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07 मार्च 2024

Medohar Guggul | मेदोहर गुग्गुल के बारे में क्या आप यह जानते हैं?


ओबेसिटी यानि की मोटापा आज के वैश्विक समस्या है, कई लोग मोटापे से परेशान हैं और तरह-तरह की दवा खाने के बाद भी उनका वज़न टस से मस नहीं होता. इसी मोटापा को दूर करने वाली शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि मेदोहर गुग्गुल के बारे में आज विस्तार से बताने वाला हूँ. 

मेदोहर गुग्गुल 

जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है मेदोहर,  मेद यानि कि फैट या चर्बी का हरण करने वाली गुग्गुल वाली औषधि. 

मेदोहर गुग्गुल का घटक या कम्पोजीशन 

मेदोहर गुग्गुल का कम्पोजीशन बड़ा ही बेहतरीन है इसमें शुद्ध गुग्गुल, पीपल, सोंठ, काली मिर्च, मोथा, चित्रकमूल, हरीतकी, विभितकी, आमला, वायविडंग और एरण्ड तेल का मिश्रण होता है. इसे गुग्गुल वाली औषधि निर्माण विधि से ही इसकी गोलियाँ बनायी जाती हैं, जो कि बिल्कुल काले रंग की होती है. 

मेदोहर गुग्गुल की मात्रा और सेवन विधि 

दो-दो गोली सुबह-शाम गुनगुने पानी से. आवश्यकतानुसार रोज़ छह से आठ गोली तक ली जा सकती है. 


मेदोहर गुग्गुल के फ़ायदे 

वेट लॉस के लिए यह एक बेहतरीन दवा है, इस से बेहतर कोई दवा नहीं हो सकती. यह बॉडी के एक्स्ट्रा फैट को बर्न कर वज़न कम करती है. 

वज़न कम करना इसका मेन काम हैऔर इसके साथ साथ इस से रिलेटेड बीमारियों जैसे शुगर, जोड़ों का दर्द, फैटी लीवर, कोलेस्ट्रॉल बढ़ा होना, पेट की चर्बी, उठने-बैठने में तकलीफ़ होना, साँस की तकलीफ़ होना और कफ़ दोष को भी दूर करती है. 

शरीर के मेटाबोलिज्म को ठीक करते हुवे वज़न कम करने की यह बेस्ट दवा है, इस से किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट या नुकसान नहीं होता है. 

मेदोहर गुग्गुल ऐसी दवा है जो तुरन्त आपका वज़न कम नहीं कर देगी, ऐसा बिल्कुल मत सोचें की इसके सेवन से 10-15 दिन में ही आपका दो-चार किलो वज़न कम जायेगा. कई लोगों को इस से धीरे धीरे लाभ होता है, पर निश्चित रूप से वज़न कमता है और स्थायी लाभ रहता है. 

मेदोहर गुग्गुल मोटापा के मूल कारण पर असर करती है जिस से मोटापा के रोगियों का कायाकल्प हो जाता है.

मेदोहर गुग्गुल को कैसे यूज़ करें कि इसका पूरा फ़ायदा मिले?

दो गोली सुबह-शाम इसका नार्मल डोज़ है, आपकी ऐज और वज़न के अनुसार इसका डोज़ बढ़ भी सकता है. 

मेदोहर गुग्गुल के साथ फैटकिल कैप्सूल, फैटकिल चूर्ण, फैटोनिल टेबलेट या योगराज गुग्गुल के सेवन से जल्दी लाभ मिलता है. इस तरह से प्रयोग करवाकर अनेकों रोगियों को लाभान्वित किया हूँ. 

मेदोहर गुग्गुल ऑनलाइन ख़रीदें 

फैटकिल कैप्सूल ऑनलाइन ख़रीदें 

फैटकिल चूर्ण ऑनलाइन ख़रीदें 

फैटोनिल टेबलेट 

क्या इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं?

नहीं, सही डोज़ में स्थानीय वैद्य जी की सलाह से इसका सेवन करने से कोई साइड इफ़ेक्ट या नुकसान नहीं होता है. 

अंग्रेज़ी दवा, कोई विटामिन या होमियो दवा आपकी पहले से चलती हो तो भी इसका यूज़ कर सकते हैं, बस दूसरी दवाओं और इसके बिच में आधा घंटा का गैप रखें. 

प्रेगनेंसी में इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. 

14 फ़रवरी 2024

Thyroid Ayurvedic Medicine- Thayocare Capsule | थायोकेयर कैप्सूल

thyroid treatment

आज एक बहुत ही स्पेशल औषधि थायोकेयर कैप्सूल के बारे में जानकारी देने वाला हूँ जो थायराइड की समस्या के लिए बेहद असरदार है. 

कुछ लोग सोचते हैं कि आयुर्वेद में थायराइड का प्रॉपर ईलाज नहीं है, जो की ग़लत है. भईया आयुर्वेद में थायराइड का सफ़ल उपचार है. 

सबसे पहले जानते हैं थायोकेयर कैप्सूल के कम्पोजीशन के बारे में 

इसके घटक या कम्पोजीशन की बात करूँ तो यह शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधियों और जड़ी बूटियों का एक बेहतरीन योग है. इसे कांचनार गुग्गुल, पुनर्नवादि मंडूर, आरोग्यवर्धिनी वटी, त्र्युषनाध लौह, कुटकी घनसत्व और विडंग घनसत्व के मिश्रण से बनाया गया है. 
 

थायोकेयर कैप्सूल का डोज़ यानि कि मात्रा और सेवन विधि 

एक से दो कैप्सूल रात में सोने से पहले गर्म पानी से लें. या फिर बढ़ी हुयी अवस्था में दो-दो कैप्सूल सुबह-शाम गर्म पानी से. जब थायराइड का लेवल नार्मल हो जाये उसके बाद भी कुछ महीने तक एक कैप्सूल रोज़ सेवन करना चाहिए. 15 साल से कम उम्र के रोगी को कैप्सूल तोड़कर आधी मात्रा में देना चाहिए.

थायोकेयर कैप्सूल के फ़ायदे 

इसके फायदों की बात करूँ तो यह अबनोर्मल थायराइड लेवल को नार्मल करता है और इस कारन से शरीर में उत्पन्न हुयी विकृतियों को दूर करता है. 

थायराइड ग्रंथि की विकृति से उत्पन्न सभी समस्याओं की दूर करने में असरदार है. 
लॉन्ग टाइम तक इसका सेवन कर सकते हैं, किसी भी तरह का कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं  होता है. 

इसका सेवन करते हुए सफ़ेद नमक, चावल और चिकनाई वाले आहार से परहेज़ करना चाहिए.