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28 March 2018

Virya Stambhan Vati Benefits & Use | वीर्यस्तम्भन वटी के गुण और प्रयोग


वीर्यस्तम्भन वटी क्लासिकल आयुर्वेदिक मेडिसिन है जो पुरुषों की यौन समस्या जैसे शीघ्रपतन और वीर्य का पतलापन दूर कर पॉवर-स्टैमिना को बढ़ाती है और पाचन क्रिया को सुधारती है. तो आईये जानते हैं वीर्यस्तम्भन वटी का कम्पोजीशन, फ़ायदे और इस्तेमाल की पूरी डिटेल -


वीर्यस्तम्भन वटी जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है वीर्य का स्तम्भन करने वाली, स्तम्भन का मतलब होता है रोकना. वीर्यस्तम्भन वटी यानी वीर्य को जल्दी निकलने से रोकने वाली टेबलेट.

वीर्यस्तम्भन वटी के घटक या कम्पोजीशन और निर्माण विधि - 

इसके कम्पोजीशन की बात करें तो इसके लिए चाहिए होता है- सिद्ध मकरध्वज- 1 ग्राम, जुन्दबेदस्तर - 8 ग्राम, केसर, लोबान के फुल, जावित्री, अकरकरा, लौंग और भीमसेनी कपूर प्रत्येक दो-दो ग्राम. 

बनाने का तरीका यह होता है कि सबसे पहले जड़ी-बूटियों का बारीक चूर्ण बना लें, उसके बाद सिद्ध मकरध्वज को खरल कर चूर्ण मिक्स करें और बांग्ला पान के रस में मर्दन कर अंत में कपूर मिक्स कर अच्छी तरह घुटाई करने के बाद एक-एक रत्ती या 125 mg की गोलियां बनाकर सुखाकर रख लिया जाता है. यही वीर्यस्तम्भन वटी कहलाती है. खरल करते हुवे थोड़ा शहद भी मिलाने का प्रावधान है, पर यदि शहद ज़्यादा मिल जाये तो गोली बनाने में दिक्कत होती है. 

वीर्यस्तम्भन वटी के फ़ायदे -


  •  यह स्तम्भन शक्ति बढ़ाने वाली असरदार दवा है, इसके इस्तेमाल से वीर्य विकार दूर होते हैं, वीर्य गाढ़ा होता है और शीघ्रपतन दूर होता है.



  • यह पाचन शक्ति को ठीक करती है, पॉवर-स्टैमिना को बढ़ाती है. 



  • कमजोरी दूर कर चुस्ती-फुर्ती देती है. चिंता-तनाव को दूर कर नया जोश और उमंग जगाती है. 



  • मधुमेह की वजह से होने वाली यौनकमज़ोरी में भी दूसरी सहायक औषधियों के साथ लेने से अच्छा फ़ायदा होता है.



  • सर्दी-जुकाम, खाँसी और अस्थमा में भी इस से फ़ायदा होता है. यह एक योगवाही रसायन औषधि है जिस से कई तरह की बीमारियाँ दूर होती हैं सहायक औषधियों के साथ लेने से. 



वीर्यस्तम्भन वटी की मात्रा और सेवन विधि - 

एक से दो गोली तक सुबह शाम दूध के साथ लेना चाहिए भोजन के एक घंटा बाद. या आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से उचित अनुपान से लेना चाहिए. इसे मीठे पान के पत्तों के साथ भी चबा-चबा कर खा सकते हैं. इसे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही प्रयोग करना चाहिए. व्यास फार्मा के दो ग्राम के पैक की क़ीमत 270 रुपया है जिसे आयुर्वेदिक दवा दुकान से या फिर ऑनलाइन भी ख़रीद सकते हैं.


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