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12 March 2019

Switra har Set | श्वित्रहर सेट | सफ़ेद दाग की बेजोड़ औषधि | Lecuderma Treatment


सफ़ेद दाग एक ऐसी बीमारी है जिसमे रोगी को कोई तकलीफ़ नहीं होती है पर शरीर पर जगह-जगह धब्बे होने से कुछ लोगों को मानसिक पीड़ा ज़रूर होती है. आज मैं बताने वाला हूँ सफ़ेद दाग को दूर करने वाली रामबाण औषधि के बारे में जो अपने-आप में बेजोड़ है. इसकी कम्पलीट किट का नाम है श्वित्रहर सेट. तो आईये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं - 

श्वित्रहर सेट जैसा कि इसका नाम है सफ़ेद दाग को आयुर्वेद में श्वेत कुष्ठ और श्वित्र के नाम से जाना है. श्वित्रहर का मतलब हुवा सफ़ेद दाग को दूर करने वाला. श्वित्रहर सेट में तीन तरह की दवा है. एक खाने की और दो तरह की लगाने की. 

1) श्वित्रहर कैप्सूल, 2) श्वित्रहर वटी, 3) श्वित्रहर घृत 

1) श्वित्रहर कैप्सूल खाने की बेजोड़ दवा है इसे 1-1 कैप्सूल सुबह-शाम पानी से लेना होता है.

2) श्वित्रहर वटी लगाने की दवा है. इन गोलियों को पत्थर पर पानी के साथ घिसकर दाग वाली जगह पर लेप की तरह लगाना होता है. लगाने के आधे से एक घंटे के बाद पानी से गिला कर साफ़ करना होता है. 

3) श्वित्रहर घृत लगाने की दवा है. लेप छुड़ाने के बाद इस घी को ऊँगली से दागों पर हल्की मालिश करनी है. मालिश के बाद थोड़ी देर धुप में बैठना चाहिए. इसे रोज़ कम से कम दो बार लगायें.

श्वित्रहर सेट के इन तीनों दवाओं के कम्पोजीशन की डिटेल्स -

श्वित्रहर कैप्सूल के घटक - बाकुची घनसत्व, हरिद्रा एवम तिल 

श्वित्रहर वटी के घटक - बाकुची, चित्रक, कूठ, पोहकरमूल, चूकबीज, पमार बीज, कज्जली, कलौंजी, करंज, शुद्ध नीलाथोथा 

श्वित्रहर घृत के घटक - बाकुची, हल्दी, तिल, गाय का घी 

तो सेट में यही तीन दवा है जो सफ़ेद दाग को दूर करने में 100% सक्षम है. इस से अब तक हजारों रोगी लाभ उठा चुके हैं. बिल्कुल सेफ़ दवा है, किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट या नुकसान नहीं  होता है. 

रोगानुसार इसे कम से कम तीन महीने से एक साल या अधीक समय तक सेवन करने से रोग निर्मूल हो जाता है. समय जो लगे पर 100% ठीक होगा यह मेरी गारंटी है. 

श्वित्रहर सेट के एक महीने की क़ीमत है सिर्फ 700 रुपया जिसे आप ऑनलाइन आर्डर कर सकते हैं यहाँ दिए गए लिंक से - Switra har Set

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06 March 2019

Filarial Capsule | फ़ाइलेरियल कैप्सूल - फ़ाइलेरिया(हाथी पाँव) की असरदार औषधि



फ़ाइलेरिया को आयुर्वेद में श्लीपद कहते हैं आम बोल चाल में इसे हाथी पाँव के नाम से भी जाना जाता है. यह बहुत ही कष्टदायक रोग है जिसमे रोगी का पैर फूलकर मोटा हो जाता है जिस से चलने में बहुत परेशानी होती है. यह बीमारी शरीर में दूसरी जगह भी हो सकती है. फ़ाइलेरियल कैप्सूल इसमें बेहद असरदार है. फ़ाइलेरिया के कारन होने वाले अंडकोष की सुजन में भी लाभदायक है. सबसे पहले जानते हैं 

फ़ाइलेरियल कैप्सूल के घटक  कम्पोजीशन को - 

इसके प्रत्येक कैप्सूल में शाखोटक घनसत्व 250mg, शुण्ठी घनसत्व 100mg, हरड घनसत्व 100mg और गौमूत्र क्षार 50mg मिला होता है.

फ़ाइलेरियल कैप्सूल के लाभ - 

नए पुराने हर तरह के फ़ाइलेरिया में इसके लगातार सेवन से लाभ होता है और बीमारी दूर होती है. 

फ़ाइलेरिया के कारन होने वाली अंडकोष की सुजन या शरीर के किसी दुसरे भाग की सुजन में भी इस से फ़ायदा होता है. 

फ़ाइलेरियल कैप्सूल की मात्रा और सेवन विधि - 

1-2 कैप्सूल सुबह-शाम पानी या महामंजिष्ठारिष्ट के साथ रोग निर्मूल होने तक सेवन करना चाहिए. या फिर डॉक्टर की सलाह के अनुसार. इसे धैर्यपूर्वक लम्बे समय तक सेवन करने से ही बीमारी दूर होती है. 

इसके साथ में १-१ गोली सुबह-शाम 'नित्यानन्द रस' भी ले सकते हैं.

तुरन्त कोई चमत्कार नहीं होता, पर लगातार यूज़ करते रहने से रोगमुक्ति अवश्य होती है. रोगानुसार 3 से छह महिना या एक साल तक दवा खानी चाहिए. बिल्कुल सेफ़ दवा है, किसी भी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है. 

परहेज़- गरिष्ठ भोजन का त्याग करें तथा सुपाच्य भोजन का ग्रहण करें.

इसके 120 कैप्सूल की क़ीमत है क़रीब 400 रुपया जिसे आप ऑनलाइन ख़रीद सकते हैं, ऑनलाइन ख़रीदने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 

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01 March 2019

Kamshakti Vardhak Set | कामशक्ति वर्धक सेट


आज की इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में सेक्सुअल पॉवर या कामशक्ति की कमी होना युवाओं की कॉमन प्रॉब्लम हो गयी है. आज की इस पोस्ट में यौन शक्ति बढ़ाने वाली बेस्ट दवा के कम्पलीट सेट के बारे में जानकारी देने वाला हूँ जो शीघ्रपतन, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, वीर्य विकार जैसी प्रॉब्लम को दूर करने में बेजोड़ है, तो आईये कामशक्ति वर्धक सेट के बारे में विस्तार से जानते हैं - 


कामशक्ति वर्धक सेट में चार तरह की दवा है. तीन तरह की खाने की गोली और एक लगाने की क्रीम होती है जिसकी डिटेल्स कुछ इस तरह से है -
कामशक्ति वर्धक सेट की औषधि

1) कामशक्ति केशरी वटी 60 गोली

2) नपुन्सक्त्वारि वटी 60 गोली  

3) वृहत कामेश्वर रस 60 गोली 

4) नवयौवन मलहम एक ट्यूब 


अब आईये जानते हैं इनकी डिटेल्स -

1) कामशक्ति केशरी वटी-  

इस वटी की बात करें तो यह सोना, चाँदी, हीरे-मोती जैसी कीमती चीज़ों से बनी बहुमूल्य औषधि है. कामशक्ति वर्धन या पॉवर-स्टैमिना को बढ़ाने के लिए यह एक बेजोड़ औषधि है. इस से शीघ्रपतन, नपुंसकता या नामर्दी, हस्तमैथुन से उत्पन्न हुयी कमज़ोरी दूर होती है. हर तरह की दवा खाकर निराश हो चुके रोगियों के लिए वरदान है.

कामशक्ति केशरी वटी के घटक - 

इसे स्वर्ण वर्क, हीरक भस्म, माणिक्य पिष्टी, वैक्रांत पिष्टी, नाग भस्म, कज्जली, रजत भस्म, अभ्रक भस्म, रस सिन्दूर, शुद्ध हिंगुल, तालमखाना, सालममिश्री, लौंग, केसर, सोंठ, जायफल, जावित्री, भाँग के बीज, कौंच बीज, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, अकरकरा, सफ़ेद जीरा, खुरासानी अजवायन, पीपल, रूमी मस्तगी, मालकांगनी, धतुरा बीज, शुद्ध बच्छनाग, शुद्ध कुचला, बहमन सुर्ख, शुद्ध विजया और त्रिफला के मिश्रण से बनाया जाता है.

2) नपुन्सक्त्वारि वटी- 

जैसा कि इसका नाम है नपुंसकता या नामर्दी को दूर करने और वीर्य विकारों के लिए यह बेस्ट है. इसके सेवन से इन्द्री की कमजोरी, सुस्ती, नामर्दी, ढीलापन, टेढ़ापन, नसों की उभार, शीघ्रपतन और वीर्य विकार दूर होकर कामशक्ति बढ़ जाती है. 

नपुन्सक्त्वारि वटी के घटक - 

इसे जावित्री, शतावर, सालम पंजा, गोखरू, तालमखाना, जुन्दबेदस्तर, लौंग, कपूर, शुद्ध कुचला, बंग भस्म, असगंध, शिलाजीत, जायफल और सफ़ेद मूसली के मिश्रण से बनाया जाता है और शतावर, कौंच बीज, गोखरू के क्वाथ की भावना दी जाती है.

3) वृहत कामेश्वर रस - 

यह भी स्वर्णयुक्त स्पेशल योग है जो यौन कमज़ोरी में बेहद असरदार है. यह रीप्रोडक्टिव सिस्टम को स्थायी शक्ति प्रदान करता है जिस से नसों की कमज़ोरी, ढीलापन और तनाव की कमी जैसी समस्या दूर होती है. 

4) नवयौवन मलहम - 

यह लगाने की दवा है जिसे आवश्यकतानुसार प्रयोग करना चाहिए. 


औषधियों की सेवन विधि - 

तीनों दवाओं की एक-एक गोली सुबह-शाम दूध से भोजन के बाद लेना चाहिए. इसके साथ में अगर 'दिर्घायु चूर्ण' भी लिया जाये तो अत्ति उत्तम. दवाओं को लेते हुवे दूध और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए. सभी दवाओं को एक से तीन महिना तक सेवन करना चाहिए. 

स्थायी लाभ के लिए तीन महीने तक यूज़ करना चाहिए. एक महीने के कम्पलीट सेट की क़ीमत है सिर्फ़ दो हज़ार रूपये पार्सल या कूरियर चार्ज सहित. इसे घर बैठे मंगाने के लिए दिए गए Whatsapp नम्बर पर कांटेक्ट कर सकते हैं. 

कामशक्ति वर्धक सेट मंगाने के लिए WhatsApp करें - 00971524115684 पर  अथवा ई मेल करें - info@lakhaipur.com 

एक महीने का दो हज़ार!! कुछ लोग कहेंगे इतनी महँगी, तो बता दूं कि स्वर्ण, मुक्ता और हीरक युक्त दवा है और बेजोड़ है. क्वालिटी के हिसाब से इसका दाम कम है. बीमारी दूर करने के लिए तो लोग लाखों ख़र्च करते हैं फिर भी फ़ायदा नहीं होता पर यह दवा 100% इफेक्टिव है पहले महीने से ही फ़ायदा दिखता है. सालों से प्रयोग करा रहा हूँ, इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं. 


तो दोस्तों, ये थी आज की जानकारी 'कामशक्ति वर्धक सेट' के बारे में जो शीघ्रपतन, वीर्यविकार और ढीलापन जैसी सभी तरह की प्रॉब्लम को दूर करने में बेजोड़ है. 

26 February 2019

खर्राटे से मुक्ति पायें, आयुर्वेद से - वैद्य जी की डायरी # 15


काफ़ी टाइम से मैं वैद्य की डायरी सीरीज का विडियो नहीं दे पा रहा था तो इसी सीरीज को आगे करते हुवे वैद्य जी की डायरी में आज बताने वाला हूँ खर्राटे यानि Snoring दूर करने वाले आयुर्वेदिक योग के बारे में. जी हाँ दोस्तों, कई लोगों को यह प्रॉब्लम होती है सोते हुवे तरह-तरह की आवाज़ निकालते हैं जिसकी वजह से पास में या साथ सोने वाले की नीन्द हराम हो जाती है और कई बार पति-पत्नी के बिच झगड़े का कारन बनता है. तो आईये आज के इस विडियो में जानते हैं खर्राटा दूर करने वाले आयुर्वेदिक योग के बारे में विस्तार से - 

कुछ लोग समझते हैं कि यह कोई बीमारी नहीं, पर सच तो यह है कि श्वास नली फ्री नहीं होने, नासाछिद्र की झिल्ली कमज़ोरी होने या फिर दुसरे कारणों से यह प्रॉब्लम होती है. कारन जो भी हो, आयुर्वेद में इसका उपचार है. 

वात और कफ़ दोष के कारन ही ऐसा होना माना जाता है. तो सवाल यह उठता है कि इसका उपचार क्या है? 

इसका सबसे बेस्ट ट्रीटमेंट है पञ्चकर्म, अगर सही से 3-4 हफ़्ते तक पंचकर्म किया जाये तो समस्या दूर हो सकती है. अगर पंचकर्म न करा सकें तो परहेज़ करते हुवे औषधियों का सेवन करने से समस्या दूर होती है.

सबसे पहले जान लेते हैं परहेज़ - 

तली भुनी चीजें, फ्राइड फ़ूड, खटाई, अल्कोहल, मिठाई और चिकनाई वाले भोजन नहीं करें. हफ्ते में कम से कम एक दिन सिर्फ जूस या रसाहार पर ही रहें. 

औषधि क्या सेवन करनी है? 

त्रिफला गुग्गुल 10 ग्राम + लौह भस्म 10 ग्राम + त्रिकटु चूर्ण 10 ग्राम सभी को अच्छी तरह से मिक्स कर बराबर वज़न की 60 मात्रा बना लें. एक-एक मात्रा सुबह-शाम पानी से लेना है.

भोजन के बाद में दो स्पून महारास्नादि क्वाथ + दो स्पून दशमूलारिष्ट हाफ कप पानी के साथ पीना चाहिए 

रात में  सोने से पहले एक स्पून त्रिफला चूर्ण भी लेना चाहिए. सिंपल सा दिखने वाला यह खर्राटा या स्नोरिंग की समस्या से छुटकारा देने में बेहद असरदार है. इसे एक से तीन महिना तक लेना चाहिए. 

तो दोस्तों, अगर आपको इस तरह की समस्या है तो ट्राई करें, मेरा चैनल देखने वाले चिकित्सक बंधू अपने रोगियों को इस योग का सेवन कराएँ और जैसा रिजल्ट रहे कमेंट कर मुझे बताएं. 

18 February 2019

Dardhar Tail | दर्दहर तेल - हर तरह के दर्द की आयुर्वेदिक औषधि


दर्दहर तेल ऐसा तेल है जिसकी मालिश से जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, मसल्स का दर्द, कन्धों का दर्द, साइटिका का दर्द, पिण्डलियों का दर्द इत्यादि हर तरह का दर्द दूर होता है. तो आईये जानते हैं इसके बारे में विस्तार से - 

दर्दहर तेल का कम्पोजीशन - 

जैसा कि इसका नाम दर्दहर अथार्त दर्द का हरण करने वाला या दर्द को दूर करने वाला. दर्द को दूर करने वाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों और तेलों के मिश्रण से इसे बनाया गया है. इसे रसोन कल्क, गंधाविरोजा सत्व, अजवायन सत्व, पुदीना सत्व और कपूर जैसी कई तरह की औषधियों के मिश्रण से शुद्ध मूर्छित सरसों तेल में बनाया जाता है. इसकी मालिश से दर्द में तुरंत फ़ायदा होता है और चिप-चिप भी नहीं करता.

दर्दहर तेल के फ़ायदे - 

हर तरह के दर्द को दूर करने में यह तेल बेहद असरदार है. पहली बार की मालिश से ही फ़ायदा दिखता है.

जोड़ों का दर्द, सुजन, कमर दर्द, मसल्स दर्द, कन्धों का दर्द, साइटिका का दर्द जैसा कैसा भी दर्द हो तो इसकी मालिश करनी चाहिए. 

अगर आपमें से किसी को भी दर्द की समस्या है तो एक बार इसका प्रयोग कर अवश्य देखें.

प्रयोग विधि - पर्याप्त मात्रा में तेल को लेकर दर्द वाली जगह पर रोज़ दो-तीन बार तक मालिश करनी चाहिए. यह बिल्कुल सुरक्षित तेल है, इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं. बस जली-कटी त्वचा पर इसे नहीं लगाना चाहिए. 

इसके 100ML के पैक की क़ीमत है 300 रुपया जिसे आप ऑनलाइन ख़रीद सकते हैं निचे दिए लिंक से- 

14 February 2019

Kutaj Bilwadi Ghan Vati | कुटज बिल्वादि घन वटी


कुटज बिल्वादि घन वटी आयुर्वेदिक औषधि है जो दस्त, ग्रहणी, संग्रहणी या IBS, कोलाइटिस, अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे पेट की बीमारियों में बेहद असरदार है, तो आईये जानते हैं कुटज बिल्वादि घन वटी के बारे में विस्तार से - 

कुटज बिल्वादि घन वटी के घटक या कम्पोजीशन - 

जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है कुटज की छाल और बिल्व फल मज्जा का घनसत्व ही इसका मेन इनग्रीडेंट होता है. इसमें इसकी विशेष भावना देकर 500mg की गोलियाँ बनाई जाती हैं. 

कुटज बिल्वादि घन वटी के फ़ायदे- 

दस्त होना, आंव आना, कोलाइटिस, अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे रोगों में इसका प्रयोग करना चाहिए.

संग्रहणी या IBS से कई लोग परेशान रहते हैं, इसमें में भी इसके लगातार सेवन से समस्या दूर होती है. अगर आप IBS के लिए तरह-तरह की दवा ट्राई कर थक चुके हैं तो इसे एक बार अवश्य प्रयोग करें.

पेचिश और ख़ूनी दस्त जैसी पेट की बीमारियों में इसका सेवन करना चाहिए. 

कुटज बिल्वादि घन वटी की मात्रा और सेवन विधि - 

दो गोली सुबह-शाम छाछ या पानी से लेना चाहिए. कम उम्र के लोगों को एक-एक गोली सुबह-शाम दे सकते हैं. इसे हल्का चबाकर खाना चाहिए. यह बिल्कुल सेफ़ दवा है, किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट या नुकसान नहीं होता है. 

इसका सेवन करते हुवे तेल, मसाला, ऑयली, फ्राइड फ़ूड, मिठाई, दूध और गरिष्ठ भोजन से परहेज़ करना चाहिए. दही, छाछ और अनार का जूस का सेवन करना चाहिए. 

इसके 120 गोली के पैक की क़ीमत है सिर्फ 300 रुपया जिसे आप निचे दिए गए लिंक पर पेमेंट कर 600 रुपया में इसका 2 पैक मंगा सकते हैं निचे दिए गए लिंक से - 

21 January 2019

Dirghayu Churna | दिर्घायु चूर्ण के चमत्कारी फ़ायदे | वज़न बढ़ाये, पॉवर बढ़ाये, फिट रखे


दिर्घायु चूर्ण विशुद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जो दुबले पतले लोगों का वज़न बढ़ाती है, पढने वाले बच्चों की बुद्धि और मेमोरी पॉवर बढ़ाती है, नव युवको का पॉवर-स्टैमिना बढ़ाती है, महिलाओं को फिट रखती है और बुजुर्गों को स्वस्थ रखने में मदद करती है. तो आईये आज के इस विडियो में दिर्घायु चूर्ण के बारे में विस्तार से जानते हैं- 

दिर्घायु चूर्ण जैसा कि इसका नाम है, यह सिर्फ एक चूर्ण ही नहीं बल्कि रसायन है. यह लम्बा जीवन प्रदान करता है मनुष्य को स्वस्थ रखते हुवे. स्वस्थ रहने और लम्बा जीवन जीने के लिए जिन आवश्यक पोषक तत्वों की बॉडी को ज़रूरत होती है वह सारे पोषक तत्व या विटामिन्स और मिनरल्स से यह भरपूर है. 

दिर्घायु चूर्ण के घटक या कम्पोजीशन - यह पूरी तरह से नेचुरल और Vegetarian प्रोडक्ट है जो जड़ी-बूटियों, खनिज और ज़रूरी पोषक तत्वों के मिश्रण से बनाया जाता है. 

इसके कम्पोजीशन की बात करें तो इसके प्रत्येक 10 ग्राम में होता है - 

शुद्ध घृतकुमारी एक्सट्रेक्ट- 1000 mg
शुद्ध देसी गेहूं अंकुरित - 1000 mg
सोयाबीन अंकुरित - 1000 mg 
साबुत उरद अंकुरित - 1000 mg
साबुत मुंग अंकुरित - 1000 mg
शुद्ध कौंच बीज- 200 mg
शुद्ध चोंटली- 200 mg
सफ़ेद मूसली- 200 mg
शतावर- 200 mg
बीजबन्द - 200 mg
उटंगन बीज- 200 mg
विधारा- 200 mg
गोखरू- 200 mg
अर्जुन- 200 mg
असगंध - 200 mg
कायफल- 100 mg
तालमखाना- 100 mg
सालम पंजा- 100 mg
पारसिक यवानी - 100 mg
माजूफल- 100 mg
मोचरस- 100 mg
जायफल - 20 mg
अकरकरा - 20 mg
लौंग- 20 mg
दालचीनी - 20 mg
शुद्ध शिलाजीत - 20 mg
अभ्रक भस्म शतपुटी - 20 mg
शुद्ध मिश्री - Q.S 
के मिश्रण से  विशेष विधि(सभी अन्न द्रव्यों को घृतकुमारी के एक्सट्रेक्ट में 24 घंटे भिगोने के बाद, 48 घन्टे में अंकुरित कर छायाशुष्क होने के बाद, इमामदस्ते में कूटकर, देशी गाय के घी में भुनकर) से बनाया जाता है. इसमें शुद्ध देसी गाय के घी की भी थोड़ी मात्रा होती है. 

दिर्घायु चूर्ण के गुण - 

यह उत्तम पौष्टिक, दुबले-पतले लोगों का वज़न बढ़ाने वाला, शक्ति देने वाला, नवयुवकों में बल-वीर्य, पॉवर-स्टैमिना बढ़ाने वाला, चिंता-तनाव, स्ट्रेस दूर करने वाला, दिल-दिमाग को ताक़त देने वाला, मेमोरी पॉवर बढ़ाने वाला, लिवर-स्प्लीन, किडनी को शक्ति देने वाला, पाचन शक्ति ठीक करने वाला, एंटी ऑक्सीडेंट और टॉनिक जैसे गुणों से भरपूर होता है. 

दिर्घायु चूर्ण के फ़ायदे- 

इसके फ़ायदे की बात करें तो यह बच्चे-बड़े, बूढ़े, नवयुवक, महिला-पुरुष सभी के लिए लाभकारी है.

अगर आप दुबले-पतले हैं और तरह-तरह की दवा की खाने के बाद भी आप का वेट गेन नहीं होता और हेल्थ इम्प्रूव नहीं होता इसका सेवन करें. इसके सेवन से दुबले-पतले लोगों का वज़न एक महिना में 3-4 किलो तक बढ़ जाता है. लड़का-लड़की सभी इसका सेवन कर सकते हैं. याद रखें, मोटे लोगों का वज़न इसके सेवन से नहीं बढ़ता है. 

अगर आप नवयुवक हैं, पौरुष शक्ति की कमी है, शीघ्रपतन, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, धात की समस्या, शुक्राणुओं की कमी जैसी कोई भी यौन समस्या है तो इसका सेवन अवश्य करें. यह आपकी हर तरह की मर्दाना कमज़ोरी दूर कर शुक्राणुहीनता को नष्ट करता है. 

इसी तरह महिला बाँझपन को भी दूर कर संतान प्राप्ति में मदद करता है. महिलाओं की पीरियड रिलेटेड प्रॉब्लम को दूर कर कंसीव करने के हेल्प करता है. कमर दर्द, धातरोग या ल्यूकोरिया को दूर करता है और महिला के स्वस्थ और सुन्दरता को बढ़ाता है. 

यदि आप किशोर हैं या आपकी उम्र दस-बारह साल से अधीक है और आप स्टूडेंट हैं तो भी इसका सेवन करना चाहिए. इसके इस्तेमाल से मेमोरी पॉवर और सिखने की क्षमता बढ़ती है और आप हर एग्जाम में फर्स्ट आ सकते हैं क्यूंकि इसमें मिलाई गयी जड़ी-बूटियां दिमाग तेज़ करती है, सिखने की क्षमता, मेमोरी पॉवर और बुद्धि बढ़ाती है. 

अगर आप की उम्र ज़्यादा है 40+ क्रॉस कर चुके हैं या फिर आप वृद्ध व्यक्ति के श्रेणी में आते हैं तो भी इसका सेवन करें. इसके इस्तेमाल से बुढ़ापे के रोग आपके पास नहीं आएंगे जैसे जोड़ों का दर्द, चलने-फिरने  में तकलीफ होना, भूख की कमी, कमजोरी, साँस की समस्या या अस्थमा और बुढ़ापे के दुसरे रोग. इसका इस्तेमाल करने से आपको बुढ़ापे में हाँथ में कभी लाठी या स्टिक आने नहीं देगा. 

तो दोस्तों, बताई गयी किसी भी तरह की प्रॉब्लम है तो दिर्घायु चूर्ण का इस्तेमाल शुरू कीजिये स्वस्थ जीवन का आनन्द लीजिये. दिर्घायु चूर्ण परीक्षित और अनुभूत आयुर्वेदिक योग है, इसके सेवन से किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट या नुकसान नहीं होता है. 

दिर्घायु चूर्ण की मात्रा और सेवन विधि - 

3 से 6 ग्राम तक सुबह-शाम दूध से लेना चाहिए. यह व्यस्क व्यक्ति की मात्रा है. दस साल से बड़े बच्चों को दो ग्राम तक सुबह-शाम दूध के साथ लेना चाहिए. इसे भोजन के आधे घन्टे बाद ही लेना चाहिए. चूँकि इसमें शुद्ध मिश्री की मात्रा है तो जिनका शुगर लेवल बढ़ा हो, यूज़ न करें. शुगर रोगी शुगर फ्री वाला भी आर्डर कर सकते हैं.

इसके 100 ग्राम के पैक की कीमत है सिर्फ़ 300 रुपया. ऑफर के साथ इसका 100 ग्राम का दो पैक दिया जा रहा है सिर्फ़ 500 रुपया में, सिर्फ़ आप लोगों को जो हमारे चैनल के विवर्स और सब्सक्राइबर हैं. इसे आप ऑनलाइन ख़रीद सकते हैं अमेज़न से निचे दिए लिंक से - 









14 January 2019

Dant Rachhak Powder | दांत और मसूड़ों की हर समस्या का एक उपचार- दन्त रक्षक पाउडर


आज मैं एक बेजोड़ आयुर्वेदिक मंजन के बारे में बताने वाला हूँ जिसका नाम है 'दन्त रक्षक पाउडर'. मसूड़ों से खून आना या पायरिया, मसूड़ों की सुजन, दांत हिलना, दाँतों का कालापन, दाँत दर्द, सेंसिटिविटी या ठंडा-गर्म लगना और मुंह की बदबू जैसी प्रॉब्लम में इसका कोई जवाब नहीं. तो आईये इसके बारे में जानते हैं पूरी डिटेल - 

'दन्त रक्षक पाउडर' का जो कॉम्बिनेशन है वो बेजोड़ है, इसके जैसे कॉम्बिनेशन वाला कोई भी प्रोडक्ट मार्किट में नहीं मिलता है. इसका फार्मूला मैंने आज से करीब 20 साल पहले तैयार किया था और यह शत प्रतिशत सफल है.

'दन्त रक्षक पाउडर' के घटक या कम्पोजीशन -

इसके कम्पोजीशन की बात करें तो इसे काली मिर्च, सोंठ, पिप्पली, तुम्बुल, अमृतयोग, माजूफल, अकरकरा, लौंग, सेंधव लवण, बबूल की अन्तरछाल, नीम की अन्तरछाल, मौलश्री, जायफल और संगजराहत के मिश्रण से बनाया जाता है. इसमें मिलाये जाने वाले खनिज और जड़ी-बूटियाँ अपने-आप में बेजोड़ हैं.

यह मंजन इतना असरदार है कि इसे जानने वाले लोग इसे दुबई, सऊदी जैसे गल्फ़ कंट्री के अलावा अमेरिका और लन्दन भी लेकर जाते हैं. 

'दन्त रक्षक पाउडर' के फ़ायदे-

पायोरिया या दाँतों से खून, पस आना, दांत का दर्द, मसूड़ों की कमज़ोरी, मसूड़ों की सुजन, दांत हिलना, सेंसिटिविटी या दाँतों में ठण्डा-गर्म लगना, दाँतों का कालापन जैसी दाँतों की हर तरह की प्रॉब्लम के लिए बेजोड़ है. 

'दन्त रक्षक पाउडर' आपके दांतों को सम्पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है, अगर आपको दाँतों की कोई प्रॉब्लम नहीं भी है तो अपने दाँतों को मज़बूत बनाने के लिए इसका प्रयोग करें ताकि जीवनभर आपके मुँह में दांत रहें.

अगर आपको दांत-मसूड़ों की किसी भी तरह की प्रॉब्लम है या फिर मुँह से बदबू आती है तो इसका प्रयोग करें, इसके पहले पैक से ही आपको फ़ायदा मिलेगा और दुसरे सारे टूथपेस्ट और मंजन आप भूल जायेंगे. 

बच्चे-बड़े, बूढ़े सभी लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. निश्चित रूप से फ़ायदा मिलेगा यह मेरी गारंटी है, एक बार यूज़ करके तो देखिये.

'दन्त रक्षक पाउडर' की प्रयोग विधि -

इसे मंजन की तरह की दांत और मसूड़ों पर मलें या फिर टूथ ब्रश का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. बेस्ट रिजल्ट के लिए सुबह और रात में सोने से पहले भी यूज़ करें और फिर चमत्कार देखें. 

इसके 50 ग्राम के दो पैक की कीमत है सिर्फ 199 रुपया, शिपिंग फ्री. इसे आप सब के लिए ऑनलाइन उबलब्ध करा रहा हूँ जिसका लिंक निचे दिया जा रहा है - 



तो दोस्तों, यह थी आजकी जानकारी दाँतों-मसूड़ों की हर तरह की समस्या को दूर करने वाली बेजोड़ औषधि 'दन्त रक्षक पाउडर' के बारे में.