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22 September 2017

पतंजलि लिव D 38 के फ़ायदे | Patanjali Liv D 38 Benefits in Hindi


जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है यह लिवर से रिलेटेड बीमारियों की दवा है, इसके इस्तेमाल से फैटी लीवर, जौंडिस, हेपेटाइटिस और लीवर की कमज़ोरी जैसे रोगों में फ़ायदा होता है. तो आईये जानते हैं इसका कम्पोजीशन, फ़ायदे और इस्तेमाल की पूरी डिटेल - 

पतंजलि लिव D 38 पूरी तरह से आयुर्वेदिक दवा है जिसमे सिर्फ़ जड़ी-बूटियों का मिश्रण है, इसमें किसी तरह का भस्म नहीं मिलाया गया है. इसके कम्पोजीशन की बात करें तो इसमें भूमि आँवला, भृंगराज, गिलोय, कालमेघ, मकोय, पुनर्नवा, अर्जुन, दारूहल्दी और कुटकी का मिश्रण होता है. 


इसमें मिलायी जाने वाली जड़ी-बूटियों के गुणों पर एक नज़र डालते हैं -

भूमि आँवला- यह लीवर और पाचन की समस्या को दूर करने की बेहतरीन दवा है.

भृंगराज - नेचुरल Antacid और हेयर ग्रोथ में भी हेल्प करता है.

गिलोय - गिलोय जिसे गुडूची और अमृता के नाम से भी जाना जाता है, अमृत के सामान गुणकारी है. लीवर और पाचन की समस्या, एसिडिटी को दूर करती है. एंटी एजिंग और बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है. 

कालमेघ और मकोय - लिवर फंक्शन को सही करने, लिवर को Detoxify करने की बेहतरीन दवा होती है. सिर्फ़ मकोय का अर्क ही लीवर को नार्मल करने की पॉवर रखता है. 

पुनर्नवा- सुजन या Inflammation को कम करने और बॉडी के Toxins को पेशाब से बाहर निकालने का काम करता है. 

अर्जुन - हार्ट को ताक़त देना और हार्ट के फंक्शन को सही करना इसका मेन काम है,यह कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है.

दारूहल्दी- खून साफ़ करने वाला और नेचुरल एंटीबायोटिक का काम करती है. यह एक तरह की पीले रंग की लकड़ी होती है, कोई दारू या शराब नहीं. 

कुटकी - लिवर फंक्शन को ठीक कर भूख बढ़ाने में मदद करती है. 

कुल मिलाकर देखा जाये तो पतंजलि लिव D 38 का कम्पोजीशन अपने आप में बेजोड़ है. 


पतंजलि लिव D 38 के फ़ायदे  - 

लिवर को हेल्दी बनाना, लिवर का फंक्शन सही करना, लिवर से Toxins को बाहर निकालना और पाचन शक्ति को ठीक करना इस दवा का काम है. 

लिवर की कमज़ोरी, फैटी लीवर, जौंडिस, हेपेटाइटिस जैसी प्रॉब्लम में इसका इस्तेमाल करना चाहिए. 

यह लिवर के डैमेज हुवे सेल्स को Regenerate करता है और लिवर को हेल्दी बनाता है. 

पतंजलि लिव D 38 के इस्तेमाल से भूख खुलकर लगने लगती है और शरीर में खून कमी भी दूर होती है. 

लिवर की कमज़ोरी के कारन खाना हज़म नहीं होना, और दस्त होने भी फ़ायदेमंद है.

लिवर की हर तरह की प्रॉब्लम में इसे यूज़ करने से फ़ायदा होता है. नार्मल आदमी भी इसे हेल्थ सप्लीमेंट या लिवर प्रोटेक्टिव मेडिसिन के रूप में ले सकता है. अगर आप बॉडी बिल्डिंग करते हैं, जिम जाते हैं तो भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. 


पतंजलि लिव D 38 की मात्रा और सेवनविधि - 

जौंडिस और हेपेटाइटिस जैसी प्रॉब्लम में दो टेबलेट रोज़ तीन बार तक खाना खाने से पहले लेना चाहिए. 

नॉर्मली  इसे एक टेबलेट रोज़ दो बार लेना चाहिए. अगर लीवर की कोई प्रॉब्लम नहीं हो तो इसे रोज़ एक टेबलेट लिवर प्रोटेक्टर के रूप में ले सकते हैं. बच्चों को कम डोज़ में देना चाहिए. इसका सिरप भी यूज़ कर सकते हैं. यह बिल्कुल सेफ़ दवा है, किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट या नुकसान नहीं होता है. 60 टेबलेट की क़ीमत क़रीब 70 रुपया है, इसे पतंजलि स्टोर से या फिर ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है.

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