग जैसे Osteoporosis, Osteoarthritis, हड्डियों की कमज़ोरी, जॉइंट और मसल्स की कमज़ोरी, चोट, मोच, दर्द और सुजन को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. बॉन डेंसिटी बढ़ाने और हड्डियों को मज़बूत करने की यह एक अच्छी दवा है.

इसे लाक्षादी गुग्गुल, लाक्षा गुगुल और लाक्षादी गुग्गुलु के नाम से भी जाना जाता है. लाक्षादी गुग्गुल का मुख्य घटक लाक्षा या लाख होता है, तो आईये एक नज़र डालते हैं इसके कम्पोजीशन पर- 

इसे लाक्षा, हडजोड, अर्जुन, अश्वगंधा, नागबला और शुद्ध गुग्गुल के मिश्रण से बनाया जाता है

इसमें मिलायी जाने वाली जड़ी-बुटियों की बात करें तो लाक्षा या लाख एक तरह का गोंद है जो फ्रैक्चर को ठीक करने और हड्डियों को मज़बूत बनाने के काम आती है

हडजोड नाम की औषधि जैसा कि इसका नाम है हड्डी को जोड़ने के लिए बहुत ही असरदार है, कैल्शियम और दुसरे विटामिन्स से भरपूर होती है

अर्जुन ह्रदय को बल देने वाली जानी-मानी दवा है, नागबला मसल्स को ताक़त देती है. जबकि अश्वगंधा के गुण तो आप जानते ही होंगे. और शुद्ध गुग्गुल जो है दर्द, सुजन दूर करने वाला और हीलिंग गुणों के लिए जाना जाता है

लाक्षादी गुग्गुल के गुणों की बात करें तो दर्द, सुजन कम करने वाली, टूटी हड्डी को जोड़ने वाली, बोन डेंसिटी बढ़ाने वाली, और उचित पोषण देकर हड्डियों को मज़बूत बनाने वाले गुणों से भरपूर है


आईये अब जानते हैं लाक्षादी गुग्गुल के फ़ायदे- 

हड्डियों को पोषण देने और हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है

हड्डी का कैसा भी फ्रैक्चर हो, चोट हो, मोच हो तो इसका इस्तेमाल करना चाहिए. अगर आपको पुरानी चोट हो और उसकी वजह से दर्द होता हो तो  लाक्षादी गुग्गुल का इस्तेमाल करना चाहिए. यह दर्द और सुजन को कम कर हड्डी जोड़ने में मदद करती है

हड्डियों की कमज़ोरी और इसके कारन से होने वाला दर्द,  Osteoporosis, Osteoarthritis, जोड़ों का दर्द, बोन डेंसिटी कम होना जैसी प्रॉब्लम इसके इस्तेमाल से अच्छा फ़ायदा होता है. यह BMD या बोन मिनरल डेंसिटी को बढ़ाता है

रीढ़ की हड्डी का दर्द, Spondylitis जैसे रोगों में भी दूसरी दवाओं के साथ इसे लिया जा सकता है. कुल मिलाकर देखा जाये तो फ्रैक्चर और हड्डी की कमज़ोरी को दूर करने के लिए यह एक बेस्ट दवा है


लाक्षादी गुग्गुल का डोज़ - 

2 गोली दिन में 2 से 3  बार तक पानी से भोजन के बाद लेना चाहिए, या फिर रोग और रोगी के अनुसार डॉक्टर इसका डोज़ फिक्स करते हैं. यह बिलकुल सेफ़ दवा है किसी तरह को साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है, लॉन्ग टाइम तक यूज़ कर सकते हैं

बैद्यनाथ, डाबर, पतंजलि जैसी कंपनी का यह आयुर्वेदिक दवा दुकान में मिल जाता है, या फिर ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं, ऑनलाइन के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें-
उम्मीद है कि आज की जानकारी आपके किसी काम आयेगी और इस विडियो से आपकी आयुर्वेदिक नॉलेज बढ़ेगी



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