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25 January 2016

Herbal Formula For HIV / AIDS | एड्स में लाभकारी शास्त्रीय आयुर्वेदिक योग | AIDS Me Fayda Karne Wala Ayurvedic Nuskha



मित्रों हम सभी जानते हैं कि एड्स एक विश्वव्यापी मारक रोग है और इस से पीड़ित व्यक्ति कष्टकारक मृत्यु को प्राप्त करता है | लोग कहते हैं कि इसकी कोई दवा नहीं पर सच तो ये है कि कुछ लोग इस बीमारी से मुक्ति भी पा लेते हैं | आयुर्वेदिक दवा इस बीमारी में फायदा कर सकती है क्यों न इसका एक बार प्रयोग कर देखा जाये | आज आप यहाँ जानेंगे शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधियों का योग जो इस रोग से मुक्ति दे सकता है |

एड्सहर योग-


इसके लिए आपको कई सारी शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधियां चाहिए जो की इस प्रकार हैं –


मुक्तापंचामृत रस – 20 ग्राम
रस सिंदुर – 10 ग्राम
अभ्रक भस्म – 10 ग्राम
स्वर्ण भस्म – 3 ग्राम
माणिक्य पिष्टी – 3 ग्राम
रौप्य भस्म – 3 ग्राम
प्रवाल भस्म – 3 ग्राम
शिलाजित्वादी लौह – 10 ग्राम
वंशलोचन – 10 ग्राम
अमृतारिष्ट, शतावर और बला मूल 








माणिक्य 






वंशलोचन 



शतावर 


बला 


निर्माण विधि -

सबसे पहले तो रस सिंदुर को खरल करें (पिस कर) और वंशलोचन को भी पिस लें इसके बाद अन्य सभी औषधियों को अच्छी तरह मिला कर शतावर और बला मूल की तीन-तीन भावना देकर सुखा कर रख लें | बस दवा तैयार है |

मात्रा एवं उपयोग विधि –

उपरोक्त औषधि 125 – 250 मिली ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दो चम्मच मधु और एक चम्मच देशी घी में  मिलाकर प्रयोग करें | और भोजन के बाद ‘अमृतारिष्ट’ दो-दो चम्मच तीन बार लें | दवा लेते हुवे हर महीने जाँच कराकर HIV का % ज्ञात करते रहें | दो-तिन माह में अगर कुछ भी सुधार होता है तो समझ लीजिये इस रोग से मुक्ति मिल सकती है | HIV Duo Titere Test की Value cd4, cd8 अनुपात तथा रक्त में Virus की मात्रा में कमी रोग सुधार का संकेत देता है, जो की कुशल चिकित्सक आपको समझा सकता है |

लाभ-

जो दवा के बारे में आपने आज जाना है वो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है और HIV की संख्या में कमी लाती है और साथ ही साथ HIV Duo Titere के OD अनुपात में भी कमी लाती है | तो क्यों न कुछ दिनों तक इसका प्रयोग कर परिणाम देखा जाये |

यहाँ आपको बता दूं कि मुक्तापंचामृत रस, रस सिंदुर, अभ्रक भस्म, स्वर्ण भस्म, माणिक्य पिष्टी, रौप्य भस्म, प्रवाल भस्म, शिलाजित्वादी लौह और अमृतारिष्ट आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर में मिल जाता है | वंशलोचन, शतावर और बला मूल आपको जड़ी-बूटी विक्रेता के यहाँ से मिलेगा | चित्र के माध्यम से आप समझ सकते हैं |

Watch here with English Subtitles 


भावना कैसे देते हैं?

जैसा कि आपको बताया गया है शतावर और बला मूल की 3-3 भावना देने को | इसके लिए सबसे पहले आप किसी एक शतावर या बला मूल को मोटा मोटा कूट कर पानी डाल कर काढ़ा बनायें और फिर छान लें | और जो भस्म आदि है उसे खरल में डाल कर काढ़ा मिलाकर घुटाई करें और धुप में सुखा दें | यह एक भावना हुवा, इसी प्रकार 3-3 भावना देना है | भावना देना आयुर्वेदिक औषधि निर्माण का अभिन्न अंग है इस से औषधियां अधिक प्रभावी होती हैं | कोई सवाल या शंका हो तो कमेंट के माध्यम से हमसे पूछिये |




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17 January 2016

How to cure Tonsillitis without Operation | बिना ऑपरेशन टॉन्सिल ठीक करने का आयुर्वेदिक फार्मूला | Tonsils theek karne ka nuskha


दोस्तों, टॉन्सिल एक कष्टकारक बीमारी है और जिसे ये हो जाती है वो ही जानता है कि खाने पिने में कितनी तकलीफ होती है | साधारणतः तो बीमारी दवाइयों से ठीक हो जाती है पर अगर दवा से ठीक न हो तो डॉक्टर ऑपरेशन करने की सलाह देते हैं | पर आपको शायेद पता न हो कि ये बीमारी आयुर्वेदिक दवा से बिना ऑपरेशन ठीक हो सकती है, तो आईये जानते हैं कैसे?

बिना ऑपरेशन टॉन्सिल ठीक करने का योग-

इसके लिए आपको चाहिए हल्दी चूर्ण 120 ग्राम, कपर्द भस्म 10 ग्राम, रस सिंदूर 5 ग्राम, सितोपलादि चूर्ण 120 ग्राम, मधु या शहद और अदरक का रस या जूस |



रस सिंदूर को अच्छी तरह पीसकर बाक़ी सारी चीज़ें मिलाकर खरल करलें और 30 खुराक(पुड़िया) बना कर रख लें | इस एक खुराक को दो चम्मच मधु और अदरक का स्वरस दो चम्मच मिला कर गर्म पानी से सुबह शाम लें | लगातार कुछ दिनों तक प्रयोग करें | दो माह में रोग निर्मूल हो जाता है | जब कोई दवा काम न करती हो तो भी ये दवा काम कर जाती है | ठंडा पानी और ठंडी वस्तुओं से परहेज़ रखें |

यह योग बना बनाया अब ऑनलाइन ख़रीद सकते हैं हमारे स्टोर से - 




(नोट- हल्दी का चूर्ण या पाउडर तो आप ख़ुद बना सकते हैं, कपर्द भस्म और सितोपलादि चूर्ण तो पाउडर के रूप में किसी भी आयुर्वेदिक कंपनी का मिल जाता है, रस सिन्दूर लाल रंग का क्रिस्टल के जैसा होता है जो की आयुर्वेदिक कंपनियां बनाती हैं | इसे आपको खरल में डाल कर अच्छी तरह से पिसना है उपयोग में लाने से पहले) Buy Online- 






How to cure Tonsillitis without Operation

Friend, Tonsillitis is a very painful disease. And suffering person knows that what problem faces during eating and drinking. Generally it cures with medicine but if not then doctors suggest for operation. But you may not know that this disease is completely curable with Ayurvedic or herbal medicines. So let’s know how?

Formula to cure Tonsillitis without operation-

For this you need Turmeric powder 120 gram, Kapard Bhasm 10 gram, Ras Sindur 5 gram, Sitopaladi Churna 120 gram, Honey and Ginger juice.
Firstly make fine powder of Ras Sindoor in paster then add turmeric, Kapard Bhasm and Sitopaladi Churn and mix well.  After that make 30 dose of it. Take one dose twice daily with two spoon honey and two spoon ginger juice with warm water. Use it continues and see the advantages. In two months tonsillitis cures for permanently. It works fine even other medicine becomes effect less. Avoid cold water and cold things or anything which increase it.


(Note- You can make turmeric powder by yourself, Kapard Bhasm, Sitopaladi Churn and Ras Sindur can be found from Ayurvedic store. Ayurvedic companies produce these. Ras Sindur is red crystal type thing and you need to make it fine power in paster before use) Its ready!! Now you can buy it online from our store-



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09 January 2016

Home Remedy for Sciatic nerve pain | Sciatica Ke Dard Ki Kaargar Gharelu Dawa | साइटिका की घरेलु औषधि



साइटिका एक बहुत ही कष्टदायक रोग है जिसमे कमर से लेकर पैर तक Sciatic Nerve में दर्द और जकड़न होती है | शरीर की सबसे बड़ी nerve ही Sciatic Nerve है | इसका दर्द कमर से लेकर जांघ के पिछले हिस्से में होता है जो की पैर तक जाता है | तो आईये जानते हैं कि इस दर्द को कैसे दूर कर सकते हैं ?

इसके लिए आपको चार चीज़ें चाहिए – सहजने के जड़ की ताज़ी छाल, अजवायन, सोंठ और शुद्ध हिंग



सहजन के जड़ की ताज़ा छाल – सहजन को शोभांजन, सहिजन, शिग्रु, मूनगा, सुटी इत्यादि नामों से जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे Drum Stick या Moringa Concanesis कहा जाता है | इसका पेड़ होता है और आप इसकी जड़ मिट्टी खोद कर निकल सकते हैं(ताज़ा छाल उपलब्ध न हो तो सुखी हुयी भी इस्तेमाल कर सकते हैं) | इसके फल को सब्ज़ी के रूप में प्रायः हर जगह इस्तेमाल किया जाता है, चित्र के माध्यम से आप आसानी से इसे समझ सकते हैं | 



अजवायन और सोंठ तो आप जानते ही हैं तो अब जानते हैं हिंग को शुद्ध करने का तरीका –

आपको असली हिंग लेना है जो की जड़ी-बूटी विक्रेता के यहाँ से मिल सकती है | अधिकतर हिंग में मिलावट पाई जाती है पर विश्वसनीय विक्रेता आपको असली हिंग(हिरा हिंग) दे सकता है | तो हिंग के छोटे-छोटे टुकड़े कर तवे पर थोड़ी से घी डालकर Fry कर लें(ध्यान रहे हल्का फ्राई करना है), बस हिंग का शुद्धिकरण हो गया | ठंडा होने पर पिस कर रख लें |

प्रयोग कैसे करना है?



सहजने की जड़ की ताज़ा छाल 200 ग्राम लेकर मोटा-मोटा कूट लें और एक लीटर पानी में उबालें और जब आठवां भाग शेष रह जाये (मतलब 125 मिलीलीटर) तो मसलकर छान लें और ठंडा होने पर इसमें अजवायन पाउडर 500 मि.ग्रा., सोंठ का पाउडर 500 मि.ग्रा और शुद्ध हिंग पीसी हुयी 125 मि.ग्रा मिलाकर पी जाएँ | इसे ख़ाली पेट सुबह-शाम लेना है, सिर्फ़ तिन दिन में ही आराम मिलने लगता है, लगातार कुछ दिनों तक सेवन करने से साइटिका दूर होता है, साइटिका के लिए रामबाण फ़ॉर्मूला है | किसी भी अंग्रेज़ी दवा या इंजेक्शन से बढ़िया काम करता है साथ ही साथ गठियावात, अर्धांग्वात और पक्षाघात या लकवा में भी लाभकारी है | प्रयोग अवधि में वातकारक चीज़ों से परहेज़ रखें | कोई सवाल या शंका हो तो कमेंट के माध्यम से हमसे पूछ सकते हैं |

Note- Agar iske saath saath 'Vishmushtika Vati' 1-1 goli subah sham doodh se liya jaye to bahut jald aram hota hai. Vishmushtika vati jo hai Vishtundak Vati ya Vishmushti Vati ke nam se kayi sari Ayurvedic company ki bani banayi mil jati hai. (Is vati ka istemal ayurvedic doctor ya vaidya ji ke dekh rekh me hi karen)
HOME REMEDY FOR SCIATICA OR SCIATIC NERVE PAIN

Sciatica is very painful disease. In this creates pain and stiffness from back to leg. Sciatic Nerve is the longest nerve of body. It pains from back to thigh towards leg. Let’s know how to remove this pain.

For this, you need four items- Fresh bark of Drum Stick root, Ajwain, Dry Ginger and purified Asafoetida.

Fresh bark of Drum Stick root- It called Moringa Concanesis scientifically. Its fruit used as vegetable which we all know as drum stick. Its tree becomes big in years. You can get its root bark by digging(If fresh bark not available then you can use dried also). You can easily identify this plant from above picture. Ajwain and dry ginger is very common. So now let’s know how to purify Asafoetida –
You need to take pure and genuine Asafoetida which can be found from trusted herb seller store. Crush asafoetida in small size and roast on a pan with little ghee. Roast/fry until become brown, after being cold make powder.  Now Asafoetida is purified and ready to use.

How to use?


Take fresh root bark of Murunga 200 gram and crush and boil in one liter water in slow flame until it remains 125 ml. After being cold squeeze and filter it. Then add Ajwain power 500mg, dry ginger powder 500mg and 125 mg purified asafoetida powder mix well and drink empty stomach twice daily morning and evening. It relieves sciatic nerve pain only in three days. Continue use removes Sciatica properly, this is sure shot 100% effective formula. It works better than any allopathic injection. This is also useful in gout, arthritis, paralysis etc. During usage of this formula avoid food which increases pain. Any question, doubt or concern? Please ask through comment. 


05 January 2016

मलेरिया बुखार का घरेलु नुस्खा | Home Remedy for Malaria Fever | Malaria bukhar ki gharelu dawa



दोस्तों, मलेरिया बुखार लगभग हर जगह पाई जाने वाली बीमारी है जो की मच्छर के काटने से होती है | हमारे देश में बारिश के मौसम में मच्छरों की अधिकता के कारण ये बीमारी अधिक होती है, तो इस बिमारी के बारे में ज़्यादा चर्चा न कर आईये जानते है कि इस से मुक्ति पाने का सटिक और कारगर घरेलु उपाय क्या है |

साधारण नमक से मलेरिया का उपचार –

चौंकिए मत, आपने सही पढ़ा | साधारण नमक से मलेरिया दूर हो सकता है वो भी सिर्फ तिन ख़ुराक में !!!



पर कैसे?

आपको बस साधारण नमक 75 ग्राम लेना है (आयोडीन युक्त नहीं, मोटा नमक लेना है जो गाँव के लोग पहले इस्तेमाल करते थे, यहाँ आपको बता दूं कि सेंधा नमक या कोई और नहीं लेना), तो 75 ग्राम नमक को लोहे के तवे पर लकड़ी के आग में भुनना है, नमक को तवे पर रख कर चलाते रहें जब तक की उसका रंग भूरा हो जाये | मतलब अच्छी तरह से भूनना है | ध्यान रहे कि लोहे का तवा बिलकुल साफ़ हो किसी भी तरह का कोई तेल लगा हुवा नहीं होना चाहिए, ठंडा होने पर कांच के डब्बे में रख लें, बस दवा तैय्यार है |



उपयोग कैसे करें ?

75 ग्राम उपरोक्त भुने हुवे नमक को तिन हिस्से में बाँट लें और तीन खुराक बना लें | रोज़ सुबह ख़ाली पेट एक खुराक हलके गर्म पानी में घोल कर पी जाएँ और एक घंटा बाद कुछ खा सकते हैं, पिने में स्वाद तो बहुत ही नमकीन लगेगा ही पर दवा तो दवा है | बस तिन दिन तक ख़ाली पेट लीजिये और फिर चमत्कार देखिये | तिन दिन में मलेरिया दूर होता है, सैंकड़ों लोगों पर इसका प्रयोग किया है और बहुत ही असरदार पाया है | तो आप भी इसे आज़माएँ और अपना अनुभव निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखें |



Home Remedy for Malaria Fever-

Dear friends, Malaria fever is very common disease which is caused by mosquitoes and found almost everywhere. In our country during raining season, it spreads most. So let’s come to know it’s sure shot and very effective home remedy to get rid of this disease.

Malaria treatment with ordinary salt-

Yes, you read correctly! Ordinary or common salt and remove malaria fever only in three dose and in three days.

But how?

You need to take 75 gram ordinary salt(Remember you need to take ordinary salt(sea salt) which is without iodine, not required rock salt or other salt, ordinary salt is raw salt which got from sea). So take 75 gram ordinary salt and roast on a iron pan, pan should be neat and clean not oily. Better to use wooden fire to roast this salt on iron pan. Roast it until it’s color become light brown. After being cold keep in air tight glass jar, your home remedy is ready.

How to use it?

Above 75 gram roasted salt divide in three parts and make three doses. Take one dose with one cup lukewarm water and mix thoroughly and drink in morning time empty stomach. After one hour you can take breakfast. Take it continues for 3 days, three doses only and see the advantages. It may hard to drink for some bodies but medicine is medicine. It removes malaria fever only in three days. It’s proved home remedies, I used this on hundreds of people and found very effective. Try this and share your experience through comment. Any question, please ask through comment.


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04 January 2016

How to remove constipation naturally? kabz ki samasya kaise door karen? बिना दवा के कब्ज़ या Constipation कैसे दूर करें?



कब्ज़ या Constipation एक बहुत ही आम समस्या है और इस से बहुत लोग परेशान रहते हैं | और आपको शायेद पता नहीं होगा कि कोई भी औषधि या दवा इस समस्या का सही समाधान नहीं है | सही खान-पान और सही दिनचर्या से ही आप इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं | पानी पीकर आप कब्ज़ की समस्या दूर कर सकते हैं | आज आप यहाँ जानेंगे पानी पीकर कब्ज़ को दूर करने का तरीका –



सुबह उठते ही 4-5 गिलास पानी पीजिये खाली पेट और इसके बाद ही शौच को जाएँ, ऐसा नियमित रूप से कुछ दिन करने से धीरे-धीरे कब्ज़ दूर होता है |



दूसरा तरीका ‘सूर्य किरण चिकित्सा’ –

सूर्य किरण चिकित्सा प्राकृतिक चिकित्सा का एक अंग है, ऐसे आप अपने घर पर ही प्रयोग कर सकते हैं और लाभ ले सकते हैं, मैंने स्वयं इसे प्रयोग कर साबित किया है कि काम करता है | तो आईये जानते हैं कि इसका प्रयोग कैसे कर सकते हैं ?



हरे रंग की कांच की बोतल लीजिये और अच्छी तरह साफ़ कर इस पिने वाला पानी भर लें और ढक्कन टाइट कर दें(थोड़ा खाली रखें, कोल्ड ड्रिंक या जूस की हरे रंग की कांच की बोतल आपको आसानी से मिल सकती है) इसे धूप में 8 घंटे तक रहने दें, ऐसी जगह रखें जहाँ लगातार सूरज की धूप लगती रहे | ठण्डा होने पर इसका प्रयोग कीजिये, बस कब्ज़ दूर करने का पानी तैयार है |




उपयोग कैसे करें?


बहुत ही आसान है इसे इस्तेमाल करना, एक कप इस सूर्य किरण वाले पानी को दिन में तिन चार बार नाश्ता और खाने से एक घंटा पहले लीजिये | साधारण सा दिखने वाला यह प्रयोग पुराने से पुराने कब्ज़ को दूर करता है और इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है, पूरी तरह सुरक्षित है | बच्चे, बड़े और वृद्ध किसी भी आयु का व्यक्ति इसे प्रयोग कर सकता है | सूर्य किरण शोधित यह पानी कब्ज़ को दूर तो करता ही है और साथ ही साथ उच्च रक्तचाप, चर्मरोग, लीवर और पाचन की समस्या में भी लाभकारी है पुर्णतः सुरक्षित एवं हानीरहित | तो इसका प्रयोग कीजिये और लाभ लीजिये | कोई सवाल कोई शंका हो तो निचे कमेंट कर हम से पूछिये |