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31 October 2016

Himalaya Himcocid Benefits | हिमालया हिमकोसिड एसिडिटी की आयुर्वेदिक दवा | Acidity Ki Herbal Dava Himalaya Himcocid


हिमालया हिमकोसिड पूरी तरह से आयुर्वेदिक नेचुरल Antacid है जो पेट के रोगों जैसे एसिडिटी, अपच, खट्टी डकार आना जैसे रोगों के लिए असरदार दवा है 

अम्लपित्त या एसिडिटी के लिए शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि अविपत्तिकर चूर्ण और एक अनुभूत योग अम्लपित्तान्तक चूर्ण के बारे में पहले ही अपनी वेबसाइट चैनल पर जानकारी दे चूका हूँ 

हिमालया हेल्थ केयर की हिमकोसिड सिरप  एसिडिटी के लिए  एक बहुत ही असरदार दवा है जो की हर जगह मिल जाती है 

सीने की जलन, अपच होना, पेट फूलना, उल्टी, पेट दर्द, पेट में गैस बनना जैसी प्रॉब्लम के लिए यह बेहतरीन दवा है 

जब आपको डाईजीन जैसी अंग्रेज़ी दवा पिने से फ़ायदा न हो रहा हो तो भी हिमकोसिड काम करता है और अपना असर दिखाता है 

हिमालया हिमकोसिड का इस्तेमाल एसिडिटी(GERD), एसिड पेप्टिक डिजीज, गैस्ट्रिक, आमाशय की सुजन जैसे रोगों में किया जाता है 


आयुर्वेद की जानी-मानी असरदार दवाओं के मिश्रण से इसे बनाया गया है, आईये जानते हैं कि इसका कम्पोजीशन क्या है- 

इसमें मिलाया गया है कपर्दक भस्म, दुग्धपाषाण, मुक्ताशुक्ति भस्म के साथ गिलोय, आँवला और पुनर्नवा 

कपर्दक भस्म- इसे वराटिका भस्म और कौड़ी भस्म के नाम से भी जाना जाता है

कपर्दक भस्म बहुत ही असरदार आयुर्वेदिक antacid है इसके प्रयोग से अम्लपित्त, गैस, गुल्म, ग्रहणी, पाचन शक्ति की कमज़ोरी, खट्टी डकार आना दूर करता है और बढ़े हुवे पित्त को कम करता है

दुग्धपाषाण - दुग्धपाषाण एक तरह का खनिज है जो ग्राही और संकोचक प्रकृति का होता है इसे अंग्रेज़ी में मैग्नीशियम सिलिकेट कहते हैं

यह पेट और आंत के रोगों के लिए फायदेमंद होता है, यह शीत वीर्य है और antacid की तरह काम करता है 

मुक्ताशुक्ति भस्म - मुक्ताशुक्ति भस्म  गैस, पित्त विकारों और कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए प्रयोग किया जाता है, मोतियों की सीप को ही मुक्ताशुक्ति कहते हैं और आयुर्वेदिक विधि से बनायी गयी इसकी भस्म को मुक्ताशुक्ति भस्म कहते हैं 

यह गैस्ट्रिक, पित्त की अधिकता, गुल्म और दुसरे सभी पित्त दोष को दूर करने वाली असरदार दवा है 

गिलोय - गिलोय जिसे गुडूची, गुरीच और अमृता भी कहा जाता है जलन और पित्त विकारों को दूर करती है, एसिडिटी को ठीक करती है और पेट के अलावा पुरे शरीर पर इसका प्रभाव होता है, गिलोय के गुण अपार हैं 

आँवला- आँवला को सभी लोग जानते हैं जो की बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है और विटामिन सी से भरपूर होता है, पेट के रोगों और एसिडिटी को कम करता है 

पुनर्नवा - पुनर्नवा शोथ या सुजन कम करने की जानी मानी औषधि है, एसिडिटी को कम करता है और पेट के रोगों में राहत देता है 

 इन सभी जड़ी-बूटी और खनिज के मिश्रण से बनी हिमालया हिमकोसिड बेहद असरदार दवा बन जाती है 


अब जानते हैं हिमालया हिमकोसिड के फ़ायदे -

यह पूरी तरह से हर्बल नेचुरल antacid है 

यह पेट को एसिड के नुकसान से बचाता है और अल्सर को ठीक करता है 

Heartburn और Non-ulcer Dyspepsia में फ़ायदा करता है 

पेट में गैस बनना, अपच, डकार आना जैसी प्रॉब्लम को दूर करता है 

अम्लपित्त के कारण उल्टी जैसा लगना या उल्टी होना, पेट फूलना जैसे symptom को दूर करता है 

पेट के अन्दर की सुजन को कम करता है और पाचन शक्ति को सुधारता है 

हिमालया हिमकोसिड का डोज़-

एक से दो चम्मच तक दिन में दो बार खाना के बिच में या खाना खाने के बाद लेना चाहिए 

हिमालया हिमकोसिड नार्मल के अलावा कई दुसरे फ्लेवर में भी उपलब्ध है जैसे मिंट फ्लेवर, बनाना फ्लेवर और सौंफ़ फ्लेवर में 


सभी का असर बराबर है बस स्वाद का फर्क होता है 

कुल मिलाकर देखा जाये तो एसिडिटी और इस से रिलेटेड जो भी प्रॉब्लम हो उसे दूर करने के लिए हिमालया हिमकोसिड बेहद असरदार नेचुरल हर्बल दवा है 

तो दोस्तों, ये थी आज की जानकारी हिमालया हिमकोसिड के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में. ऑनलाइन ख़रीदने के लिए यहाँ क्लिक करें 


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30 October 2016

कामचूड़ामणि रस शीघ्रपतन की बेजोड़ दवा | Kamchudamani Ras Benefits


कामचूड़ामणि रस शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवा है जो सोना, चाँदी और मोती जैसी बहुमूल्य चीज़ों के मिश्रण से बनायी जाती है 

यहाँ मैं बताना चाहूँगा कि आयुर्वेद में स्वर्णयुक्त रसायन औषधियाँ सबसे हाई क्लास होती हैं. जब साधारण जड़ी-बूटियों से बनी दवाइयाँ काम नहीं करती तो आयुर्वेदिक डॉक्टर स्वर्णयुक्त और हीरे मोती से बनी रसायन औषधियों का प्रयोग कर बीमारी को ठीक करते हैं 

बुरी आदतों या किसी भी कारण से होने वाली यौन दुर्बलता और सेक्स प्रॉब्लम को दूर करने के लिए यह बेहद असरदार दवा है 

भैषज्य रत्नावली का यह योग पुरुष रोगों के साथ साथ स्त्री रोगों में भी असरदार है तो आईये सबसे पहले जानते हैं कि यह किन चीजों से बनता है-

स्वर्ण भस्म, रजत भस्म, स्वर्णमाक्षिक भस्म, वंग भस्म, भीमसेनी कपूर, लौंग, जायफल, जावित्री, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, और नागकेशर के मिश्रण में सात दिनों तक शतावर के रस की भावना देकर इस दवा को बनाया जाता है 

कामचूड़ामणि रस या कामचूड़ामणि रस (वृहत) के नाम से कई आयुर्वेदिक कम्पनियाँ जैसे जमना फार्मा, व्यास फार्मा, उंझा इसे बनाती है जो कि आयुर्वेदिक मेडिकल में मिल जाता है, इसे ऑनलाइन भी ख़रीदा जा सकता है 


स्वर्णयुक्त होने की वजह से यह दवा थोड़ी महँगी तो है पर बेहद असरदार है 

कामचूड़ामणि रस के फ़ायदे- 

यह रसायन शीतवीर्य, पौष्टिक और बेहतरीन कामोत्तेजक है 

इसके इस्तेमाल से सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ जाता है, शीघ्रपतन या जल्द डिस्चार्ज नहीं होने देता 

वीर्य को गाढ़ा करता है और लम्बे समय तक वीर्यपात होने से रोकता है 

Erectile Dysfunction, ढीलापन, लिंग में तनाव की कमी को दूर करता है 

सोना, चाँदी और मोती जैसे नेचुरल पावरफुल चीज़ों से बनी यह दवा बेहतरीन टॉनिक की तरह काम करती है और अन्दर से मजबूत बनाती है 

यह दवा महिलाओं के लिए भी असरदार है, इसका इस्तेमाल महिलाओं के गर्भाशय के रोगों, पीरियड्स की प्रॉब्लम में किया जाता है. यह महिलाओं का स्वास्थ सुधारता है और स्तनों को सुडौल बनाता है 

यह एक सौम्य दवा है जिसका इस्तेमाल किसी भी मौसम में किया जा सकता है, पित्त प्रकृति वालों के लिए भी अनुकूल है 

जिनलोगों को शराब, तेज़ मिर्च मसाले और अधिक नॉन वेज की वजह से सेक्सुअल प्रॉब्लम हुयी हो तो उसमे भी इस से फ़ायदा होता है 


अब जानते हैं कामचूड़ामणि रस का डोज़ - 

इसकी टेबलेट 125 मिलीग्राम की मसूर के आकार की बनी होती है 
1 से 2 टेबलेट तक सुबह शाम मिश्री मिले हुवे दूध के साथ या उचित अनुपान के साथ लेना चाहिए 

अगर शीघ्रपतन और इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए लेना हो तो एक चम्मच अश्वागंधादी चूर्ण में मिलाकर लें और ऊपर से दूध पियें 

वीर्य विकारों में इसके साथ चन्द्रप्रभा वटी ले सकते हैं, इसी तरह से अलग- अलग रोगों में अलग - अलग अनुपान के साथ इसे लेना चाहिए 

इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए.

व्यास कामचूड़ामणि रस ऑनलाइन खरीदिये - 5 ग्राम

तो दोस्तों, ये थी आज की जानकारी कामचूड़ामणि रस के बारे में जिसके इस्तेमाल से Premature Ejaculation, इरेक्टाइल डिसफंक्शन और वीर्य विकार को दूर किया जाता है. Buy Online from Amazon- 


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29 October 2016

Charak M2 Tone Benefits For PCOS | पीरियड्स के दर्द और महिला बाँझपन की दवा


चरक फार्मा का M2 Tone टेबलेट और सिरप महिलाओं के लिए एक बेहतरीन दवा है जो महिलाओं के पीरियड्स या माहवारी की सारी प्रॉब्लम को दूर कर देता है और गर्भधारण में मदद करता है 

पीरियड्स में दर्द होना, पीरियड्स टाइम पर नहीं होना, कम या ज़्यादा होना, कमर और पेडू में दर्द होना, ovaries में egg produce नहीं होना, बाँझपन, गर्भाशय की ख़राबी जैसी प्रॉब्लम के लिए M2 tone बहुत ही असरदार दवा है 

M2 Tone एक बेहतरीन दवा और टॉनिक की तरह काम करता है जो गर्भाशय को आवश्यक पोषण प्रदान कर इसके सारे विकार दूर कर देता है और गर्भाशय को स्वस्थ बना देता है 

यह तनाव कम करता है, असगंध और जटामांसी जैसी जड़ी बूटियों के कारण चिंता दूर करता है और महिलाओं का मूड भी ठीक रखता है 

हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाता है और खून की कमी को दूर कर देता है 
तो आईये एक नज़र डालते हैं कि इस बेहद असरदार दवा में कौन कौन सी जड़ी-बूटी और मिनरल्स मिलाये गए हैं - 

M2 Tone के टेबलेट में इन जड़ी बूटियों का चूर्ण मिलाया गया है 

कमल 
उशीर
जटामांसी
जीरा
कंकोल
लौंग
नागकेशर 
शाल्मली 
सोंठ

और ये सारे भस्म और मिनरल्स-

अभ्रक भस्म
कुक्कुटा न्त्वक भस्म 
मंडूर भस्म 
वंग भस्म 
यशद भस्म 
शुद्ध कसीस 
सोनागेरू 


इसके अलावा इसमें इन जड़ी बूटियों का extract मिलाया गया है- 

अशोक 
लोध्र 
हरीतकी 
शिवलिंगी
आमलकी 
देवदारु
कोकिलाक्षा 
शतावरी
वासा 

इन सारी पावरफुल जड़ी-बूटी, खनिज और भस्मों के मिश्रण से यह दवा बहुत ही असरदार बन जाती है 

M2 Tone के सीरप का composition भी इस से मिलता जुलता है इसके सीरप में अशोक, दशमूल, शतावर, मोथा, जामुन, बहेड़ा, कमल, आँवला, असगंध, हर्रे, लोध्र, बला, भृंगराज, बेल, जटामांसी, जीरा, खदिर, शाल्मली, सोंठ, देवदार, लौंग, नागकेशर, पिप्पली, सारिवा, त्वक, विडंग, गुडूची, निशोथ, शिवलिंगी, बच, कंकोल, चिरैता, दारू हल्दी और मंडूर भस्म जैसी दवाओं का मिश्रण है 


अब जानते हैं M2 Tone के फ़ायदे - 

इसके इस्तेमाल से महिलाओं की पीरियड्स की प्रॉब्लम और गर्भाशय के सारे विकार दूर हो जाते हैं 

पीरियड्स के पहले, पीरियड्स के दौरान और पीरियड्स के बाद होने वाले दर्द में फ़ायदा करता है 

हैवी पीरियड्स में भी लाभकारी है 

पीरियड्स कम होना या नहीं होने में भी फायदेमंद है, पीरियड्स को नार्मल और रेगुलर करता है 

Egg कम produce होने या produce नहीं होने में फायदेमंद है 

अज्ञात कारणों से होने वाले बाँझपन को भी दूर करता है 

गर्भाशय को उचित पोषण देकर इसे healthy बनाता है 

गर्भधारण की सम्भावना और क्षमता को बढ़ाता है 

Polycystic Ovary Syndrome या PCOS में फायदेमंद है इसके लिए  M2 Tone सिरप को 'चन्द्रप्रभा वटी' के साथ लेना चाहिए 

कुल मिलाकर देखा जाये तो M2 Tone पीरियड्स की प्रॉब्लम और गर्भाशय की बीमारी को दूर करते हुवे महिलाओं के स्वास्थ को सुधारता है और गर्भधारण में मदद करता है 

M2 Tone का डोज़ - 

अगर इसका सिरप लेना हो तो इसे 2 चम्मच दिन में दो बार खाना खाने के बाद लेना चाहिए 

इसका टेबलेट खाना हो तो  2-2 टेबलेट 2 बार लेना चाहिए खाना खाने के एक घंटा के बाद 

इसके टेबलेट के साथ 'अशोकारिष्ट' लेने से पीरियड्स की सारी प्रॉब्लम दूर हो जाती है 

इसे पीरियड्स के दौरान भी लिया जा सकता है, कोई प्रॉब्लम नहीं होता 
पूरी तरह से सुरक्षित नॉन हार्मोनल आयुर्वेदिक दवा है, इसका इस्तेमाल लम्बे समय तक भी किया जा सकता है, बाँझपन जैसे रोग में इसे 6 महिना तक प्रयोग कराया जाता है 

आज की डेट में M2 Tone के 450 ML के सिरप का प्राइस 155 रुपया है और 30 टेबलेट का प्राइस 127 रुपया है 

आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से इसका इस्तेमाल कर पीरियड्स की प्रॉब्लम और बाँझपन को दूर किया जा सकता है 

तो दोस्तों, ये थी आज की जानकारी M2 Tone के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में 


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लिंग को लोहे की तरह सख्त बनायें सफ़ेद प्याज़ और शहद से | Safed Pyaz Aur Shahad Ka Istemal


सफ़ेद प्याज़ और शहद के सही इस्तेमाल से लिंग को लोहे की तरह सख्त बना सकते हैं

यह बिल्कुल आसान सा प्रयोग है जिसे कोई भी बना सकता है और इसमें इस्तेमाल होने वाला सफ़ेद प्याज़ और शहद दुनिया में हर जगह मिल जाता है 

ये उन लोगों के लिए भी आसान है जो हमारे देश से बाहर रहते हैं और जहाँ जड़ी बूटी लाकर दवा बनाना आसान काम नहीं है 

सफ़ेद प्याज़ आप सब्ज़ी मार्किट से ले सकते हैं और असली शहद डाबर या किसी और कंपनी का मिल ही जाता है 

आपने इसके इस्तेमाल के कई तरह के तरीक़े देखें होंगे जिनमे अधिकतर सही नहीं होते

इसे बनाने और इस्तेमाल करने का दो तरीका आज मैं आपको बता रहा हूँ 
पहला तरीका - 

दो-तिन मेडियम साइज़ की सफ़ेद प्याज़ को छिल कर छोटे-छोटे टुकड़े कर लें और जूसर में डाल कर इसका रस निकाल लें 

आधा कप यानि 25 ML सफ़ेद प्याज़ के रस में एक चम्मच शहद मिक्स कर पी जाएँ, इसे सुबह शाम फ्रेश बनाकर इस्तेमाल करें. इसे सुबह ख़ाली पेट खाएं और आधा घंटा बाद नाश्ता करें 


दूसरा तरीका - 

उनलोगों के लिए है जो रोज़ इसका ताज़ा रस नहीं निकाल सकते, इसका तरीका भी आसान है 

मेडियम साइज़ के 10-15 सफ़ेद प्याज़ को छिल लीजिये और एक प्याज़ के चार टुकड़े कर दें और इसे काँच के जार में डाल दें और उसे असली शहद से पूरा भर दें, ध्यान रहे जार पूरा भरा होना चाहिए बिल्कुल भी ख़ाली नहीं 
ढक्कन अच्छी तरह बंद कर इसे पंद्रह दिनों के लिए आलमारी रख कर दें 

पंद्रह दिन बाद आप इसे इस्तेमाल कर सकते हैं, इसे सुबह शाम 4-4 टुकड़े(एक प्याज़) चबाकर खा लीजिये ख़ाली पेट इसमें मिले हुवे शहद के साथ 

बताये गए दोनों में से कोई भी एक फ़ार्मूला को आप लगातार एक से डेढ़ महिना तक इस्तेमाल कीजिये और फिर चमत्कार देखिये 

इसके प्रयोग अवधि में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए, सम्भोग नहीं करना चाहिए 

इसके इस्तेमाल से लिंग की कमज़ोरी दूर होती है, लिंग में भरपूर तनाव आता है और लिंग बिल्कुल फ़ौलाद की तरह कड़ा हो जाता है  और वीर्य गाढ़ा होता है 


शरीर में ताक़त आती है और चेहरा खिल उठता है 

हाई ब्लड प्रेशर के रोगी को इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए 

तो दोस्तों, ये थी सफ़ेद प्याज़ और शहद के इस्तेमाल की जानकारी जिसके प्रयोग से अधिकतर लोगों को फ़ायदा होता है, जिनको इस से फ़ायदा न हो उनके लिए तो आयुर्वेदिक दवाएं हैं ही. सफ़ेद प्याज़ ऑनलाइन खरीदें, निचे दिए गए लिंक से- 







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27 October 2016

Tulsi Ke Fayde, मर्दाना ताक़त बढ़ाएं तुलसी के बीजों से | Health Benefits Of Basil


तुलसी को किसी इंट्रोडक्शन की ज़रूरत नहीं है हम सभी लोग इसे जानते हैं हिन्दू धर्म में इसका धार्मिक महत्त्व भी है इसीलिए इसकी पूजा की जाती है 

हल्की खुशबु वाला यह पौधा जानी-मानी औषधि भी है जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है. सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है

तुलसी को घर के आंगन या बालकोनी में लगाने की परम्परा रही है, तुलसी के पौधे से घर का वातावरण शुद्ध रहता है और आस पास बैक्टीरिया नहीं पनपते 

और साथ ही ज़रूरत पड़ने आप इसका इस्तेमाल कर बीमारियों में फ़ायदा भी ले सकते हैं, तो तुलसी का पौधा घर के आंगन या बालकोनी में ज़रूर लगाइए 

आयुर्वेद में तुलसी के पौधे का हर भाग का प्रयोग किया जाता है जैसे जड़, पत्ते, बीज और शाखाएं 

आयुर्वेद मतानुसार यह कफ़,  पित्त दूर करने वाला त्रिदोषनाशक है 
इसके शाखा से बनी माला को भी लोग पहनते हैं, इसके जड़, पत्ते और बीजों का इस्तेमाल दवाओं में होता है 

तुलसी जिसे अंग्रेज़ी में Basil कहते हैं इसका वैज्ञानिक नाम Ocimum sanctum है 

यह मुख्यतः 2 तरह की होती है सफ़ेद तुलसी और काली तुलसी 
सफ़ेद तुलसी के पत्ते हलके हरे रंग के होते हैं जबकि काली तुलसी के पत्ते डीप ग्रीन कलर के और इसकी शाखाएं पर्पल कलर की होती हैं 


यौन रोगों के लिए तुलसी के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है तो आईये जानते हैं कि तुलसी के क्या क्या फ़ायदे हैं - 

पुरुषों के रोग जैसे शीघ्रपतन, Erectile Dysfunction, नपुंसकता और शारीरिक कमज़ोरी में तुलसी के बीज का पाउडर बना कर लेने से बहुत फ़ायदा होता है 

इसके लिए 100 ग्राम तुलसी के बीज का पाउडर बना लें और इसमें 50 ग्राम पीसी हुयी मिश्री मिलाकर रख लें

इस चूर्ण को 1 चम्मच खाकर मिश्री मिला हुवा दूध पीना चाहिए, कुछ ही दिनों में आप इसका चमत्कारी प्रभाव देख सकते हैं 

महिलाओं के पीरियड्स की प्रॉब्लम में भी तुलसी के बीजों से फ़ायदा होता है, Irregular period में इसके बीजों का चूर्ण बनाकर इस्तेमाल करना चाहिए 

सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार होने पर तुलसी के पत्तों को अदरक और काली मिर्च के साथ उबाल कर चाय की तरह पिने से फ़ायदा होता है. यह कफ़ को पतला कर निकाल देता है


तुलसी के पत्तों का रस निकालकर उसमे बराबर मात्रा में निम्बू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर लगाने से कील मुहांसे दूर होते हैं, चेहरे की झाइयाँ ठीक होती हैं और चेहरे पर निखार आता है 

सांस की बदबू को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं और नेचुरल होने की वजह से इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता है. अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें. ऐसा करने से दुर्गंध चली जाती है

दस्त होने पर भी तुलसी के पत्तों से फ़ायदा होता है, तुलसी के पत्तों को जीरा के साथ पिस कर चटनी की तरह चाटने से दस्त रुक जाता है 

तुलसी में एंटी बायोटिक गुण होते हैं चोट लगने पर इसके पत्तों को पीसकर लगाना चाहिए 


तो दोस्तों, ये थे तुलसी के कुछ घरेलु प्रयोग जिसके इस्तेमाल से कई बीमारियों में फ़ायदा होता है 


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25 October 2016

Himalaya Himplasia प्रोस्टेट ग्लैंड वृद्धि के लिए | Himalaya Himplasia For Prostate Gland Enlargement Treatment


प्रोस्टेट ग्लैंड बढ़ जाने पर इस्तेमाल की जाने वाली दवा हिमालया हर्बल की हिमप्लेजिया के फ़ायदे और इस्तेमाल की जानकारी 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि प्रोस्टेट ग्लैंड पुरुष प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है, यह मूत्राशय के ठीक निचे होता है और पेशाब की नली इसके बीच से होकर गुज़रती है 

हिमालया हर्बल की हिमप्लेजिया टेबलेट प्रोस्टेट ग्लैंड के साइज़ को नार्मल करने के लिए इस्तेमाल की जाती है 

प्रोस्टेट ग्लैंड को ठीक करने के लिए शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवा के बारे में मैंने एक दुसरे विडियो में बताया है जिसमे दो आयुर्वेदिक योग की जानकारी दी गयी है 

हिमालया हर्बल की हिमप्लेजिया टेबलेट हर जगह मिल जाती है जिसे कोई भी लेकर इस्तेमाल कर सकता है 



पौरुष ग्रंथि वृद्धि को बिनाइन प्रोस्टेटीक हाइपरप्लेजिया (Benign Prostatic Hyperplasia) या BPH के नाम से जाना जाता है जिसे आप पौरुष ग्रंथि की असामान्य  कह सकते हैं 

प्रोस्टेट ग्लैंड उम्र के साथ बढ़ती रहती है पर जब यह ज़्यादा बढ़ जाती है तो इसकी वजह से पेशाब की नली पर प्रेशर बढ़ता है जिसकी वजह से खुलकर पेशाब नहीं होता और मूत्राशय पूरी तरह ख़ाली नहीं होता है

इसकी वजह से पेशाब की प्रॉब्लम हो जाती है जैसे-

बार-बार पेशाब लगना ख़ासकर रात में 

पेशाब में जलन होना, पेशाब करते समय दर्द होना 

बून्द-बून्द पेशाब होना या पेशाब बंद हो जाना 

पेशाब करने के तुरंत बाद भी पेशाब लग जाना जैसे लक्षण दीखते हैं 

पेशाब रोकने की ताक़त कम जाती है

इसकी सही डायग्नोसिस अल्ट्रासोनोग्राफी से की जाती है 

इन सारी प्रॉब्लम और लक्षण को दूर करने के लिए हिमालया हर्बल की हिमप्लेजिया टेबलेट बहुत ही असरदार दवा है 

तो आईये जान लेते हैं कि इसका कम्पोजीशन क्या है -

इसमें इन सारी जड़ी बूटियों को मिलाया गया है 
गोक्षुर (Tribulus terrestris)- मूत्र रोगों को दूर करने वाली बेहतरीन जड़ी है, पेशाब साफ़ लाती है
पूतिकरंज (Caesalpinia bonducella) - प्रोस्टेट ग्लैंड के बेहतरीन दवा है 
पुगा (Areca catechu)- इसे आम बोलचाल में सुपारी भी कहते हैं, यह प्रोस्टेट के साइज़ को कम करने में मदद करती है 
शतावरी (Asparagus racemosus)- शक्ति देने वाली और यूरिनरी system पर असर करने वाली जड़ी है 
वरुण (Crataeva nurvala)- वरुण की छाल मूत्राशय, किडनी रोग और ग्लैंड की साइज़ को कम करने वाली औषधि है 
अकीक पिष्टी- ये अकीक पत्थर से बनी औषधि होती है जो की शीतलता देने वाली दवा है, Hypertension  और हार्ट के रोगों में लाभकारी है 

इसके अलावा इसमें कुछ जड़ी बूटियों का extract भी मिलाया गया है जो इस प्रकार हैं- 

बबूल (Acacia Nilotica)- मूत्र रोगों में लाभकारी 
कुल्थी (Dolichos Biflorus)- यह भी मूत्र रोगों में लाभकारी, पत्थरी और ग्लैंड को दूर करने वाले गुणों से भरपूर है, इसके बीजों की दाल बनाकर भी खायी जाती है 
घृत कुमारी (Aloe vera) - इसे एलो वेरा के नाम से जाना जाता है जो कि एक बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है 

इन 6 दवाओं के पाउडर और इन 3 जड़ी बूटियों की भावना यानि extract के मिलने से  हिमप्लेजिया टेबलेट  एक असरदार दवा बन जाती है जो प्रोस्टेट ग्लैंड को नार्मल करने की क्षमता रखती है 


अब जानते हैं  हिमप्लेजिया टेबलेट के फ़ायदे के बारे में - 

 हिमप्लेजिया टेबलेट  5- Alpha Reductase Enzyme का अवरोध करने वाली है जो BPH के ईलाज में इस्तेमाल किया जाता है 

यह प्रोस्टेट ग्लैंड के साइज़ और वज़न को कम कर देती है 

इसमें एंटी बायोटिक, एंटी inflammatory, एंटी hypertensive, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी spasmodic गुण हैं  

इसके इस्तेमाल से पेशाब खुलकर आता है 

बार-बार पेशाब होने को कम करता है 

मूत्र संक्रमण यानि Urinary Tract Infection से बचाता है जिसे UTI कहते हैं 

हिमप्लेजिया टेबलेट नेचुरल दवा की तरह प्रोस्टेट ग्लैंड को healthy बनाता है 

हिमालया हर्बल की हिमप्लेजिया टेबलेट का डोज़ - 

1 से 2 टेबलेट सुबह शाम पानी के साथ लेना चाहिए 

हिमप्लेजिया टेबलेट पूरी तरह से आयुर्वेदिक दवा है जिसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है, इसे लम्बे समय तक भी लिया जा सकता है, कई रोगियों को इसका इस्तेमाल 6 महिना तक भी कराया जाता है 

अगर इसके साथ 'चन्द्रप्रभा वटी' भी 2 -2 गोली सुबह शाम लिया जाये तो जल्दी फ़ायदा मिलता है 

तो दोस्तों, ये थी हिमप्लेजिया टेबलेट के फ़ायदे और इस्तेमाल की जानकारी. 

जिसके इस्तेमाल से बढ़े हुवे प्रोस्टेट ग्लैंड को ठीक किया जा सकता है 




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23 October 2016

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने और शीघ्रपतन की नम्बर वन दवा चरक एडीज़ोया कैप्सूल | Charak Addyzoa For Male Infertility


आज मैं बताने जा रहा हूँ चरक फार्मा की एडीज़ोया कैप्सूल के फ़ायदे और इस्तेमाल के बारे में 

एडीज़ोया कैप्सूल शीघ्रपतन को भी ठीक करता है, सेक्स पॉवर बढ़ाता है और शुक्राणुओं की संख्या, शुक्राणुओं की एक्टिविटी और उनके शेप और साइज़ में सुधार करता है 

Sperm count बढ़ाने और sperm को healthy बनाने के लिए यह बेजोड़ दवा है 
Charak Addyzoa Capsule 20 capsule price 141 INR

चरक फार्मास्युटिकल पेटेंट आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली हमारे देश भारत की जानी-मानी कम्पनी है, जो बेहतरीन आयुर्वेदिक दवाएँ बनती है और उन्ही बेहतरीन दवाओं में से एक है एडीज़ोया कैप्सूल 

यह आयुर्वेद की जानी-मानी शास्त्रीय औषधियों और जड़ी-बूटियों के मिश्रण से बनायी गयी दवा है जो पुरुषों की यौन क्षमता और प्रजनन क्षमता को सुधारती है 

इसमें पूर्णचंद्रोदय रस, मकरध्वज, शिलाजीत, कौंच बीज, गोखुरू, असगंध, विधारा जैसे पावरफुल घटक है जो अपने रसायन, एंटी ऑक्सीडेंट, बाजीकरण और पौष्टिक गुणों से पुरुषों की प्रजनन और यौन क्षमता को बढ़ाते हैं और स्वस्थ संतान की प्राप्ति में मदद करते हैं 

चरक एडीज़ोया कैप्सूल जड़ी बूटी और मिनरल्स से बना पूरी तरह से आयुर्वेदिक कैप्सूल है

इसे भी पढ़ें - शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने की दवा हिमालया स्पेमैन 

आईये अब जानते हैं कि इसमें कौन सी जड़ी-बूटी और मिनरल्स को मिलाया गया है

इसमें आठ तरह की पावरफुल दवाओं के अलावा 14 तरह की जड़ी-बूटियों का extract मिलाया गया है 


सबसे पहले एक नज़र डालते हैं उन 8 दवाओ पर जो इसमें मिलाया गया है - 
पूर्णचंद्रोदय रस - यह एक शास्त्रीय रसायन औषधि है जो कि पुरुषों के रोग के लिए सदियों से इस्तेमाल की जा रही है. यह कमज़ोरी दूर करने वाली, बल, वीर्य बढ़ाने वाली, शुक्राणु दोष मिटाने वाली, शीघ्रपतन दूर करने और सेक्स की इच्छा को जगाने वाली बेहतरीन औषधि है 

मुक्ताशुक्ति भस्म - यह मोतियों के सिप से बनी औषधि है जो कैल्शियम की कमी को दूर करने वाली, पाचन शक्ति सुधारने वाली और शरीर को पुष्टि देती है 

स्वर्णमाक्षिक भस्म - बेहतरीन शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवा है जो नेचुरल टॉनिक की तरह काम करती है 

अभ्रक भस्म - यह आयुर्वेद की बेहतरीन दवाओं में से एक है जो रसायन की तरह काम करता है, पौरुष को बढ़ाने वाला, अन्दर से शक्ति देने वाला बाजीकरण रसायन है जो सेक्स क्षमता को बढ़ाता है 

शिलाजीत- शिलाजीत एक बेहतरीन टॉनिक है जो शारीरिक और मानसिक शक्ति को बढ़ाता है और सेक्स पॉवर को इम्प्रूव करता है, इसके बारे में डिटेल जानकारी अपने चैनल पर एक विडियो में दे चूका हूँ 

मकरध्वज - मकरध्वज के गुण अपार हैं, यह शरीर के रोगों को दूर कर स्वस्थ करता है और पुरुष रोगों को दूर करने वाला, शीघ्रपतन दूर करने वाला, वीर्य विकार दूर करने वाला, Erectile डिसफंक्शन दूर करने वाला बेहतरीन रसायन है. आयुर्वेद में इसका बहुत अधिक महत्त्व है इसके चमत्कारी गुणों के कारण, पुरुषों के लिए यह बेजोड़ दवा है 

स्वर्ण वंग - पुरुष रोगों की बेहतरीन दवा है 

रस सिन्दूर - यह एक बेहतरीन रसायन औषधि है जो शरीर के हर विकार को दूर करती है 


इसके अलावा एडीज़ोया कैप्सूल में जो 14 जड़ी बूटियों का extract मिलाया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं- 

गोखुरू - यूरिनरी system पर काम करता है 
अष्टवर्ग - आठ जड़ी बूटियों का मिश्रण बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट और टॉनिक है 


सफ़ेद मुसली - सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली जानी मानी दवा है 
कोंच बीज - शीघ्रपतन दूर करने वाली और सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाने वाली दवा है 
गिलोय - बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है 
अश्वगंधा - तनाव दूर करता है और सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाता है 
विधारा - कब्ज़ दूर करने वाला, पाचन शक्ति सुधरने वाला 
आँवला - विटामिन C से भरपूर एंटी ऑक्सीडेंट है 
बला मूल - बल बढ़ाने वाला और यौन शक्ति बढ़ाता है 
शतावर - बल वीर्य बढ़ाने वाली, सेक्स पॉवर इम्प्रूव करने वाली जड़ी है 
विदारी कन्द - बल वीर्य बढ़ाता है
वाराही कन्द - पुरुष रोगों में लाभकारी 
चोपचीनी - वीर्य की गुणवत्ता सुधारने वाली, रक्त दोष दूर करने वाली औषधि है 
मुंजातक - बेहतरीन टॉनिक है, स्वास्थ सुधरता है 

आठ तरह की रसायन औषधि और 14 तरह की पावरफुल जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनी यह दवा चरक एडीज़ोया कैप्सूल पुरुष रोगों की नम्बर वन दवा है 

अब जानते हैं चरक एडीज़ोया कैप्सूल के फ़ायदे - 

यह एक हर्बल दवा है जिसमे सभी प्राकृतिक घटक मिलाये गए हैं जिनका इस्तेमाल सदियों से आयुर्वेद में किया जा रहा है 

चरक एडीज़ोया कैप्सूल पुरुष प्रजनन क्षमता को सुधारता है 

शुक्राणुओं की संख्या(sperm count), गतिशीलता(motility), गुणवत्ता(quality) और मात्रा(quantity) को सही करने में मदद करता है 
शुक्राणुओं की गतिशीलता की कमी को ठीक करता है और शुक्राणुओं आकृति और बनावट को सुधारता है 

पुरुष सेक्स हॉर्मोन testosteron के लेवल को सही करता है 

यह एक नेचुरल सेक्स पॉवर बूस्टर है, शीघ्रपतन को दूर करता है
लिंग में भरपूर तनाव लाता है और लिंग को मज़बूत बनाता है 

Erection की प्रॉब्लम को दूर करता है और टाइमिंग बढ़ाता है 
वीर्य दोष दूर कर वीर्य को गाढ़ा बनाता है 

एंटी ऑक्सीडेंट है शुक्राणुओं को नुकसान से बचाता है 

आईये अब जानते हैं चरक एडीज़ोया कैप्सूल के डोज़ के बारे में - 
जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि वीर्य की जाँच से शुक्राणुओं की संख्या का पता  चलता है 

1-1 कैप्सूल दिन में दो बार सुबह शाम लेना चाहिए 
अगर शुक्राणुओं की संख्या 10 मिलियन/ ML से ज़्यादा है 

2-2 कैप्सूल दिन में दो बार सुबह शाम 
अगर शुक्राणुओं की संख्या 10 मिलियन/ ML से कम है 

इसे मिश्री मिले हुवे दूध के साथ लेना चाहिए, अगर सुबह ख़ाली पेट लिया जाये तो अच्छा है. इसका इस्तेमाल 90 दिन या तीन महिना तक करना चाहिए

ये तो हो गया शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने का डोज़ 

अगर आप इसे सेक्स पॉवर बढ़ाने और शीघ्रपतन दूर करने और सेक्सुअल स्टैमिना को इम्प्रूव करने के लिए इस्तेमाल करना चाहें तो भी इसे 1 से 2 कैप्सूल सुबह शाम दूध के साथ ले और फिर चमत्कार देखें 

जिन लोगों का Sperm count कम है और इसे बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हों उन्हें कुछ परहेज़ भी करना चाहिए जैसे-

स्मोकिंग न करें, शराब न पियें, जंक फ़ूड न खाएं, अधिक तेल वाले और फ्राइड फ़ूड न खाएं, तनाव दूर रखे और मौसमी फल और सब्ज़ी का इस्तेमाल करना चाहिए 

इसे आप आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर या अंग्रेज़ी दवा की फार्मेसी से खरीद सकते है या ऑनलाइन भी ख़रीदा जा सकता है 

तो दोस्तों, ये थी चरक एडीज़ोया कैप्सूल के फ़ायदे और इस्तेमाल की जानकारी जिसके सेवन से न सिर्फ़ Sperm count बढ़ा सकते हैं बल्कि सेक्स पॉवर को भी इम्प्रूव कर यौन जीवन का आनंद ले सकते हैं. घर बैठे ऑनलाइन ख़रीदने के लिए यहाँ क्लिक करें  


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22 October 2016

शुक्राणु बढ़ाने की दवा हिमालया स्पेमैन | Sperm Count Badhane Ki Dava | Himalaya Speman Review


आज की बिज़ी लाइफ़ स्टाइल और खान-पान के आधुनिक तरीके और प्रदुषण की वजह से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम होना (Low Sperm Count)  और शुक्राणुओं की क्रियाशीलता  कम होना आम बीमारी हो गयी है जिसकी वजह से महिलाओं को गर्भधारण नहीं हो पाता और पुरुष पिता नहीं बन पाते

इसे भी पढ़ें - शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने और शीघ्रपतन दूर करने की आयुर्वेदिक दवा चरक एडीज़ोया कैप्सूल 

Sperm count कम होने का आयुर्वेद में सफल ईलाज है, आयुर्वेदिक दवाओं के इस्तेमाल से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाती है, शुक्राणु स्वस्थ हो जाते हैं और वीर्य के सारे विकार दूर हो जाते हैं 

इन सभी बातों को ध्यान में रख कर हिमालया हर्बल ने Speman नाम की दवा बनायीं है जो अल्पशुक्रानुता यानि Oligospermia और Infertility के  लिए बहुत ही असरदार है 

हिमालया Speman में जिन जड़ी बूटीयों  और मिनरल्स का मिश्रण है, 
आईये इस पर एक नज़र डाल लेते हैं - 


हिमालया Speman में इन जड़ी बूटियों का पाउडर मिलाया गया है 

सालब मिश्री (Orchis mascula)- पुरुषों के लिए बेहतरीन दवा है, शक्ति देने वाली, सेक्स इच्छा बढ़ाने वाली औषधि है जो वीर्य और शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाती है 

कोकिलाक्ष (Asteracantha longifolia)- इसे आम बोल चाल में तालमखाना कहते हैं, यह  यौन शक्ति बढ़ाने और वीर्य विकार दूर करने की बेहतरीन दवा है. यह एक तरह का कंटीला पौधा है जो पानी वाली जगह पर उगता है 

वन्य काहू (Lactuca serriola)- यौन शक्ति बढ़ाने वाली, वीर्य विकार दूर करने वाली पुरुष रोगों के लिए बेहतरीन दवा है 

कपिकच्छू (Mucuna pruiens) - यह भी सीमेन प्रॉब्लम को दूर करती है और यौनेक्षा बढाती है. इसका बहुत ही प्रचलित नाम कौंच बीज है जो कि सेक्स पॉवर को बढ़ाने वाली बेहतरीन दवाओं में से एक है 

स्वर्ण वंग (Swarn vang)- ऐसा खनिज है जो सोने की तरह चमक लिए होता है, वीर्य विकार दूर करता है, सेक्स पॉवर बढ़ाता है और सेक्स हॉर्मोन को बैलेंस करता है. पुरुष रोगों में इस्तेमाल की जाने वाली बेहतरीन दवा है 

और इसमें कुछ जड़ी बूटियों की भावना दी गयी है मतलब इन जड़ी बूटियों का Extract मिलाया गया है जैसे -

वृद्धदारू (Argyreia speciosa) - पुरुष रोगों और के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है 

गोखरू (Tribulus terrestris)- यौन शक्ति बढ़ाता है और मूत्र संस्थान के रोगों को दूर करता है, पेशाब साफ़ लाता है और शुक्राणुओं की एक्टिविटी को बढ़ाता है 

जीवंती (Leptadenia reticulata)- इम्युनिटी बढ़ाने वाली बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है 

शैल्यम (Parmelia perlata)- इसका इस्तेमाल मसाले में भी किया जाता है, इसे स्टोन फ्लावर, पत्थर के फूल और छड़ीला के नाम से भी जाना जाता है, पुरुषों के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद है और सेक्स पॉवर इम्प्रूव करता है 

इन सारी जड़ी-बूटियों और खनिज के मिश्रण से हिमालया Speman बहुत ही असरदार दवा बन जाती है 

आईये अब जानते हैं हिमालया Speman के फ़ायदे के बारे में - 

इसके इस्तेमाल से पुरुषों में शुक्राणुजनन क्षमता बढ़ जाती है जिसे अंग्रेज़ी में Spermatogenesis कहते हैं 

इसमें मिलने वाली नेचुरल जड़ी बूटियों की वजह से अल्प शुक्राणुता मतलब वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या की कमी को ठीक कर देता है, इस से पुरुषों में Testosteron में सुधार कर Sperm count को बढ़ा देता है 

इसके इस्तेमाल से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में भी सुधार होता है 

यह बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है और फ्री रेडिकल डैमेज से बचाता है 

हिमालया स्पेमैन सेक्सुअल परफॉरमेंस को बढ़ाता है, सेक्स इच्छा जगाने वाला बेहतरीन कामोद्दीपक है 

अल्प शुक्राणुता यानि Oligospermia और Infertility के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बेहतरीन दवा है 


हिमालया स्पेमैन का डोज़- 

2 टेबलेट दिन में दो बार लेना चाहिए 

यह बिल्कुल सेफ़ दवा है इसके इस्तेमाल से किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है. इसका इस्तेमाल लम्बे समय तक किया जा सकता है 
जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि हिमालया हर्बल की दवाएं हर जगह मिल जाती हैं. इसे आयुर्वेदिक मेडिकल या फार्मेसी से ले सकते हैं या फिर इसे आप ऑनलाइन भी ख़रीद सकते हैं कई सारी ई कॉमर्स वेबसाइट पर इसे बेचा जाता है. निचे दिए लिंक से ऑनलाइन ख़रीदें-  

तो दोस्तों, ये थी  Sperm count को बढ़ाने और Oligospermia को ठीक करने की हिमालया हर्बल की आयुर्वेदिक दवा स्पेमैन के फ़ायदे और इस्तेमाल की जानकारी  


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21 October 2016

परवल के फ़ायदे जानते हैं आप? | Parwal Ke Fayde | Health Benefits Of Pointed Gourd


परवल जिसे पटल के नाम से भी जाना जाता है इसे संस्कृत और आयुर्वेद में पटोला और अमृतफल भी कहते हैं अंग्रेज़ी में इसे Wild snake-gourd या पॉइंटेड gourd भी कहते हैं 

इसे अलग अलग भाषा में लगभग मिलते जुलते नामों से जाना जाता है जैसे बंगाली में पटोल, गुजराती में पोटाला, कन्नड़ में कद्दू-पडावाला, मलयालम में पटोलम और कट्टुपटोलम, पंजाबी में पलवल, तमिल में पेयु पडल, तेलगु में कोम्मु पोटला, भोजपुरी अवधि में परोरा, मैथिलि में परोर कहते हैं 

यह लता में होने वाली सब्ज़ी है जिसे बड़े पैमाने पर उगाया जाता है और यह मार्केट में मिलने वाली महँगी सब्ज़ियों में से एक है 

हरे रंग की धारी वाली यह सब्ज़ी कई गुणों से भरपूर है. परवल में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फास्फोरस  भरपूर मात्रा में होता है. विटामिन A और विटामिन C भी इसमें होता है जिसकी वजह यह एंटी ऑक्सीडेंट का काम भी करता है 

आयुर्वेद मतानुसार परवल त्वचा रोग और कब्ज़ को दूर करने वाली सब्ज़ी है

परवल के पत्तों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है, इसी से आप समझ सकते हैं कि इसका कितना महत्त्व है 

परवल को फ्राई कर, करी और सब्ज़ी बनाकर खाया जाता है, इसकी तरह- तरह की स्वादिष्ट रेसेपी हैं, परवल मेरी फेवरेट सब्ज़ियों में से एक है


परवल की सब्ज़ी को आप जितना कम मसाला और कम तेल के साथ खायेंगे उतना ज़्यादा फ़ायदा मिलेगा 

आईये अब जानते हैं कि परवल खाने के क्या-क्या फ़ायदे होते हैं - 

पाचन या digestion ठीक रखता है - परवल की सब्ज़ी खाने से पाचन शक्ति ठीक होती है, पचने में आसान होता है और लीवर को ताक़त देता है

कब्ज़ या constipation दूर करता है - यह फाइबर रिच सब्ज़ी है और इसके बीजों में कब्ज़ को दूर करने वाले गुण पाए जाते हैं, इस से पाचन शक्ति सुधरती है और कब्ज़ दूर होती है. अगर किसी को कब्ज़ की प्रॉब्लम हो तो इसका इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिये 

एंटी एजिंग है - एंटी ऑक्सीडेंट और विटामिन A और C की वजह से यह एंटी एजिंग का काम करता है, इसका इस्तेमाल करते रहने से आप हमेशा जवान दिख सकते हैं 

मोटापा कम करने के लिए - इसमें लो कैलोरी होती है जिसकी वजह से अगर आप इसका इस्तेमाल करेंगे तो यह वज़न कम करने में मदद करता है 

डायबिटीज के लिए - इसके बीजों में पाए जाने वाले पोषक तत्व डायबिटीज में फ़ायदा करते हैं और शुगर लेवल को कम करते हैं, इसके बीजों के साथ इसकी सब्ज़ी खानी चाहिए 


कोलेस्ट्रॉल के लिए - परवल कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी मदद करता है, जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुवा हो उन्हें इसका इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए. परवल हार्ट की बीमारीओं से भी बचाता है 

त्वचा रोग और खून साफ़ करने के लिए - जैसा कि मैंने पहले ही बताया कि आयुर्वेद के अनुसार यह रक्त शोधक यानि खून साफ़ करता है जिस से आप त्वचा विकार या चर्म रोगों से बच सकते हैं. अगर फोड़े-फुंसी या चर्म रोग हो जाये तो इसे उबाल कर या नमक और काली मिर्च के साथ फ्राई कर लगातार कुछ दिन खायेंगे तो फ़ायदा होता है 

बुखार और सर्दी जुकाम के लिए - परवल की सब्ज़ी अक्सर बुखार में दी जाती है, इसकी सब्ज़ी बुखार में बहुत फायदेमंद है. ठण्ड लगने, सर्दी-जुकाम बुखार में इसकी सब्ज़ी खाने से फ़ायदा होता है 


पेट में कीड़े होने पर - परवल की सब्ज़ी खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं 

पीलिया होने पर - पीलिया या जौंडिस होने पर परवल को उबाल कर खाने से फ़ायदा होता है 

दर्द दूर करने के लिए - सर्द दर्द या शरीर में कहीं भी दर्द हो तो इसके पत्तों को पीसकर लेप लगाने से दर्द में राहत मिलती है

परवल के पत्तों का रस सर में लगाने से गंजापन दूर होता है 

ज़ख्म होने पर इसके पत्तों को पीसकर ज़ख्म पर पट्टी बांधनी चाहिए 

इसके पत्ते और सोंठ का काढ़ा बनाकर पिने से खांसी में फ़ायदा होता है 

इसके पत्तों को चाय की तरह उबाल कर ठण्डा होने पर पिने से एसिडिटी और पेट के अल्सर में फ़ायदा होता है 

तो दोस्तों, अब आप समझ गए होंगे कि परवल के क्या क्या फ़ायदे हैं, इस सब्ज़ी को अपने भोजन में शामिल कीजिये और इसके फ़ायदे लीजिये 

19 October 2016

Himalaya Pilex Review | पाइल्स (बवासीर) की हर्बल दवा हिमालया पाईलेक्स टेबलेट और ऑइंटमेंट


पाइल्स की शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवा कान्कायण वटी और दुसरे कुछ घरेलु नुस्खे की जानकारी मैं पहले ही कुछ विडियो में बता चूका हूँ

हमारे देश में तो आयुर्वेदिक दवा और जड़ी-बूटी आसानी से मिल जाती है पर कई सारे दुसरे देशों में रहने वाले लोगों को जड़ी बूटी लाकर दवा तैयार करना आसान काम नहीं है और कई लोगों ने रिक्वेस्ट किया है कि हिमालया की दवा बताऊँ जो हर जगह आसानी से मिल जाये 

इसीलिए आज मैं आज हिमालया हर्बल की पाईलेक्स टेबलेट और ऑइंटमेंट के बारे में बताने जा रहा हूँ, हिमालया हर्बल की दवाएं इंडिया के अलावा दुनिया के 60 से ज़्यादा देशों में मिल जाती हैं 

जैसा कि आप सभी जानते हैं पाइल्स का मुख्य कारण कब्ज़ या constipation होता है, शौच के दौरान पड़ने वाले दबाव से anus और rectum के आस पास सुजन हो जाती है जो की आगे चलकर पाइल्स कर रूप ले लेता है 

ब्लीडिंग वाली बवासीर और बिना ब्लीडिंग की बवासीर जिसे खुनी और बादी बवासीर के नाम से जाना जाता है, सभी लोग जानते हैं 

कब्ज़ के अलावा कई सारे दुसरे सहायक कारण होते हैं जिनसे यह बीमारी होती है

इसके कारण और लक्षण पर ज़्यादा चर्चा न कर आईये जानते हैं हिमालया की पाईलेक्स के बारे में 

पाईलेक्स दोनों तरह के बवासीर के लिए बेहतरीन हर्बल दवा है जिसके इस्तेमाल से टॉयलेट के समय होने वाला दर्द और परेशानी कम होती है, सुजन कम करता है और ब्लीडिंग बंद करता है, बवासीर के बाहरी और अन्दर के मस्सों को सुखाता है 

आईये एक नज़र डालते हैं इसमें मिलाई जाने वाली जड़ी-बूटियों पर-

शुद्ध गुगुल (Commiphora Wightii)- दर्द दूर करने वाला और नेचुरल एंटी बायोटिक है 
शुद्ध शिलाजीत- नेचुरल टॉनिक है 
नीम के बीज (Neem seed)- नीम के गुण कौन नहीं जानता, बेहतरीन नेचुरल एंटी बायोटिक और खून साफ़ करने वाला है 
दारू हल्दी ( Berberis Aristata) - बवासीर के मस्सों की सुजन को कम करता है और एंटी बायोटिक की तरह काम करता है 
आँवला(Amla)- बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है 
हरीतकी(Terminalia chebula)- हरीतकी या हर्रे पेट साफ करती है, कब्ज़ दूर करती है और पाइल्स को जड़ से दूर करने में मदद करती है 
विभितकी ( Terminalia Bellirica)- विभितकि या बहेड़ा पाचन शक्ति ठीक कर कब्ज़ दूर करता है 
अमलतास ( Cassia fistula ) - अमलतास का गुदा कब्ज़ दूर करने और पाइल्स के लिए बेहतरीन दवा है 
कांचनार ( Bauhinia variegata )- कांचनार मस्से को सुखाने और ट्यूमर को ठीक करने में असरदार है 
नागकेशर ( Mesua Ferrea ) - anus और rectum पर असर करता है 
इन सभी जड़ी-बूटियों के मिश्रण से पाईलेक्स बहुत ही असरदार दवा बन जाती है जो की दोनों तरह के पाइल्स को जड़ से ठीक कर देता है 


पाईलेक्स टेबलेट के फ़ायदे - 

खुनी बवासीर में खून को बंद करता है और अन्दर के मस्सों को सुखा देता है

बादी बवासीर को ठीक करता है 

शौच के समय होने वाले दर्द और परेशानी को दूर करता है 

कब्ज़ को दूर पेट साफ़ करता है पाचन शक्ति ठीक करता है 

anus में होने वाली खुजली, दर्द और सुजन को ठीक कर देता है 

पाईलेक्स टेबलेट का डोज़ - 

2 टेबलेट दो से तीन बार लेना चाहिए 

यह बिलकुल सेफ दवा है किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है, इसे खाने के साथ साथ अगर इसका ऑइंटमेंट भी लगाया जाये तो जल्दी फ़ायदा होता है तो आईये अब जान लेते हैं 

पाईलेक्स ऑइंटमेंट के बारे में -

पाईलेक्स ऑइंटमेंट लज्जालु, भृंगराज, निर्गुन्डी, ज़र्गुल, कपूर, टंकण और यशद भस्म के मिश्रण से बनाया गया है जो की दर्द, जलन, सुजन और बवासीर के मस्सों में बहुत राहत देता है 

यह एंटी inflammatory, analgesic, anti histaminic, ज़ख्म भरने वाला, बवासीर के मस्सों को सुखाने वाले गुणों से भरपूर है 

इसके इस्तेमाल से टॉयलेट में आसानी होती है anus और rectum को सॉफ्ट करता है  और दर्द, जलन, सुजन और खुजली को कम करता है 
टॉयलेट के पहले और बाद में इसके एप्लीकेटर से मलद्वार में ऑइंटमेंट लगाना चाहिए 

इस्तेमाल से पहले भी एप्लीकेटर को अच्छे से धोना चाहिए और इस्तेमाल करने के बाद भी साबुन या dettol से धोकर रखें 

बल्कि अगर इसका लगातार इस्तेमाल किया जाये बीमारी जड़ से ठीक हो जाती है 

पाइल्स के रोगी कुछ परहेज़ भी ज़रूर करना चाहिए

ग़लत खान-पान और लाइफ स्टाइल भी पाइल्स का कारण होता है 
मिर्च, मसाला, चना, आलू, अचार, जंक फ़ूड, नूडल्स, ऑयली फ़ूड, नॉन वेज और कब्ज़ करने वाले खाने से परहेज़ रखना चाहिए  

पुराना चावल, मक्का, हरी पत्ते वाली सब्ज़ी, शलजम, मुली,आँवला, घी, बटर, पपीता, अंगूर वगैरह रेशेदार फल सब्ज़ी का इस्तेमाल करना चाहिए 

तो दोस्तों, ये थी  हिमालया पाईलेक्स टेबलेट और ऑइंटमेंट के फ़ायदे और इस्तेमाल की जानकारी जिसके इस्तेमाल से आप पाइल्स को बाय-बाय कह सकते हैं. इसे ऑनलाइन खरीदिये निचे दिये गए लिंक से - 


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