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24 December 2017

पुनर्नवादि गुग्गुल के फ़ायदे | Punarnavadi Guggulu Benefits & Use


पुनर्नवादि गुग्गुल क्लासिकल आयुर्वेदिक मेडिसिन है जो बॉडी में होने वाली हर तरह की सुजन को दूर करती है. जोड़ों का दर्द, गठिया, अर्थराइटिस जैसे रोगों में भी फ़ायदेमंद है. तो आईये जानते हैं पुनर्नवादि गुग्गुल का कम्पोजीशन, फ़ायदे और इस्तेमाल की पूरी डिटेल - 

पुनर्नवादि गुग्गुल जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है इसका मुख्य घटक पुनर्नवा और गुग्गुल होता है. इसके कम्पोजीशन की बात करें तो इसमें - 

पुनर्नवा, देवदार, हरीतकी और गिलोय सभी एक-एक भाग और शुद्ध गुग्गुल चार भाग का मिश्रण होता है. 

बनाने का तरीका यह है कि सभी जड़ी-बूटियों का बारीक चूर्ण बनाकर शुद्ध गुग्गुल में मिलायें और थोड़ा एरण्ड तेल मिक्स कर इमामदस्ते में कूटकर 500 मिलीग्राम की गोलियाँ बनाकर सुखाकर रख लिया जाता है. 


पुनर्नवादि गुग्गुल के गुण - 

यह तासीर में गर्म, कफ़ और वात दोष को दूर करने वाला, सुजन नाशक(Anti inflammatory) और मूत्रल या Diuretic जैसे गुणों से भरपूर होता है. 

पुनर्नवादि गुग्गुल के फ़ायदे- 

बॉडी में होने वाली सुजन को दूर करने के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है. किसी भी वजह से होने वाली सुजन को दूर करने में यह बेहद असरदार है. 

मूत्रल होने से यह पेशाब की मात्रा बढ़ाता है और बॉडी के एक्स्ट्रा पानी को निकाल देता है. यह बॉडी के टोक्सिंस को पेशाब के ज़रिये निकालता है. 

जोड़ों का दर्द, जोड़ों की सुजन, जकड़न, कमर दर्द, hydrocele, पेडू का दर्द, यूरिक एसिड वगैरह में भी इसके इस्तेमाल से फ़ायदा होता है. 

यह हार्ट और लीवर को प्रोटेक्ट करता है, ब्लड प्रेशर नार्मल करता है और किडनी फंक्शन को सही करता है. 

कुल मिलाकर देखा जाये तो सुजन और बॉडी के एक्स्ट्रा वाटर को कम करने की यह एक बेहतरीन क्लासिकल आयुर्वेदिक दवा है. 


पुनर्नवादि गुग्गुल की मात्रा और सेवन विधि - 

दो-दो गोली सुबह शाम गर्म पानी, पुनर्नवा काढ़ा या पुनर्नवारिष्ट के साथ. इसे अधिकतम चार-चार गोली तीन बार तक भी लिया जा सकता है. बच्चों को कम डोज़ में देना चाहिए. प्रेगनेंसी में इसका इस्तेमाल न करें. यह ऑलमोस्ट सेफ़ दवा होती है, कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता. 


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