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30 मार्च 2017

Divya Chitrakadi Vati Review | चित्रकादी वटी गैस और पेट की प्रॉब्लम की आयुर्वेदिक दवा


चित्रकादी वटी एक शास्त्रीय दवा है जिसके इस्तेमाल से Digestion की प्रॉब्लम, पेट की आँव, गैस, पेट का दर्द, भूख की कमी और कब्ज़ जैसी बीमारियाँ दूर होती हैं

चित्रकादी वटी के कम्पोजीशन की बात करें तो इसमें चित्रक, अजमोद, काली मिर्च, चव्य, हिंग, पिप्पली, पिपरामुल, सांभर नमक, समुद्र नमक, कला नमक, सेंधा नमक, सज्जी क्षार, सोंठ, विड नमक और जौ क्षार सभी को बराबर वज़न में लेकर चूर्ण बनाकर निम्बू के रस या अनार के रस में खरल कर मटर के बराबर की गोलियां बनाकर सुखाकर रखा जाता है

चित्रकादी वटी के फ़ायदे-

अगर चित्रकादी वटी के गुण की बात करें तो यह आमपाचक, एंटी Spasmodic और Digestive Stimulant है

चित्रकादी वटी के इस्तेमाल से भूख नहीं लगना, गैस, कब्ज़, पेट का भारीपन, पेट फूलना जैसी प्रॉब्लम दूर होती है

पेट की आँव या म्यूकस को दूर करती है और किसी भी कारन से म्यूकस बनने को रोकती है, पेचिस में भी फ़ायदेमंद है

मुँह का स्वाद ठीक नहीं लगना, ज़बान पर सफ़ेद कोटिंग होना, खाने की इच्छा नहीं होना जैसी प्रॉब्लम में इसका इस्तेमाल करना चाहिए

यह पेट में अम्ल स्राव और पित्त स्राव को बढ़ाकर पाचन ठीक करने में मदद करती है


चित्रकादी वटी की मात्रा और सेवन विधि- 

1 से 2 गोली दिन में 2-3 बार खाना खाने के बाद लेना चाहिए. इसे लोजेंस की मुँह में रखकर चूस भी सकते हैं

नोर्मल्ली या सेफ़ दवा है किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है. पित्त बढ़ा हुवा, एसिडिटी या हाइपर एसिडिटी में इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

पतंजलि की दिव्य फ़ार्मेसी, बैद्यनाथ, डाबर जैसी कई सारी कंपनियां इसे बनाती है, आयुर्वेदिक मेडिकल से या फिर ऑनलाइन ख़रीदें, घर बैठे निचे दिए लिंक से -




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