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25 June 2017

Rasnadi Guggulu Benefits in Hindi | रास्नादि गुग्गुलु के फ़ायदे


रास्नादि गुग्गुल एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि है जो वात विकारों को दूर करती है, इसके इस्तेमाल से आमवात, गठिया, साइटिका, जोड़ों का दर्द, संधिवात, हाथ-पैर की अंगुलियाँ टेढ़ी-मेढ़ी हो जाना जैसे वात रोग दूर होते हैं. तो आईये जानते हैं रास्नादि गुग्गुल का कम्पोजीशन, फ़ायदे और इस्तेमाल की पूरी डिटेल - 

हमदर्द औजाई दर्द की नेचुरल दवा 

रास्नादि गुग्गुल, जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है इसका मुख्य घटक या Main Ingredients रास्ना और शुद्ध गुग्गुल होता है. इसके कम्पोजीशन की बात करें तो इसमें रास्ना, गिलोय, एरण्डमूल, देवदार और सोंठ प्रत्येक एक-एक भाग और शुद्ध गुग्गुल पांच भाग का मिश्रण होता है

बनाने का तरीका यह है कि रास्ना, गिलोय, एरण्डमूल, देवदार, सोंठ सभी का बारीक कपड़छन चूर्ण बना लें और शुद्ध गुग्गुल में मिक्स कर अच्छी तरह से कुटाई करें, थोड़ा एरण्ड तेल मिलाकर. ख़ूब अच्छी तरह से इमामदस्ते में कूटने के बाद 500 mg की गोलियाँ बनाकर सुखाकर रख लें. 


रास्नादि गुग्गुल के गुण- 

रास्नादि गुग्गुल के गुणों की बात करें तो यह वात-कफ़नाशक होता है. दीपन-पाचन, दर्द और सुजन कम करने वाले गुणों से भरपूर होता है. 

रास्नादि गुग्गुल के फ़ायदे -

रास्नादि गुग्गुल वात व्याधि की अच्छी दवा  है. रास्ना नाम की जड़ी वातरोगों के लिए बेहद असरदार औषधि है और गुग्गुल अपने गुणों के कारन विख्यात है. 

एरण्डमूल, सोंठ वात रोगों को दूर करने और दर्द जकड़न कम करने में मदद करता है और देवदार रक्तशोधक या खून साफ़ करने में मदद करता है. 

रास्नादि गुग्गुल वात रोगों में इस्तेमाल किया जाता है, ख़ासकर पुराने रोगों में इस से अच्छा लाभ मिलता है. 

इसे भी पढ़ें - साइटिका को जड़ से दूर करने का आयुर्वेदिक योग 

जोड़ों का दर्द, अर्थराइटिस, रुमाटाइड अर्थराइटिस, गठिया, आमवात, साइटिका, जोड़ों की सुजन, कमर दर्द जैसे हर तरह के वात रोगों में फ़ायदा होता है. इसके अलावा साइनस, फिश्चूला, सर दर्द, नर्व और नर्वस सिस्टम पर भी इसका असर होता है.


रास्नादि गुग्गुल की मात्रा और सेवन विधि - 

दो-दो गोली सुबह शाम रास्नादि क्वाथ या दशमूल क्वाथ के साथ या फिर गर्म पानी से. 

यह ऑलमोस्ट सेफ़ दवा है, लॉन्ग टाइम तक यूज़ करने से भी किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है. फिर भी इसे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से यूज़ करना बेहतर है. आयुर्वेदिक दवा दुकान से या फिर ऑनलाइन ख़रीद सकते हैं. 

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