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10 February 2016

स्वप्नदोष का घरेलु इलाज | Swapndosh ka elaaj | Home remedy for nightfall


स्वप्नदोष युवाओं में पाई जाने वाली आम बीमारी है. इसे उर्दू में एहतलाम और अंग्रेजी में नाईट फॉल(Nightfall) कहते हैं. तो इस बीमारी पर ज़्यादा चर्चा न कर आईये जानते हैं इसका आयुर्वेदिक इलाज.

आज आपको एक बहुत ही असरकारक आयुर्वेदिक फ़ॉर्मूला बताने जा रहा हूँ जिसका निर्माण आप खुद कर सकते हैं और इसका प्रयोग कर इस समस्या से मुक्ति पा सकते हैं.

स्वप्नदोषहर योग –

इस योग का निर्माण करने के लिए ये सारी चीजें चाहिए जो निम्नलिखित हैं –

कबाब चीनी – 60 gram
आंवला – 60 gram
छोटी इलायची बीज – 30 gram
सोना गेरू - 60 gram
स्फटिक भस्म – 60 gram
प्रवाल पिष्टी – 30 gram


कबाब चीनी, आंवला, छोटी इलायची बीज और सोना गेरू का चूर्ण बना लें और उसमे स्फटिक भस्म और प्रवाल पिष्टी अच्छी तरह मिलाकर रख लिजिए. बस दवा तैयार है.



सेवन विधि-

3 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण को सुबह, दोपहर और शाम दिन में तिन बार ठंडे पानी से ले. रात में सोने से पहले त्रिफला चूर्ण एक चम्मच ले. इस योग के नियमित प्रयोग से स्वप्नदोष की समस्या से मुक्ति मिलती है. रात में त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल इस लिए करना है कि कब्ज़ न रहे. प्रयोग अवधि में पेट साफ़ रखें और दिमाग भी. मिर्च-मसाला और तीखे चीज़ों से परहेज़ रखें. मन को शांत रखें और उत्तेजक फ़ोटो, विडियो और वस्तुओं से भी परहेज़ रखें.


यहाँ आपको बता दूँ कि कबाब चीनी, छोटी इलायची, आंवला(सुखा) और सोना गेरू आपको जड़ी-बूटी बेचने वाले के यहाँ मिलेगा और स्फटिक भस्म और प्रवाल पिष्टी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर से.

इस योग के बारे कोई भी सवाल हो तो नि:संकोच हम से पूछिये कमेंट के माध्यम से. 






Home Remedy for Nightfall(Nocturnal emission)

Nightfall or nocturnal emission is the common disease of youth. It called ‘Swapndosh’ in Hindi and ‘Ehtalaam’ in Urdu language. Not to discuss more about this disease let’s know its Ayurvedic treatment.
Today I am going to tell you a very effective Ayurvedic formula which you can make yourself and can get rid of this problem.

SWAPNDOSHHAR YOG-

Following items required to make this combination-

Cubeb or Chinese cubeb- 60 gram
Dry Amla- 60 gram
Cardamom seed- 30 gram
Sona Geru- 60 gram
Asfatik Bhasma- 60 gram
Praval Pishti- 30 gram

Make powder of all things except of Asfatik Bhasma and Praval pishti(its already in powder form), then mix all properly and keep in a jar. Your medicine is ready.

How to use?

Take this medicine 3 gram thrice daily(morning, afternoon and evening) with cold water. And take one spoon Triphala Churna at night before sleeping. Continuous use of this combination removes nightfall problem. Use Triphala Churna at night to remove constipation. During use of this medicine keep your stomach clean means no constipation. And also avoid spicy foods. Keep your mind cool and avoid watching erotic pictures and videos.

You can get Asfatik Bhasma and Praval Pishti from Ayurvedic medical store and others from herb seller.

If you have any question about this combination or anything related to it, then feel free to ask through comment.




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06 February 2016

पत्थरी का घरेलु इलाज / Kidney aur bladder ki Patthri ka Gharelu elaaj / Home remedy for kidney stone



पत्थरी की बीमारी का घरेलु इलाज के बारे में आज जानेंगे. किडनी और मूत्राशय की पत्थरी से आप छुटकारा पा सकते हैं साधारण जड़ी-बूटियों से वो भी बिना ऑपरेशन. यहाँ आपको बता दूँ कि ऑपरेशन के द्वारा पत्थरी निकलवाने पर भी कुछ महीनों बाद दुबारा पत्थरी हो सकती है पर आयुर्वेदिक औषधियों से जब पत्थरी निकलती है तो दुबारा होने की सम्भावना नहीं होती, तो आईये जानते हैं पत्थरी दूर करने का कारगर घरेलु उपाय.

किडनी और मूत्राशय की पत्थरी में बाजरा का प्रयोग-


बाजरा का उपयोग किडनी और मूत्राशय की पत्थरी में उपयोगी है और कुछ दिनों तक उपयोग करने पर पत्थरी घुल-घुल कर निकल जाती है. बाजरा को तो सभी लोग जानते हैं, यह एक तरह का अन्न है जो लगभग हर जगह उगाया जाता है. इसे हिंदी में बाजरा, बजरी इत्यादि नामों से जाना जाता है. अंग्रेजी में पर्ल मिलेट Pearl Millet कहते हैं, चित्र के माध्यम से आप समझ सकते हैं-

बाजरा 


प्रयोग कैसे करना है?

उपरोक्त सफ़ेद बाजरा 200 ग्राम लीजिये और पानी से धो कर साफ़ कर लीजिये. और तिन लीटर पिने वाले पानी को उबाल लीजिये और कांच के जार में रख लें. तिन लीटर उस गर्म पानी में 200 ग्राम साफ़ किया हुवा बाजरा डाल कर अछि तरह मिला कर ढ़क्कन टाइट कर किसी गर्म जगह पर रख दें. ये काम आपको शाम में करना है और रात भर रखा रहना है. सुबह आप देखेंगे कि कांच के जार में हल्का सफ़ेद रंग का पानी है, तो इस पानी को किसी दुसरे जार या बोतल में रख लें. बस दवा तैयार है. इसी पानी को आपको दिन भर पीना है. जब भी प्यास लगे या जब भी पानी पीना है तो इसे ही पीयें. जितना चाहें आप इसे पी सकते हैं, इसकी कोई सीमा नहीं है.



रोज़ इसी तरह नया पानी बनाकर इस्तेमाल करें, बचे हुवा बाजरा(जो पानी निकलने के बाद बचेगा) का प्रयोग खाने के लिए या किसी और चीज़ के लिए कर सकते हैं. या चाहें तो पशु-पक्षियों को खिला सकते हैं. इसी तरह बाजरे के पानी का प्रयोग 10-15 दिन या एक महीना तक कीजिये. किडनी या मूत्राशय(kidney, urinary bladder) की पत्थरी अगर छोटी-छोटी है तो दस-पन्द्रह दिनों में घुल कर निकल जाती है. बड़े आकार की या 5 mm से बड़ी पत्थरी के लिए अधिक दिनों तक प्रयोग करना चाहिए और हर महीने एक्स रे या अल्ट्रासाउंड करा कर इसका साइज़ पता करना चाहिए जिससे पता चले कि फ़ायदा हो रहा है या नहीं.

इसे भी प्रयोग कर सकते हैं –

एक औषधि है ‘पथरचूर’ इसे ‘पत्थरचट्टा’ और पाषाण भेद इत्यादि नामों से जाना जाता है. इसे अंग्रेज़ी में Bryphyllum pinnatum कहते हैं. इसकी विशेषता यह है कि इसके पत्तों से भी इसके पौधे उग आते हैं. चित्र से आप समझ सकते हैं –

पत्थरचूर या पत्थरचट्टा


यह औषधि भी किडनी और मूत्राशय की पत्थरी को दूर करने में बहुत ही प्रभावी है. इसका उपयोग आप कई तरह से कर सकते हैं –

4–5 ताज़े पत्ते चबा कर खाइए सुबह-शाम. या फिर इसका जूस निकाल कर सुबह-शाम लीजिये. या आप चाहें तो इसका काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं. ताज़ा नहीं मिल सके तो इसके सूखे पत्तों का चूर्ण बनाकर भी सेवन कर सकते हैं. और चाहें तो सूखे पत्तों का काढ़ा बनाकर भी सेवन कर सकते हैं.


यहाँ YouTube विडियो में देख सकते हैं 


कुछ दिनों तक इस्तेमाल करने से किडनी या मूत्राशय की पत्थरी घुल कर निकल जाती है. 

यहाँ आपने जाना किडनी और मूत्राशय की पत्थरी की घरेलु दवा. कोई सवाल या कोई शंका हो तो हम से पूछिये. पत्थरी की शास्त्रीय आयुर्वेदि औषधि जानने के लिए कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं. 


HOME REMEDY FOR KIDNEY AND BLADDER STONE

You will know today about the treatment of kidney and bladder stone. You can get rid of kidney and urinary bladder stone without operation by using herbs. Let’s know how?

Use of Millet in kidney and urinary bladder stone-

Use of millet is very effective in kidney stone and urinary bladder stone. Continuous use of millet melts the stone and removes it. Millet is well known grain which grown around the world. It also known as ‘Pearl Millet’. Bajra or Bajri is popular name in Hindi language. You can understand it through this picture-


How to use?

Take this millet 200 gram and wash with water. Boil three liter drinking water and put in a glass jar and add 200 gram washed millet, tight the cap mix well and keep in hot place. Do it at evening and keep it full night. Next morning you will see whitish water in the jar. Keep this whitish water in another jar or in bottle. Your medicine is ready. You need to drink this water whole day. Don’t drink other water, drink only this water whenever you want. Drink as much as possible, there is no limit.

Make this daily and you can use this remaining millet for food or serve birds or animal. Drink this water 10-15 days or one month. It removes small size of stones in 10 days and bigger stones may take long time. Stones melt and come out through urine. For big size stone, you can use for long time. And check the size of stone through x-ray or sonography every month.

You can use this also-

A herb called Bryphyllum pinnatum is also useful. It called ‘Pattharchur’ or ‘Pattharchatta’ in Hindi language. It’s also commonly found plant and it’s new plant grows from it’s leaves. This is its specialty. You can understand easily with following picture-



This herb is also very effective to remove kidney and bladder stone. You can use it in many form-

Eat 4-5 fresh leaves twice daily like salad. Or make juice of its leaves and drink twice daily. Of if you want you can use it by boiling in water like tea. If fresh leaves are not available then you can use dry leaves, make powder of dry leaves and use it. Or you can make syrup of dry leaves also. Use it continue until cure.
Today you learned home remedy of kidney and urinary bladder stone. 

If you have any question or concern, then feel free to ask. You can also ask through comment for classical Ayurvedic medicine for stones. You will get reply here as soon as possible. Thanks.



02 February 2016

त्रिफला चूर्ण के फ़ायदे और इसे कैसे बनायें? Health Benefits of Triphala Churna | How to make Triphala Churna?



त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद की महान औषधियों में से एक है और इसे सदियों से प्रयोग किया जा रहा है | तो आईये जानते हैं कि इसका निर्माण कैसे किया जाता है और इसके फ़ायदे क्या हैं?

परिचय-

त्रिफला चूर्ण तीन फलों का मिश्रण है जिसमे हर्रे(बड़ी हर्रे), बहेड़ा और आंवला होता है | हरड़ या हर्रे दो प्रकार की होती है छोटी हर्रे और बड़ी हर्रे, इसमें बड़ी हर्रे का इस्तेमाल किया जाता है, इसे हरीतकी भी कहते हैं | अंग्रेज़ी में इसे Terminalia Chebula कहते हैं | चित्र के माध्यम से आप समझ सकते हैं –



बहेड़ा – बहेड़ा या विभित्की भी एक प्रकार का फल है जिसका वृक्ष होता है | इसे अंग्रेज़ी में Terminalia Bellirica कहते हैं | चित्र के माध्यम से आप समझ सकते हैं –



आंवला – आंवला को आमला, आमलकी इत्यादि नामों से भी जाना जाता है | यह प्रसिद्ध फल है जो अक्सर ताज़े रूप में सब्ज़ी विक्रेता के पास भी उपलब्ध होता है, अंग्रेज़ी में इसे Embilica Officinalis या Indian Gooseberry कहा जाता है | इसका चित्र यहाँ है –




त्रिफला चूर्ण को घर पर कैसे बना सकते हैं?

यह चूर्ण बना बनाया मार्केट से मिल जाता है पर अगर आप इसे ख़ुद घर पर बनायें तो अधिक प्रभावी रहेगा | यहाँ जो विधि मैं बताने जा रहा हूँ वो बहुत प्रभावी है और वैसा बना हुवा आपको मार्केट से नहीं मिल सकता है | साधारणतः त्रिफला चूर्ण बनाने के लिए हर्रे, बहेड़ा और आंवला तीनों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाया जाता है | पर इसका सही लाभ लेने के लिए आप इस प्रकार बनायें –



बड़ी हर्रे का छिल्का – 100 ग्राम
बहेड़ा का छिल्का – 200 ग्राम
आंवला गुठली रहित – 300 ग्राम

यहाँ छिल्का का मतलब गुठली निकाल कर उसके ऊपर का भाग लेना है | तीनों फलों में गुठली होती है, इसलिए इसे निकाल कर उपयोग करना है और तीनों फल सूखे हुवे ही लेने हैं | तो उपरोक्त मात्रा में तीनों को लेकर चूर्ण बनाकर रख लें | त्रिफला चूर्ण तैय्यार है |

मात्रा एवं प्रयोग विधि-

एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम पानी से लेना चाहिए | कब्ज़ की समस्या दूर करने के लिए एक चम्मच रात में सोते समय गर्म पानी से लेना चाहिए |

त्रिफला चूर्ण के फ़ायदे –

पाचन तंत्र के लिए – त्रिफला चूर्ण पाचन तंत्र पर बहुत प्रभावी है, कब्ज़ दूर करता है, पाचन विकार दूर करता है | आँतों को क्रियाशीलता को बढ़ाता है, गैस दूर करता है और लिवर की क्रियाशीलता को बढ़ाता है | पाचन तंत्र को पोषण देते हुवे इसे शक्तिशाली बनता है |

त्वचा के लिए – त्रिफला चूर्ण के सेवन से त्वचा विकार भी दूर होते हैं और यह त्वचा को प्राकृतिक सौन्दर्य देता है |

आँखों के लिए – इसके सेवन से आँखों की रौशनी बढ़ती है और आँखों से समस्या से बचाता है |

रक्त प्रवाह के लिए- इसका नियमित सेवन रक्त प्रवाह या Blood Circulation को सामान्य रखता है और शुद्ध रक्त बनाता है | रक्तचाप को नियमित करता है |

सुजन या शोथ में – इसका प्रयोग शरीर की आंतरिक या बाहरी सुजन को दूर करता है, पोषण की कमी या और किसी भी तरह की सुजन को कम करने में प्रभावी है |

रोग प्रतिरोधक – त्रिफला चूर्ण साधारण होते हुवे भी रसायन की तरह काम करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है |


इसका सेवन स्वस्थ व्यक्ति भी कर सकता है, नियमित सेवन से असमय बालों का सफ़ेद होना रुकता है और समय से पहले बुढ़ापा नहीं आने देता | यह वज़न भी करता है | दुबले पतले व्यक्ति का वज़न बढ़ता है अथार्त सामान्य करता है | 

बेस्ट क्वालिटी का त्रिफला चूर्ण उचित मूल्य में ऑनलाइन खरीदें हमारे स्टोर lakhaipur.in से - त्रिफला चूर्ण 100 ग्राम 

अगर संक्षेप में कहा जाये तो त्रिफल चूर्ण बहुत ही फ़ायदेमंद दवा है जिसका प्रयोग करना आसान है | बच्चे और गर्भवती स्त्री को इसका प्रयोग सावधानी पूर्वक करना चाहिए | त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद की महान औषधियों में से एक है | हमारे लिए यह प्रकृति का वरदान है, इसका उपयोग कीजिये और लाभ उठाईये | कोई प्रश्न, कोई शंका या कोई समस्या हो तो कमेंट के माध्यम से पूछिये | ऑनलाइन ख़रीदें निचे दिए गए लिंक से - 




यहाँ विडियो में देखिये 




HOW TO MAKE TRIPHALA CHURNA OR POWDER  AT YOU HOME?

This Churna or powder is readymade available in market but if you make it at home then it will be more effective. Here you will know very effective method of making Triphala Powder which is not available in market. Commonly used same quantity of all three fruits to make this but if you want maximum benefits then prepare it like this-

Terminalia Chebula(seed removed)- 100 gram
Terminalia Bellirica(seed removed)- 200 gram
India Gooseberry(seed removed)- 300 gram

We use all in dried form and seed removed(only fleshy part of fruit). So take all as above mentioned quantity or ratio, grind and make fine powder. Triphala Churna or Powder is ready!!!

DOSAGE AND USAGE-

Take it one spoon full twice daily with normal water. To remove constipation use it at night only with hot water.

HEALTH BENEFITS OF TRIPHALA POWDER-

For digestive system- Triphala Churna is very effective on digestive system, it removes constipation and corrects digestion. It increases the function and activity of intestines, removes gas and strengthens liver. It supplies essential nutrition to digestive system and strengthens it.

For Skin- Use of Triphala churna removes skin problems and it provides natural beauty for skin.

For Eyes- Use of Triphala churna improves eye sight and protects from eye disease.

For Blood Circulation- Continue usage of Triphala Churna normalizes the blood circulation and purifies the blood. These also normalize blood pressure. In Swelling- It removes internal body organ swelling and external swelling also. It removes swelling of due to lack of nutrition or any type of swelling.

For Immunity power- Triphala Churna is very good to improve immunity power, it works fine to increase immunity.


Everyone can use this medicine and can take it’s advantages. Regular use prevents hair becoming white before time and also keeps young. It loses weight also. It increases weight of lean-thin people. If I say in briefly this is very very useful medicine and easy to use. Children and pregnant women should use it carefully. This is the one of great medicine of Ayurveda. This is great gift from nature for us. Use it and take benefits. If you have any question or concern about this, feel free to ask through comment.