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02 January 2017

महा सुदर्शन चूर्ण के फ़ायदे, बुखार की आयुर्वेदिक दवा | Maha Sudarshan Churna Benefits for Fever


आपने कभी न कभी इस दवा का नाम ज़रूर सुना होगा, किसी भी कारण से होने वाली बुखार के लिए इसका इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है

इसके इस्तेमाल से पसीना आता है और बुखार कमती है, पेशाब की मात्रा को बढ़ाता है और पाचन शक्ति को ठीक करता है

इसके इस्तेमाल से मलेरिया, फ्लू, टाइफाइड, शीत ज्वर, लीवर-स्प्लीन की बीमारी के कारण होने वाले बुखार, विषम ज्वर, मासिक ज्वर या कैसा  भी बुखार हो, लीवर और स्प्लीन की बीमारी इत्यादि दूर होते हैं

यह एक बेहतरीन एंटी मलेरिअल, एंटी वायरल और एंटी पायरेटिक गुणों से भरपूर है, बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है जीवाणु संक्रमण से लड़ता है और शरीर को इन्फेक्शन से बचाता है

तो आईये एक नज़र डालते हैं उन चीज़ों पर जिस से महा सुदर्शन चूर्ण बनाया जाता है -
इसमें चिरायता के अलावा कई तरह की जड़ी बूटियां मिलाई जाती हैं जैसे - त्रिफला, हल्दी, दारू हल्दी, कंटकारी, वृहती, कचूर, सोंठ, मिर्च, पीपल, मुर्वा, गुडूची, धनबासा, कुटकी, मोथा, त्रायमाण, हाउबेर, नीम की छाल, पुष्करमूल, मुलेठी, कुटज, यवानी, इन्द्र जौ, भारंगी, शिग्रु, सौराष्ट्री, बच, त्वक, पद्माका, सफ़ेद चन्दन, अतीस, बला, शालपर्णी, प्रिश्नपर्णी, विडंग, तगर, चित्रक, देवदार, चव्य, पटोल, लौंग, बंशलोचन, कमल, असगंध, तेज़पत्र, जायफल, विदारीकन्द और किरातिक्त


आईये अब जानते हैं महा सुदर्शन चूर्ण के फ़ायदे के बारे में - 

जैसा की पहले ही बता चूका हूँ कि यह दवा हर तरह के बुखार के लिए बेहद असरदार आयुर्वेदिक दवा है

यह उत्तम ज्वरनाशक, कृमिनाशक और रक्तशोधक है

इन्फेक्शन की वजह से होने वाला बुखार, टाइफाइड, पेट का इन्फेक्शन, रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन और मूत्र संस्थान के संक्रमण में भी फायदेमंद है

यह दवा संक्रमण से लड़ती है और शरीर की इम्युनिटी पॉवर को बढ़ाती है

बुखार को दूर करती है और टेम्परेचर को नार्मल करती है

मलेरिया बुखार के कारण लीवर और स्प्लीन का बढ़ जाना, थकान, उल्टी, भूख की कमी जैसी प्रॉब्लम को दूर करती है

स्वाइन फ्लू या कैसा भी फ्लू या बुखार हो तो इसके इस्तेमाल से फ़ायदा होता है

महा सुदर्शन चूर्ण की मात्रा और सेवन विधि-

3 से 6 ग्राम तक सुबह शाम ख़ाली पेट या भोजन के बाद गर्म पानी से लेना चाहिए


यहाँ मैं बताना चाहूँगा कि चिरायता और दूसरी कडवी जड़ी बूटियों से बनी इस दवा का स्वाद बिल्कुल कड़वा होता है जिसकी वजह से सभी लोग इसका चूर्ण नहीं खा पाते हैं इसीलिए कई सारी आयुर्वेदिक कंपनिया इसका टेबलेट  भी बनाती हैं जिसे महा सुदर्शन घनवटी कहते हैं

महा सुदर्शन चूर्ण की जगह पर महा सुदर्शन घनवटी 2-2 गोली सुबह शाम लिया जा सकता है, इसके फ़ायदे में कोई फर्क नहीं पड़ता

महा सुदर्शन चूर्ण और  महा सुदर्शन घनवटी कई सारी आयुर्वेदिक कंपनियां बनाती हैं, इसे आयुर्वेदिक मेडिकल से या ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है. निचे दिए लिंक से ऑनलाइन ख़रीदें -

झंडू महा सुदर्शन चूर्ण, डाबर महासुदर्शन चूर्ण, बैद्यनाथ महासुदर्शन चूर्ण

महा सुदर्शन चूर्ण का इस्तेमाल लम्बे समय तक कर सकते हैं किसी भी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है, पूरी तरह से सुरक्षित आयुर्वेदिक दवा है

अगर आप या कोई भी नयी पुरानी कैसी भी बुखार से परेशान हैं तो इसका इस्तेमाल ज़रूर कीजिये

तो दोस्तों, ये थी आज की जानकारी महान आयुर्वेदिक दवा महा सुदर्शन चूर्ण के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में




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