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31 August 2016

Ashokarishta | अशोकारिष्ट के फ़ायदे मासिक की समस्या में | Irregular period ki gharelu dava


आज मैं बता रहा हूँ स्त्रियों की बीमारियों के लिए बेहतरीन और पोपुलर दवा अशोकारिष्ट के बारे में. 

अशोकारिष्ट आयुर्वेद की महान दवाओं में से एक है जिसका इस्तेमाल औरतों के पीरियड प्रॉब्लम के लिए सदियों से किया जा रहा है. 

इसे भी देखिये - स्तनों को बड़ा और सुडौल करने के घरेलु उपाय 

यह दवा हर जगह आसानी से मिल जाती है, अनेक आयुर्वेदिक कंपनियां इसे बनाती हैं. यह महिलाओं के लिए एक बेहतरीन फीमेल टॉनिक है. 

आईये जानते हैं इसके फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में.


अशोक की छाल इसका मुख्य घटक है और यह सिरप यानि रिष्ट है, इसलिए इसका नाम अशोकारिष्ट रखा गया है.

यह दवा  अशोक की छाल, धातकी, सफ़ेद जीरा, मोथा, सोंठ, दारू हल्दी, उत्पल, हर्रे, बहेड़ा, आंवला, आम की गुठली, वासा, सफ़ेद चन्दन, कलोंजी और गुड़ के मिश्रण से तैयार होती है. 

अशोकारिष्ट की मात्रा और सेवन विधि-

15 से 30 मिलीलीटर या 2 चम्मच इस रिष्ट को आधा कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने के बाद लेना चाहिए 

अशोकारिष्ट के फ़ायदे-

अशोकारिष्ट महिलाओं के लिए वरदान सामान है,इसके इस्तेमाल से इन बीमारियों में फ़ायदा होता है -

पीरियड्स के दौरान दर्द होना
पीरियड में रूकावट
अनियमित मासिक होना 
ज्यादा पीरियड होना
कम पीरियड होना
समय पर पीरियड नहीं होना 
जननांग में दर्द 
श्वेत प्रदर, सफ़ेद पानी या ल्यूकोरिया
रक्त प्रदर 
हाथ-पैर में जलन होना, सुजन, खून की कमी, अपच, बुखार होना इत्यादि को दूर करता है.
अशोकारिष्ट महिला प्रजनन अंग को शक्ति देता है 
गर्भाशय या Uterus  की प्रॉब्लम को दूर कर गर्भधारण में मदद करता है

इसे भी देखें - ल्यूकोरिया की घरेलु दवा 

प्रजनन क्षमता बढ़ाता है 
हार्मोन्स को बैलेंस करता है 
अशोकारिष्ट को पीरियड्स या मासिक के दौरान लिया जा सकता है
अनियमित मासिक या Irregular Periods के लिए कुमार्यासव के साथ लेने से ज़्यादा फ़ायदा होता है


इसे जनरल फिमेल टॉनिक की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इस से महिलाओं का स्वास्थ ठीक होता है चेहरा खिल उठता है.

इसका इस्तेमाल कम उम्र की लड़कियों के पीरियड प्रॉब्लम में भी किया जाता है. अशोकारिष्ट पूरी तरह से सेफ दवा है इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं. 


गर्भवती महिलाओं को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जबकि स्तनपान कराने वाली महिला इसका प्रयोग कर सकती है. अशोकारिष्ट घर बैठे ऑनलाइन ख़रीदें अमेज़न से - 

तो ये थे अशोकारिष्ट के फ़ायदे और इस्तेमाल. इसके बारे में कोई सवाल या शंका तो पूछिये. 



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30 August 2016

गैस्ट्रिक की आयुर्वेदिक औषधि | gastric ki herbal dava | herbal remedy for gastritis


आज मैं बताने जा रहा हूँ गैस्ट्रिक की आयुर्वेदिक औषधि शिवाक्षार पाचन चूर्ण के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में. 

गैस्ट्रिक की बीमारी एक बहुत ही आम समस्या है जिस से हर वो व्यक्ति पीड़ित हो जाता है जिसकी पाचन शक्ति कमज़ोर हो. 

इसे भी देखें- बिना दवा कब्ज़ कैसे दूर करें?

आज की लाइफ स्टाइल और हमारा ग़लत खान-पान भी इसका मुख्य कारण होता है. अगर किसी को भी गैस्ट्रिक की प्रॉब्लम हो तो इस चूर्ण के इस्तेमाल से ठीक हो जाता है. गैस्ट्रिक के लिए यह महान दवा है.


वैसे तो यह चूर्ण बना बनाया मार्केट में मिल जाता है पर अगर चाहें तो बना भी सकते हैं. इसे बनाना बहुत ही आसान है. इसके लिए आपको चाहिए हिंगवास्टक चूर्ण, छोटी हर्रे का चूर्ण और सज्जी क्षार या सोडाबाईकॉर्ब जिसे खाने के सोडा मीठा सोडा भी बोलते हैं. 

इन तीनों को बराबर वज़न में लेकर अच्छी तरह मिलाकर रख लें, बस शिवाक्षार पाचन चूर्ण तैयार है.

हिंगवास्टक चूर्ण के बारे में मैंने एक विडियो में बताया है.

शिवाक्षार पाचन चूर्ण का डोज़ और इस्तेमाल करने का तरीका -

2 से 4 ग्राम तक दिन में दो बार खाना खाने के बाद हलके गर्म पानी से 

शिवाक्षार पाचन चूर्ण के फ़ायदे-

यह चूर्ण गैस्ट्रिक की सबसे बेस्ट दवा है. इसके इस्तेमाल से अजीर्ण, कब्ज़, अफारा, हिचकी, उल्टी जैसा लगना, भूख न लगना, पेट दर्द, पेट के कीड़े इत्यादि रोग नष्ट होते हैं.


इसे भी पढ़ें - एसिडिटी की आयुर्वेदिक दवा 'अविपत्तिकर चूर्ण'

आम का पाचन कर कोष्ठ शुद्धि करता है. पाचन शक्ति को ठीक कर भूख बढ़ाता है. लीवर को शक्ति देता है. पेट भारी रहना, खाने की इच्छा नहीं होना, पेट में गैस बनना इत्यादि में बहुत जल्द फ़ायदा  होता है. पेट में जमी गैस को बाहर निकालता है और बदबू को दूर करता है. पेट की सारी प्रॉब्लम को दूर कर देता है. 


कुल मिलाकर देखा जाये तो गैस्ट्रिक और पेट की प्रॉब्लम के लिए बेजोड़ दवा है. 

तो दोस्तों, अगर आप गैस्ट्रिक की प्रॉब्लम से परेशान हैं तो इसका इस्तेमाल कीजिये और परेशानी दूर कीजिये. 
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28 August 2016

हिमालया Confido के फ़ायदे और इस्तेमाल | Confido ke fayde aur istemal | himalya Confido health benefits and use


आज मैं बताऊंगा शीघ्रपतन या जल्द डिस्चार्ज हो जाने की आयुर्वेदिक दवा Confido के बारे में.

हिमालया हर्बल की यह दवा पुरुष यौन रोगों के लिए बेहद असरदार है. शीघ्रपतन, स्तम्भन दोष या Erectile डिसफंक्शन, वीर्यपात, स्वप्नदोष, नपुंसकता जैसे पुरुष रोगों को दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. 

असगंध, विधारा, गोखुरु और कौंच बिज जैसे पावरफुल औषधियों के मिश्रण से बनी यह दवा एक पावरफुल टॉनिक की तरह भी काम करती है. 


आईये सबसे पहले जान लेते हैं इसका कॉम्बिनेशन -

अश्वगंधा, विधारा, कोकिलाक्ष, गोक्षुर, जीवंती, शैल्याँ, सर्पगंधा, वन्य काहू, कपिकछू और स्वर्णवंग के मिश्रण से यह दवा बनती है.

हिमालया Confido के फ़ायदे -

इसके इस्तेमाल से शरीर में पुरुष सेक्स हार्मोन testosteron बढ़ता जो सेक्स पॉवर के लिए बेहद ज़रूरी है. मांसपेशियों को शक्ति देता है, शुक्राणु दोष को दूर करता है, स्ट्रेस को दूर करता है और कामेच्छा को बढ़ाता है.



  • Confido स्तम्भन शक्ति को बढ़ाता है जिस से जल्द डिस्चार्ज नहीं होता 


  • Confido के इस्तेमाल से सेक्स टाइमिंग बढ़ जाती है 
  • सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाता है 
  • Sperm Count या शुक्राणुओं की संख्या को सही करता है. Sperm को स्वस्थ और एक्टिव बनाता है. जिन पुरुषों का स्पर्म काउंट कम हो उन्हें भी इस से फ़ायदा होता है.
  • स्ट्रेस को दूर कर तनाव मुक्त बनाता है जिस से सेक्स ड्राइव का आनंद बढ़ जाता है 


  • स्तम्भन दोष या Erectile डिसफंक्शन को दूर करता है. इसके इस्तेमाल से वीर्यपात बिल्कुल सही टाइम पर होता है. 
  • स्वप्नदोष को दूर करता है और अच्छी नींद लाता है. सर्पगंधा का मिश्रण होने की वजह से BP को कण्ट्रोल करता है.
  • जिनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुवा हो उनको इसके इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहता है.
  • लो ब्लड प्रेशर वाले लोगों को इसका इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करना चाहिए. 

इसे भी देखें - सेक्स पॉवर बढ़ाने वाले फल 
  • जबकि हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को इस से फ़ायदा होता है और कोई दूसरी BP कम करने की दवा लेने की ज़रूरत नहीं रहती या कम मात्रा में लेना चाहिए.

अब जानते हैं Confido टेबलेट का डोज़ - 

1 से 2 टैबलेट सुबह शाम भोजन के बाद नार्मल पानी से लेना चाहिए. 


हिमालया Confido ऑनलाइन ख़रीदने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 



इसका इस्तेमाल एक महिना तक लगातार करें और फिर बीच  में गैप देने के बाद दुबारा शुरू कर सकते हैं. 


इसे भी जानिए - 






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तो दोस्तों ये थे Confido टैबलेट के फ़ायदे और इस्तेमाल. 


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anjeer ke fayde | अंजीर के फ़ायदे | Health benefits of Fig fruit


अंजीर जिसे अंग्रेज़ी में Fig कहते हैं, बहुत ही फ़ायदेमंद फल है जिसके इस्तेमाल से कई बीमारियों में फ़ायदा होता है और कई बीमारियों से बचाता भी है. अंजीर को स्वर्ग का फल भी कहा जाता है.

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सुखा अंजीर सूखे मेवे या ड्राई नट्स का एक हिस्सा है जो स्वादिष्ट और गुणकारी होता है. अंजीर में कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन के अलावा कैल्शियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे मिनरल भी पाए जाते हैं. आईये अब जानते हैं कि अंजीर के क्या क्या फ़ायदे हैं-
सुखा अंजीर 

1. अंजीर खाने से कब्ज़ दूर होता है और बवासीर की समस्या दूर हो जाती है. 

2. हाई ब्लड प्रेशर में इसके इस्तेमाल से फ़ायदा होता. अंजीर शरीर में नमक की मात्रा को संतुलित रखता है जिसके कारण ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहता है.

3. हार्ट प्रॉब्लम से बचाता है. इसके एंटी ऑक्सीडेंट गुण रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं जिस से यह हार्ट की बीमारीओं से बचाता है. 

इसे भी देखें - प्याज़ के 25 फ़ायदे 

4. मधुमेह या डायबिटीज के रोगी के लिए अंजीर का सेवन बहुत ही लाभकारी है. यह मीठा तो होता है पर इसकी मिठास शुगर लेवल बढ़ने नहीं देती, बल्कि शुगर लेवल कण्ट्रोल में रहता है.

5. 2-4 अंजीर रोज़ सुबह चबा-चबा कर खाने से पुरुषों की कामशक्ति बढ़ती है.


6. अस्थमा में अंजीर के पत्तों का रस पिने से फ़ायदा होता है.

7. हड्डियों की मजबूती के लिए अंजीर का सेवन गुणकारी है. रोज़ एक अंजीर खाने से हड्डियाँ मज़बूत रहती हैं और ओस्टोप्रोसिस जैसी बीमारियों से बचाता है.
ताज़ा अंजीर 

8. शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए. सुखी अंजीर को बादाम के साथ खाने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है. दुबले पतले आदमी की सेहत लग जाती है.

9. अंजीर के इस्तेमाल से खाँसी में भी फ़ायदा होता है. सुखी खाँसी दूर होती है, यह काफ को पतला कर निकालता है.

इसे भी देखें- मेथी के फ़ायदे 

10. एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होने के कारण अंजीर का सेवन कैंसर से बचाता है.

11. सर्दी जुकाम होने पर सूखे अंजीर को उबाल कर चाय की तरह पिने से फ़ायदा होता है.


12. अंजीर को सिरके में भीगा कर खाने से भूख बढ़ती है और पाचन शक्ति ठीक होती है.

13. अंजीर को पानी मिलकर पिस कर फोड़ों पर लेप की तरह लगाने से फ़ायदा होता है.

14. वज़न कम करने में भी अंजीर फ़ायदा करता है. इसमें मौजूद कम कैलोरी और हाई फाइबर की वजह से. 

15. अंजीर का प्रयोग महिलाओं के लिए भी फ़ायदेमंद हैं. इसका नियमित प्रयोग खून की कमी, कमज़ोरी और कमर दर्द इत्यादि को दूर करता है. 


तो दोस्तों, ये थे अंजीर के फ़ायदे. इसी तरह की दूसरी जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब ज़रूर कीजिये नयी जानकारियों की अपडेट पाने और बिमारियों को दूर करने के आयुर्वेदिक फ़ार्मूले जानने के लिए.

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 आज के लिए इतना ही. आपकी स्वास्थ कामना के साथ इजाज़त चाहूँगा. धन्यवाद् 
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27 August 2016

गैस की आयुर्वेदिक दवा हिंगवास्टक चूर्ण के फ़ायदे और इस्तेमाल | hingwastak churna ke fayde | Health benefits of Hingvastak churna


आज मैं बताने जा रहा हूँ गैस के लिए बहुत ही असरदार आयुर्वेदिक औषधि हिंगवास्टक चूर्ण के बारे में.

पेट में गैस बनना, बदहज़मी, खट्टी डकार आना, भूक न लगना जैसी प्रॉब्लम के लिए आप इसे अपने किचन में मौजूद सामग्री से बना सकते हैं. वैसे यह बनी बनाई मार्केट में मिल जाती है. और अगर आप चाहें तो इसे बना भी सकते हैं.

इसे भी पढ़ें - एसिडिटी की आयुर्वेदिक दवा 

जैसा कि इस औषधि का नाम है हिंगवास्टक मतलब हिंग के साथ आठ चीजें जो हर जगह आसानी से मिल जाती हैं.

इसके लिए आपको चाहिए होगा- सोंठ, काली मिर्च, पीपल, अजवाईन, सेंधा नमक, सफ़ेद जीरा और काला जीरा प्रत्येक 80 ग्राम और शुद्ध हिरा हिंग 10 ग्राम

हिंग के अलावा सभी को कूट पिस कर चूर्ण बना लें और सबसे लास्ट में हिंग हो पिस कर अच्छी तरह मिला कर रख लें. बस हिंगवास्टक चूर्ण तैयार है.


यहाँ मैं बताना चाहूँगा कि सफ़ेद जीरा को हल्का भून लेना अच्छा रहता है. शुद्ध हिरा हिंग मतलब असली हिंग को गाय के घी में फ्राई करने से हिंग शुद्ध हो जाती है.

कुछ लोग हिंग को सभी चीजों के बराबर वज़न में मिलाते हैं पर वो ठीक नहीं. हमारा अनुभव है कि हिंग को एक चीज़ के आठवें हिस्से के बराबर ही मिलाना ठीक रहता है. हिंग की अधिक मात्रा होने से कुछ लोगों को प्रॉब्लम हो सकती है. 

इसे भी  देखें - कब्ज़ की आयुर्वेदिक औषधि पंचसकार चूर्ण 

अब जानते हैं इसका डोज़ और इस्तेमाल करने का तरीका-

2 से 4 ग्राम तक 2 से 3 बार  हलके गरम पानी से लेना चाहिए. 


हिंगवास्टक  चूर्ण के फ़ायदे-

इस चूर्ण की एक मात्रा खाने की पहले निवाले के साथ घी में मिलाकर लेने से भूख बढ़ती है और पाचन शक्ति ठीक होती है.

अजीर्ण, पेट फूलना, पेट में गैस भर जाना, पेट में दर्द, अपच या बदहज़मी होकर दस्त होना इत्यादि में बहुत फ़ायदा करता है. अगर शंख भस्म के साथ लिया जाये  तो ज्यादा फ़ायदा होता है. भूख न लगने और गैस के लिए यह श्रेष्ठ योग है.

वात विकारों के भी यह फ़ायदा करता है. गठिया, आर्थराइटिस में भी उपयोगी है.

बच्चों को भी कम मात्रा में दिया जा सकता है. जिन लोगों को हिंग सूट नहीं करती उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अल्सर, पेप्टिक अल्सर के रोगी को सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना चाहिए.

कुल मिलाकर हिंगवास्टक चूर्ण गैस के लिए बहुत ही कारगर शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवा है जिसका इस्तेमाल आम आदमी आसानी से बना कर कर सकता है. ऑनलाइन ख़रीदें निचे दिए गए लिंक से - 

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24 August 2016

ब्रोकली के फ़ायदे | Health benefits of broccoli | Broccoli ke fayde

जैसा कि आप सभी जानते हैं ब्रोकली फूलगोभी से मिलती जुलती हरे रंग की सब्जी है.

इस हरी सब्‍जी में आयरन, प्रोटीन, कैल्‍शियम, कार्बोहाइड्रेट, क्रोमियम, विटामिन ए और सी पाया जाता है, जो सब्‍जी को पौष्टिक बनाता है। इसके अलावा इसमें फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्‍सीडेंट भी होता है, जो बीमारी और बॉडी इंफेक्‍शन से लड़ने में सहायक होता है।

तो आईये अब जानते हैं इसके क्या क्या फ़ायदे हैं और इसका इस्तेमाल किन रोगों से बचाता है - 

हार्ट अटैक

ब्रोकली का इस्तेमाल करने से दिल से संबंधित बीमारियों से बचाता है। ब्रोकोली में मैजूद गुण दिल की धमनियों को मोटा नहीं होने देता है। और खून को गाढ़ा होने से भी रोकते हैं जिससे हार्ट अटैक का रिस्क कम हो जाता है।


कैंसर से बचाव के लिए 

ब्रोकली में कैंसर रोधी गुण होते हैं। डाइट में ब्रोकली को शामिल करने से कुछ तरह के कैंसर जैसे स्‍तन कैंसर, लंग और कोलोन कैंसर के रिस्‍क को कम करती है। इसमें फाइटोकेमिकल्स होने के कारण, यह एंटी कैंसर न्‍यूट्रिशनल वेजिटेबल है। इस सब्जी में गले और सिर के कैंसर को बढ़ने से रोकने की क्षमता है। यह बढ़ते हुए कैंसर के सेल्स को रोक देता है।

हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्त चाप में

यदि आपका ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं रहता हो तो ब्रोकली का सेवन करें। यह शरीर में कोलेस्ट्राॅल के लेवल को बढ़ने नहीं देता है जिससे आपका ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहेगा.

अल्ज़ाईमर के लिए 

यदि आपको या आपके परिवार में किसी को अल्जाइमर की समस्या हो या एनीमियां  यानि खून की कमी हो तो आप खाने में ब्रोकोली को शामिल कर लें।

इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है-

इसमें विटामिन C की भरपूर मात्रा होती है, जिस से इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है.

इसे जानिए - प्याज़ के 25 फ़ायदे 

डिप्रेशन दूर करने और मूड अच्छा रखने के लिए-

ब्रोकली में विटामिन बी फोलेट पाया जाता है जिसकी वजह से डिप्रेशन को दूर करता है और आपके मूड को अच्छा रखता है.

भूख बढ़ाने के लिए-

ब्रोकली का सूप पीने से भूख लगती है। यह सूप आपकी सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।

मोतियाबिंद से बचाव 


आँखों के लिए भी ब्रोकली का इस्तेमाल फ़ायदेमंद है. यह आँखों के मोतियाबिंद होने से बचाता है. 

सूजन और रेडियेशन

सूर्य की किरणों से निकलने वाली अल्ट्रा वायलेट रेडियेशन से शरीर के अंग प्रभावित होते हैं। एैसे में ब्रोकली को सलाद के रूप में खाएं। आपको यूवी रेडियेशन के प्रभाव से मुक्ति मिल जाएगी।

शरीर की सुजन के लिए-

यदि आपके शरीर में सूजन बनी हुई हो तो ब्रोकली की सब्जी का सेवन नियमित करें।

डायबिटीज में

ब्रोकली इंसुलिन को बढ़ने से रोकती है। इसलिए इसमें मैजूद गुण डायबिटीज की समस्या को बढ़ने नहीं देते हैं।

प्रीगनेंट या गर्भवती महिलाओं के लिए

ब्रोकली गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। इसके सेवन से पेट के अंदर पल रहे शिशु का दिमाग विकसित होता है। साथ ही ब्रोकली गर्भवती महिलाओं को कई समस्याओं से भी बचाता है।

इसे भी देखें - ल्यूकोरिया या सफ़ेद पानी का ईलाज 

जोड़ों के दर्द, गठिया अर्थराइटिस में 

गठिया की समस्या से परेशान लोगों को ब्रोकली का सेवन करना चाहिए। ब्रोकली में मौजूद गुण हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसका सेवन करने से गठिया के दर्द से निजात मिलता है।


वज़न कम करने के लिए -

ब्रोकली में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है. इसकी सब्जी खाने से वजन आसानी से घटता है।

 दोस्तों जैसा कि आपने जाना हरे रंग की यह सब्जी कई बिमारियों से बचने में मदद करती है तो क्यों न इसे अपने भोजन में शामिल किया जाये. जैसा कि आप जानते हैं कि Prevention is better than cure.


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23 August 2016

अविपत्तिकर चूर्ण के फ़ायदे | Avipattikar churna ke fayde | Health Benefits of avipattikar churna




आज मैं बताऊंगा एसिडिटी या अम्लपित्त की शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि अविपत्तिकर चूर्ण के बारे में. 

वैसे तो यह बना बनाया मिल जाता है पर हम इसकी सही गुणवत्ता के लिए ख़ुद निर्माण करते हैं. इसे बनाने के लिए ये सारी जड़ी बूटी चाहिए होती हैं-


सोंठ, काली मिर्च, पीपल, हर्रे, बहेड़ा, आंवला, नागरमोथा, काला नमक, वायविडंग, छोटी इलायची और तेज़ पात प्रत्येक 10 ग्राम 
लौंग 110 ग्राम, निशोथ 440 ग्राम और मिश्री 660 ग्राम 

सभी को कूट पिस कर चूर्ण बना कर रख लें.

अब जानते हैं इसका डोज़ और इस्तेमाल कैसे करना है-

3 से 6 ग्राम तक सुबह शाम ठन्डे पानी या नारियल पानी के साथ. अगर संभव हो तो धारोष्ण दूध से भी ले सकते हैं.


अविपत्तिकर चूर्ण के फ़ायदे -

अम्लपित्त या एसिडिटी के लिए यह बहुत ही कारगर दवा है. अम्लपित्त के रोगी को सबसे पहले पेट साफ़ करने वाली दवा देकर इसे देने से बहुत फ़ायदा होता है.

एसिडिटी की घरेलु दवा 
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यह दवा पित्त विकारों के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद है. एसिडिटी और उस से होने वाली प्रॉब्लम को दूर करता है. इसके इस्तेमाल से कब्ज़ या Constipation की प्रॉब्लम भी दूर होती है. इस चूर्ण के इस्तेमाल से पाचन ठीक होता है और भूख ख़ूब लगती है. इसे ऑनलाइन ख़रीदें निचे दिए लिंक से -

22 August 2016

साइटिका दूर करें हारसिंगार के पत्तों से | sciatica ka gharelu ilaj | Home remedy for sciatica pain



जी हाँ दोस्तों साइटिका में हारसिंगार के पत्ते का काढ़ा बहुत फ़ायदा करता है. नया साइटिका तो इसके प्रयोग से बहुत जल्द ठीक हो जाता है. 

हारसिंगार को कई नामों से जाना जाता है हरिश्रीन्गार, हरसिंगार, पारिजात, शेफ़ालिका इत्यादि. अंग्रेज़ी में इसे Night Jasmine या Coral Jasmine भी कहते हैं.

साइटिका की घरेलु दवा 

हारसिंगार का पेड़ ज्यादा बड़ा नहीं होता, झाड़ी जैसा होता है. हरे रंग के खुरदुरे, कटहरे पत्ते होते हैं. सफ़ेद रंग के फूल गुच्छों में आते हैं. चित्र देख कर आप समझ सकते हैं. 


 साइटिका के लिए इसके पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपके आस पास इसका पौधा है तो इसके 5-6 पत्ते लेकर कूट लीजिये और पानी में उबाल कर ठंडा होने पर पी जाएँ. इसी तरह सुबह शाम लेना चाहिए. 


साइटिका के दर्द में बहुत फ़ायदा होता है. नया साइटिका बहुत जल्द ठीक हो जाता है. पुराने साइटिका के लिए इसका इस्तेमाल लगातार कुछ दिनों तक करना चाहिए. 

अगर ताज़े पत्ते न मिलें तो इसके सूखे पत्ते पंसारी के यहाँ मिल जाते हैं. सूखे पत्तों को भी उबाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं. या फिर इसका चूर्ण कर 1-1 चम्मच सुबह शाम लेना चाहिए. 


इसके पेड़ की छाल का चूर्ण बनाकर इस्तेमाल करने से जोड़ों के दर्द में भी फ़ायदा होता है. 


हारसिंगार के पत्ते, फुल, छाल सभी काम में आते हैं. हरसिंगार के इस्तेमाल से साइटिका के अलावा गठिया, अर्थराइटिस, सर्दी-खाँसी, कफ़, बुखार, पेट के कीड़े, सुजन और शुगर इत्यादि में भी फ़ायदा होता है.

सिर्फ़ 7 दिनों में साइटिका दूर करने का चमत्कारी नुस्खा - 

तो दोस्तों अगर किसी को साइटिका हो तो इसका इस्तेमाल कर फ़ायदा उठा सकते हैं. 
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21 August 2016

Cystone के फ़ायदे | health benefits and use of cystone

आज मैं बताऊंगा हिमालया हर्बल की बहुत ही फेमस दवा Cystone के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में.

पत्थरी के ईलाज के लिए इसका इस्तेमाल न सिर्फ आयुर्वेदिक डॉक्टर करते हैं बल्कि ऐलोपथिक डॉक्टर लोग भी इसका इस्तेमाल करते हैं. इसके इस्तेमाल से किडनी और मूत्राशय की पत्थरी घुल कर निकल जाती है और दुबारा पत्थरी होने से रोकती है.

Cystone का टेबलेट और सिरप हर जगह आसानी से मिल जाता है. जड़ी बूटी और खनिज के मिश्रण से बनी यह दवा बहुत ही असरदार है. पाषणभेद, शिलापुष्प, मंजीठ, नागरमोथा, अपामार्ग, गोजिव्हा, सहदेवी, शिलाजीत और हजरूल यहूद भस्म इत्यादि इसके मुख्य घटक हैं.



सबसे पहले जानते हैं इसके डोज़ और इस्तेमाल के बारे में -

2 से 3 टेबलेट दो से तिन बार, ये व्यस्क व्यक्ति की मात्रा है. बच्चों को 1 टेबलेट  2 से 3 बार दे सकते हैं.

छोटे बच्चों के लिए इसका सिरप इस्तेमाल करना ज्यादा ठीक रहता है. इसका इस्तेमाल करते हुवे पानी ज्यादा पीना चाहिए.

Cystone के फ़ायदे-

यह एक मूत्रल औषधि है जिस से पेशाब ज़्यादा आने लगता है 
इसके इस्तेमाल से पत्थरी घूल-घूल कर निकल जाती है और नयी पत्थरी बनने से रोकता है.



पेशाब की जलन या Burning Sensation  और इन्फेक्शन को दूर करता है 

पेशाब में क्रिस्टल आने की समस्या को दूर करता है.

किडनी, मूत्राशय और पेशाब के रास्ते की इन्फेक्शन को दूर करता है 

एंटी inflamatory गुणों की वजह मूत्र संसथान की सुजन और दूसरी सुजन को भी कम करता है.

कुल मिलाकर देखा जाये तो यह एक बहुत ही असरदार आयुर्वेदिक मेडिसिन है जो अपने गुणों के कारण प्रचलित है.

तो दोस्तों आपने आज जाना Cystone के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में.

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आज की जानकारी के बारे में कोई सवाल हो तो कमेंट के माध्यम से हम से पूछिये. आपके सवालों का, राय और सुझाव का  स्वागत है. 

 आज के लिए इतना ही. आपकी स्वास्थ कामना के साथ इजाज़त चाहूँगा. धन्यवाद्. Cystone (Buy Online) खरीदें ऑनलाइन निचे दिए गए लिंक से- 

   

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जौंडिस के लिए बहुत ही आसान घरेलू उपचार | jaundice ka gharelu ilaj | Home remedy for jaundice


आज मैं बताऊंगा जौंडिस के लिए बहुत ही आसान घरेलू उपचार के बारे में.

लीवर से सम्बंधित बीमारी जौंडिस या पीलिया को आप सभी जानते ही हैं. आँखों का रंग पिला होना, पेशाब का रंग पिला होना इसके लक्षण हैं. इस में शरीर भी पीला हो जाता है. 

पिछले एक विडियो में मैंने जौंडिस को ठीक करने के लिए लाल फिटकिरी के इस्तेमाल के बारे में बताया था जो की बहुत असरदार है. पर कुछ लोगों को उसके स्वाद की वजह से इस्तेमाल में परेशानी होती है. इसलिए आज मैं एक दूसरा प्रयोग बता रहा हूँ.

पीपल के पत्ते का इस्तेमाल -




जी हाँ दोस्तों पीपल के पत्ते के प्रयोग से कुछ ही दिनों में जौंडिस ठीक हो जाता है. इसके लिए 5-7 पीपल के कोमल पत्ते लेकर उसमे थोड़ी मिश्री मिलाकर सिल पर पीस लीजिये और थोड़ा पानी मिक्स कर घोल कर पी जाना है. बच्चों के लिए मात्रा कम करें, 2-3 पत्ते ही इस्तेमाल करें. 

इसे सुबह सुबह ख़ाली पेट पीना है, ज़्यादा से ज़्यादा एक हफ्ता में जौंडिस ठीक हो जाता है. आँखों का पीलापन दूर होता है, पेशाब साफ़ आने लगता है और शरीर का रंग भी नार्मल हो जाता है. 

इसके लिए आपको पीपल के नर्म और मुलायम पत्ते जो नए-नए निकल रहे होते हैं उसे लेना है जो की हलके रेड कलर के होते हैं. 


जौंडिस होने पर परहेज़ ज़रूर करें. तली हुयी चीजें और तेल का प्रयोग न करें. वज़नदार चीज़ें न उठायें. 

आसानी से पचने वाले खाने खाएं. गन्ने का जूस, मुली जूस, नारियल पानी का इस्तेमाल अधिक करें. उबली हुयी सब्जी और सूप इत्यादि इस्तेमाल करना चाहिए. 

तो दोस्तों आपने आज जाना पीलिया या जौंडिस के बहुत ही आसान से घरेलू ईलाज के बारे में. 

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19 August 2016

वसंत कुसुमाकर रस के फ़ायदे और उपयोग | health benefits and usage of vasant kusumakar ras


वसंत कुसुमाकर रस आयुर्वेद की महान औषधियों में से एक है जो धातु, खनिज और जड़ी बूटियों के मिश्रण से तैयार एक श्रेष्ठ रसायन औषधि है. रसायन औषधि को साधारण बोल चाल में टॉनिक कह सकते हैं. 

वसंत कुसुमाकर मतलब  जैसे वसंत का मौसम आने पर कुसुम यानी फूल खिल जाते हैं ठीक उसी तरह इस दवा के इस्तेमाल से शरीर में नयी शक्ति, स्फूर्ति और उर्जा आती है और शरीर खिल उठता है. 

वसंत कुसुमाकर रस प्रमेह और मधुमेह यानी शुगर की ख़ास दवा है. डायबिटीज या शुगर के वजह से होने वाली साधारण कमजोरी, सेक्स पॉवर की कमजोरी, पेशाब ज़्यादा होना, महिला और पुरुष की प्रजनन समस्या इत्यादि में बहुत ही फ़ायदेमंद है.

सोना, चाँदी, अभ्रक, मोती जैसे कीमती चीज़ों के मिश्रण से बनी यह दवा महँगी तो है पर बहुत ही असरदार है. 

इसकी मात्रा -  1 से दो गोली सुबह शाम रोग के अनुसार उचित अनुपान के साथ लेना चाहिए. 125 मिली ग्राम की इसकी टेबलेट कई आयुर्वेदिक कंपनियां बनाती हैं.

तो आईये अब जानते हैं इसके इस्तेमाल के बारे में - 

शुगर या डायबिटीज में - 1-1 गोली सुबह शाम 'शुगर क्योर चूर्ण' के साथ जो मैंने पिछले विडियो में बताया है या फिर कोई भी दुसरे शुगर में फायदा करने वाले अनुपान के साथ ले सकते हैं. 

डायबिटीज के कारण होने वाली कमजोरी मेंइसका इस्तेमाल दूध के साथ करना चाहिए. डायबिटीज के कारण होने वाली प्रोब्लेम्स को दूर करता है. शुगर की वजह से होने वाली सेक्स कमज़ोरी के लिए बहुत ही असरदार है.


नपुंसकता और वीर्य विकारों के लिए - 1-1 गोली सुबह शाम धारोष्ण दूध से या शहद और अश्व्गंधादी चूर्ण के साथ.

ह्रदय रोग और हार्ट की कमजोरी में - हार्ट डिजीज और हार्ट की कमजोरी में 1-1 गोली सुबह शाम शहद में मिलाकर अर्जुन क्वाथ या अर्जुनारिष्ट के साथ लेना चाहिए.

वसंत कुसुमाकर रस हार्ट और ब्रेन को मज़बूत बनाता है. इसके इस्तेमाल से शारीरिक और मानसिक कमजोरी दूर होती है. पुरुष रोग जैसे वीर्य का पतलापन, शीघ्रपतन, Impotency इत्यादि को दूर कर शरीर में नयी उर्जा प्रदान करता है. अधिक उम्र वाले लोगों के लिए यह एक बेहतरीन टॉनिक है.

महिलाओं के रोग जैसे प्रदर या ल्यूकोरिया, गर्भाशय की खराबी, कमजोरी, पीरियड की  प्रॉब्लम, ज़्यादा पीरियड होना, कमर दर्द इत्यादि को दूर कर शक्ति और नयी उर्जा प्रदान करता है.

कुल मिलाकर देखा जाये तो आयुर्वेद की यह स्वर्णयुक्त औषधि वसंत कुसुमाकर रस बहुत की कारगर दवा है जिसके इस्तेमाल से कई तरह की बीमारियों में फ़ायदा लिया जाता है. इसका इस्तेमाल ज़्यादा दिनों तक लगातार नहीं करें. 1 से 3 महिना इस्तेमाल कर बीच में ब्रेक लेकर दुबारा इस्तेमाल कर सकते हैं. घर बैठे ऑनलाइन ख़रीदें निचे दिए लिंक से-

तो दोस्तों आपने आज जाना वसंत कुसुमाकर रस के फ़ायदे के बारे में. 

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14 August 2016

मधुमेह या डायबिटीज की घरेलू दवा | sugar ka gharelu ilaj | Home remedy for diabetes


डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो पुरे दुनियां में पाई जाती है.  21वीं सदी में यह तेज़ी से फ़ैल रही है जिसका मुख्य कारण है हमारी लाइफ स्टाइल और खान-पान. 

यह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाये तो फिर पूरी ज़िन्दगी इसे झेलना पड़ता है. आप इस से छूटकारा भी पा सकते हैं अगर सही ईलाज मिले और सही ईलाज जो आपको इस से छूटकारा दे सके, वो सिर्फ और सिर्फ आयुर्वेद में है. 

आपको शायेद पता न हो को कि अंग्रेज़ी दवा इसका ईलाज नहीं है. अगर आप आज कल इसकी 2 mg की टेबलेट ले रहे हैं  तो आगे चल कर इसकी पॉवर 5 mg या उस से ज़्यादा भी लेना पड़ सकता है. कहने का मतलब यह है कि दवा की डोज़ बढ़ती जाएगी और रोग जस का तस रहेगा, बल्कि साइड इफ़ेक्ट और complication भी बढ़ेगा. 

डायबिटीज की औषधि 'शुगर क्योर पाउडर'

जबकि आप जड़ी बूटी से बनी दवा का इस्तेमाल कर न सिर्फ शुगर को कण्ट्रोल में रख सकते हैं बल्कि बीमारी से छूटकारा भी पा सकते हैं और किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होगा.


तो आईये जानते हैं आसान से घरेलू दवा के बारे में जिसे आप घर पर ही बना सकते हैं वो भी बहुत कम पैसों या फ्री में.

इसके लिए आपको कुछ चीजें चाहिए जो इस तरह है-

आम  का पत्ता, करेला का पत्ता, बेल का पत्ता, नीम का पत्ता और जामुन पत्ता. सूखे हुवे इन पांच तरह के पत्तों को बराबर वज़न में लेकर कूट-पिस कर चूर्ण बना कर रख लीजिये. बस दवा तैयार है. 

इनमे इस्तेमाल होने वाले पत्तों में चार के तो पेड़ होते हैं जो आपके आस पास मिल सकते हैं, इनके हरे पत्ते तोड़कर सुखा लें और प्रयोग करें. जैसा की आप जानते हैं कि करेला एक सब्जी है और इसकी लता  में पत्ते होते हैं जिसे आप सुखा कर इस्तेमाल कर सकते हैं. ये सारी चीज़ जड़ी-बूटी बेचने वाले या पंसारी के यहाँ भी मिल सकती है. 


इसे आप एक-एक चम्मच सुबह शाम लीजिये नार्मल पानी के साथ. कुछ ही दिनों में ब्लड शुगर और यूरिन शुगर नार्मल हो जाता है. अगर आप अंग्रेज़ी दवा ले रहे हैं तो भी इसका इस्तेमाल कीजिये, कुछ ही दिनों में कोई अंग्रेज़ी दवा लेने की ज़रूरत नहीं रहेगी. 

इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है, पूरी तरह सुरक्षित औषधि है. लगातार इस्तेमाल कर सकते हैं और डायबिटीज से छूटकारा पा सकते हैं.

तो दोस्तों आपने आज जाना डायबिटीज या शुगर के लिए आसान और असरदार घरेलू दवा के बारे में. 
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13 August 2016

Liv 52 के फ़ायदे और उपयोग | Liv 52 ke fayde aur istemal | health benefits of liv 52


लिवर की यह जानी मानी दवा है जो लिवर की बीमारी को दूर करने के साथ-साथ लिवर को विषाक्त पदार्थों से रक्षा करती है. 

इसके मुख्य घटक हैं - हिमस्रा, कासनी, मंडूर भस्म, मकोय, अर्जुन, कासमर्द, बरंजासिफ और झावुका इत्यादि. 

आईये अब जानते हैं इसके गुण और उपयोग -

प्राकृतिक जड़ी-बूटी और मिनरल या यह प्रोडक्ट लीवर की ताक़त को बढ़ाता है जिस से पाचन तंत्र मज़बूत होता है. भूख बढ़ाता है जिस से स्वास्थ ठीक होता है. जौंडिस और संक्रमण वाले hepatitis के लिए बहुत ही असरदार है. 


हेल्थ supplement के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है 

इसके इस्तेमाल से हेल्थ ठीक होता है. यह पेट की प्रॉब्लम, उलटी, गैस, सुस्ती, और भूख की कमी को दूर करता है. लीवर के फंक्शन को ठीक कर लीवर के विकारों को दूर कर देता है. 


यह एक पॉवर फुल लीवर प्रोटेक्टिव औषधि है 

लीवर की कार्यक्षमता को बढ़ाती है 

लीवर की नयी कोशिकाओं को बनने में सहायता करती है जिस से यह लीवर सिरोसिस में फ़ायदा करता है

हीमोग्लोबिन लेवल को सही करता है और वजन सुधार करता है 

दुबले पतले लोग अगर इसका रेगुलर इस्तेमाल करें तो सेहत लग जाती है और वज़न बढ़ जाता है

अल्कोहल से होने वाले लीवर डैमेज से बचाता है 

लम्बी बीमारी के बाद स्वास्थ क्षतिपूर्ति में भी मदद करता है

Fatty Liver को ठीक करता है जिस से यह कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी सहायक है.


अब जानते हैं इसकी मात्रा और सेवन विधि -

Generally 1-1 टेबलेट सुबह शाम लेना चाहिए. लीवर की प्रॉब्लम में 2-2 टेबलेट 3 बार तक दिया जाता है. रोग और रोगी की क्षमता के मुताबिक़ इसकी डोज़ कम या ज़्यादा की जाती है. 

इसका सिरप भी और ड्राप भी रोग और रोगी की कंडीशन के मुताबिक़ करना चाहिए. 

यहाँ अपने अनुभव से एक बात बताना चाहूँगा की अगर आप चाहते हैं कि आपका लीवर ठीक रहे, पाचन शक्ति ठीक हो, कोलेस्ट्रॉल न बढ़े और healthy रहें तो एक से दो tablet इसे रोज़ खाना चाहिए. 


यह दवा साधारण होते हुए भी बड़े काम की है. हर जगह आसानी से मिल जाती है, हमारे देश के साथ साथ पूरी दुनियां में. यह एक पेटेंट आयुर्वेदिक दवा है जिसने आयुर्वेद की शक्ति का डंका पुरे दुनिया में बजाया है और साबित किया है कि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की पॉवर क्या है. 


यहाँ एक बात बताना चाहूँगा कि हमारे देश भारत में इसका टेबलेट शुगर कोटेड और रंगीन होता है. जबकि कई दुसरे देशों में tablet पर को कोट नहीं होता. जैसा की विडियो में देख कर समझ सकते हैं. 

3 दिन में जौंडिस ठीक करने का चमत्कारी ईलाज 

तो दोस्तों आपने आज जाना पोपुलर दवा Liv 52 के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में.

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