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25 September 2017

कपर्दक भस्म(वराटिका भस्म) के फ़ायदे | Kapardak Bhasma Benfits, Usage & Side Effects


कपर्दक भस्म क्लासिकल आयुर्वेदिक मेडिसिन है जिस से  एसिडिटी, हाइपरएसिडिटी, पेट दर्द, IBS, Duodenal Ulcer, भूख की कमी, संग्रहणी लीवर और पेट के रोग दूर होते हैं. तो आईये जानते हैं कपर्दक भस्म क्या है? कैसे बनाया जाता है? इसके फ़ायदे और इस्तेमाल की पूरी डिटेल- 

कपर्दक भस्म को वराटिका भस्म भी कहा जाता है. कपर्दक को आम बोल चाल में कौड़ी भी कहा जाता है, वही कौड़ी जिसे लोग माला बनाकर भी पहनते हैं और सजावट के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. यह एक तरह के समुद्री जीव का कवर या खोल होता है. इसे अंग्रेज़ी में Cowry Shell कहते हैं. 

भस्म बनाने के लिए हल्के पीले रंग की कौड़ी जिसका वज़न क़रीब 3 से पाँच ग्राम हो उसे ही लिया जाता है. आयुर्वेदिक प्रोसेस से शोधन-मारण करने के बाद ही गजपुट की अग्नि देकर भस्म बनाया जाता है. कपर्दक भस्म सफ़ेद रंग का फाइन पाउडर होता है. चूँकि भस्म बनाना आम आदमी के लिए आसान काम नहीं है, इसलिए इसकी डिटेल में नहीं जाते हैं. 


कपर्दक भस्म के गुण - 

कपर्दक भस्म तासीर में गर्म होता है. पित्तशामक, कफनाशक, दीपन, पाचन, ग्राही, Antacid, पेट दर्द नाशक(Antispasmodic), आमपाचक, Antiemetic, Antiflatulent जैसे कई तरह के गुण पाए जाते हैं. 


कपर्दक भस्म के फ़ायदे - 

कपर्दक भस्म को एसिडिटी, हाइपरएसिडिटी, सिने की जलन, डकार, उल्टी, पेट का भारीपन, अपच, खट्टी डकार आना, IBS, भूख की कमी, ग्रहणी जैसे रोगों में प्रयोग किया जाता है. 

कर्ण स्राव या कान बहने(Otorrhoea) में भी यह इफेक्टिव है. कान बहने पर कपर्दक भस्म को कान में डालकर ऊपर से निम्बू का रस डालने से कान बहना बंद हो जाता है. 


कपर्दक भस्म की मात्रा और सेवन विधि - 

250 mg से 500 mg तक सुबह शाम शहद, घी या मलाई के साथ मिक्स कर लेना चाहिए. ऐसे ही सुखा खाने से ज़बान कट जाती है. 

पेट दर्द में इसे घी और मिश्री के साथ मिक्स कर लेना चाहिए. बहुत ज़्यादा एसिडिटी और उसकी वजह से उल्टी होने पर इसके साथ गिलोय सत्व मिक्स कर शहद के साथ लें. 

गैस, अपच और पेट की दूसरी प्रॉब्लम में इसके साथ 'आरोग्यवर्धिनी वटी' भी ले सकते हैं. 

कपर्दक भस्म को कभी भी अकेला नहीं लें, रोगानुसार उचित अनुपान के साथ ही लेना चाहिए. यह ऑलमोस्ट सेफ़ दवा है, सही डोज़ में लेने से किसी तरह का कोई नुकसान या साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है. बहुत सी आयुर्वेदिक कंपनियां इसे बनाती हैं, इसे आयुर्वेदिक मेडिकल से या ऑनलाइन ख़रीद सकते हैं. 


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