आयुर्वेदिक दवाओं और जड़ी बूटी की जानकारी और बिमारियों को दूर करने के आयुर्वेदिक फ़ार्मूले और घरेलु नुस्खे की जानकारी हम यहाँ आपके लिए प्रस्तुत करते हैं

21 February 2018

वैद्य जी की डायरी #1- मुहाँसों के लिए आयुर्वेदिक योग


मुहाँसों को आयुर्वेद में यौवनपीड़िका कहते हैं और आज जो योग बता रहा हूँ उसका नाम है- 

यौवनपीड़िकान्तक लेप - 

लाल चन्दन, मंजीठ, माल कांगनी, लोध्र, सेमल के काँटे, जायफल और वट की जटा प्रत्येक 50-50 ग्राम, चिरौंजी और पीली सरसों 100-100 ग्राम, सुहागे का फूला या टंकण भस्म 10 ग्राम

सभी जड़ी-बूटियों का बारीक चूर्ण बनाकर अंत के टंकण भस्म अच्छी तरह से मिक्स कर रख लें. 

प्रयोग विधि - 

दो चम्मच इस चूर्ण को लेकर कच्चा दूध मिक्स कर पेस्ट बना लें और पिम्पल्स पर लेप की तरह लगा दें और सूखने दें. आधा-एक घंटा बाद दूध से भिगाकर इस लेप को हटा दें और ताज़े पानी से धो लें. 

कुछ दिनों तक लगातार इसका इस्तेमाल करते रहने से हर तरह के कील-मुहाँसे दूर हो जाते हैं और चेहरे में निखार भी आता है. बिल्कुल टेस्टेड नुस्खा है, यूज़ कर फ़ायदा उठायें. 

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